✕

होम / बिजनेस / ऑटो पार्ट्स कंपनियों को ग्लोबल बनने की सलाह, पीयूष गोयल बोले- भारत से बाहर मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाएं

ऑटो पार्ट्स कंपनियों को ग्लोबल बनने की सलाह, पीयूष गोयल बोले- भारत से बाहर मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाएं

नए व्यापार समझौतों से 38 विकसित अर्थव्यवस्थाओं तक पहुंच मिली, अब घरेलू कंपनियों को वैश्विक कारोबार और उच्च मूल्य वाले उत्पादों पर करना होगा फोकस

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ऑटो कंपोनेंट कंपनियों से घरेलू बाजार तक सीमित रहने के बजाय वैश्विक स्तर पर विस्तार करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों को विकसित देशों में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने, वैश्विक आपूर्ति शृंखला में अपनी भूमिका मजबूत करने और कम मूल्य वाले पुर्जों से आगे बढ़कर उच्च मूल्य वाले एकीकृत समाधान विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए.

नई दिल्ली में ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ACMA) के 66वें वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारतीय ऑटो कंपोनेंट उद्योग का अंतरराष्ट्रीय कारोबार करीब 50 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच रहा है. इसमें आयात और निर्यात का हिस्सा लगभग बराबर है.

उन्होंने कहा, "स्थानीय कारोबार को वैश्विक कारोबार में बदलें." गोयल के मुताबिक, भारतीय कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी साझेदारी के जरिए वैश्विक स्तर की गुणवत्ता वाले उत्पाद प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बनाने की क्षमता साबित की है. अब इस क्षमता का इस्तेमाल वैश्विक कंपनियां बनाने में किया जाना चाहिए.

38 विकसित अर्थव्यवस्थाओं में बढ़ी पहुंच

गोयल ने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों में सरकार की ओर से किए गए नौ व्यापार समझौते 38 विकसित अर्थव्यवस्थाओं को कवर करते हैं. इन देशों की संयुक्त अर्थव्यवस्था करीब 60 लाख करोड़ डॉलर की है. इन समझौतों से भारतीय कंपनियों को बड़े और अपेक्षाकृत समृद्ध बाजारों तक पहुंच मिली है.

उन्होंने कहा कि इन समझौतों के जरिए भारतीय विनिर्माण और वैश्विक बाजारों के बीच बेहतर तालमेल की संभावनाएं बनी हैं. ACMA ने भी व्यापार वार्ताओं में भारतीय ऑटो कंपोनेंट्स के लिए शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच की मांग करने के साथ घरेलू बाजार को भी पारस्परिक रूप से खोलने का समर्थन किया है.

गोयल ने कहा कि भारतीय ऑटो कंपोनेंट उद्योग दुनिया की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम है और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है.

ऑटो उद्योग में बनी हुई मजबूत मांग

गोयल के अनुसार, ऑटो कंपोनेंट क्षेत्र दोहरे अंक की दर से बढ़ रहा है, जबकि व्यापक ऑटोमोबाइल उद्योग की वृद्धि दर भी ऊंची दोहरे अंक में है. उन्होंने कहा कि इस साल यात्री वाहनों की बिक्री करीब 50 लाख इकाइयों तक पहुंच सकती है.

उन्होंने कहा कि मौजूदा मांग वास्तविक है और केवल कंपनियों के पास जमा अतिरिक्त स्टॉक की वजह से नहीं है. इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग भी मजबूत बनी हुई है और कुछ मॉडलों के लिए छह महीने तक की प्रतीक्षा अवधि देखी जा रही है.

आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने पर जोर

गोयल ने ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं से उन क्षेत्रों की पहचान करने को कहा जहां भारत अभी भी आयात पर निर्भर है. उन्होंने कंपनियों से सक्रिय रूप से घरेलू उत्पादन बढ़ाने और स्थानीयकरण कार्यक्रम चलाने की अपील की, ताकि भविष्य में वैश्विक आपूर्ति शृंखला में आने वाले व्यवधानों का असर कम किया जा सके. उन्होंने कहा कि विशेष इस्पात, तकनीकी वस्त्र और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में सरकार की पहल का उद्देश्य घरेलू औद्योगिक क्षमता को मजबूत करना है.

सरकार 20 औद्योगिक और स्मार्ट शहर परियोजनाओं पर भी काम कर रही है. गोयल ने कहा कि जरूरत पड़ने पर ऑटो कंपोनेंट विनिर्माण के लिए समर्पित औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा सकते हैं. अमेरिका-भारत ऑटोमोटिव साझेदारी के लिए प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं वाले विशेष औद्योगिक पार्क बनाने की संभावना पर भी विचार किया जा सकता है.

पुर्जों से आगे बढ़कर एकीकृत समाधान बनाने की जरूरत

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारतीय कंपनियों को सिर्फ अलग-अलग ऑटो पार्ट्स की आपूर्ति तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उन्हें ऐसे एकीकृत और उच्च मूल्य वाले समाधान विकसित करने चाहिए, जिन्हें भारत में डिजाइन, निर्मित और फिर वैश्विक बाजारों में निर्यात किया जा सके.

उन्होंने प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अधिक इस्तेमाल पर भी जोर दिया. खासकर गुणवत्ता नियंत्रण, ग्राहकों की जरूरतों को समझने और उत्पादन प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में एआई की भूमिका बढ़ाई जा सकती है.

गोयल ने वाहन सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देने और अमेरिका तथा यूरोप जैसे बाजारों में बढ़ती कस्टमाइज्ड वाहनों की मांग के अनुरूप उत्पाद विकसित करने की जरूरत भी बताई.

वाहन कबाड़ नीति को आर्थिक रूप से आकर्षक बनाने की जरूरत

पुराने वाहनों को कबाड़ में बदलने के मुद्दे पर गोयल ने कहा कि सरकार और उद्योग को मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिससे पुराने वाहन को कबाड़ में देने के बाद नया वाहन खरीदना उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक रूप से आकर्षक हो.

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से प्रोत्साहन देने की कोशिश की गई है, लेकिन वाहन निर्माता और उद्योग के अन्य हिस्सेदारों को भी पुराने वाहनों के लिए उचित मूल्य उपलब्ध कराना होगा.

अमेरिका के साथ ऑटो क्षेत्र में बढ़ सकता है सहयोग

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने दोनों देशों के संबंधों को "ऐतिहासिक ऊंचाई" पर बताते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर भविष्य की गतिशीलता व्यवस्था तैयार कर रहे हैं. उन्होंने भारतीय ऑटो कंपोनेंट कंपनियों को अमेरिका में निवेश बढ़ाने की सलाह दी. इसमें नई विनिर्माण इकाइयां, अनुसंधान एवं विकास केंद्र और वितरण नेटवर्क स्थापित करना शामिल है.

गोर ने अमेरिका में भारत की भारत फोर्ज, सुंदरम क्लेटन और महिंद्रा जैसी कंपनियों की मौजूदगी का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच दवा, रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ रहा है.

भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते से नए अवसर

पश्चिमी भारत के लिए ब्रिटेन के उप उच्चायुक्त और दक्षिण एशिया के व्यापार आयुक्त हरजिंदर कांग ने कहा कि ऑटोमोबाइल और भविष्य की गतिशीलता ब्रिटेन की उन्नत विनिर्माण रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.

उन्होंने 15 जुलाई से लागू हुए भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे ऑटो कंपोनेंट्स के लिए शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी और आपूर्ति शृंखला साझेदारी तथा संयुक्त उपक्रमों को बढ़ावा मिलेगा.

कांग के मुताबिक, समझौते ने बड़ी संख्या में शुल्क दरों को कम या समाप्त किया है और दोनों देशों के बीच सीमा शुल्क तथा सीमा संबंधी प्रक्रियाओं को भी आसान बनाया है.

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक मोटर, बैटरी, हाइड्रोजन प्रणाली, हल्के मिश्रित पदार्थ और सॉफ्टवेयर आधारित वाहन तकनीक जैसे क्षेत्रों में ब्रिटेन की विशेषज्ञता भारतीय निर्माताओं के लिए सहयोग के नए अवसर पैदा कर सकती है.

500 अरब डॉलर का उद्योग बनाने का लक्ष्य

गोयल ने कहा कि भारत के बढ़ते व्यापार समझौते और घरेलू विनिर्माण को मिल रहा सरकारी समर्थन ऑटो कंपोनेंट उद्योग को 500 अरब डॉलर का उद्योग बनाने की महत्वाकांक्षा को पूरा करने में मदद कर सकता है.

हालांकि, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार और उद्योग के बीच लगातार संवाद जरूरी है. उन्होंने उद्योग जगत से अपनी समस्याओं, सुझावों और सुधारों की जरूरतों को सरकार के सामने रखने की अपील की. गोयल ने कहा, "हमें आपके विचार चाहिए. हमें आपके सुझाव चाहिए. हमें आपकी मांगें चाहिए."


टैग्स
सम्बंधित खबरें

शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,233 अंक उछला; निवेशकों की दौलत में ₹8 लाख करोड़ का इजाफा

सोमवार, 2 नवंबर को बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में जोरदार तेजी दर्ज की गई. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 75,692 और निफ्टी 23,440 के स्तर को पार कर गए. दोनों प्रमुख सूचकांक लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए.

9 hours ago

विदेशी और MF निवेशकों को मिल सकती है टैक्स राहत, सेबी ने सरकार को भेजा प्रस्ताव

इस प्रस्ताव का उद्देश्य निवेशकों को म्यूचुअल फंड में निवेश बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना है. मौजूदा व्यवस्था में एक स्कीम से दूसरी स्कीम में स्विच करने को यूनिट्स की बिक्री माना जाता है और इस पर लागू नियमों के अनुसार कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है.

13 hours ago

हरियाणा में 500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना, स्टीमहाउस इंडिया ने सरकार के साथ किया समझौता

इस समझौते के तहत राज्य के औद्योगिक क्लस्टर में सामुदायिक बॉयलर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर विचार किया जाएगा.

14 hours ago

IDBI को खरीदने के लिए IDBI की पूंजी का इस्तेमाल करेगी फेयरफैक्स?

फेयरफैक्स, IDBI बैंक का नियंत्रण हासिल करने के लिए 52,878 करोड़ रुपये का भुगतान कर रहा है. लेकिन इसके चेयरमैन प्रेम वत्सा ने निवेशकों से कहा है कि IDBI खुद फेयरफैक्स के बीमा और वित्तीय सेवा कारोबार को खरीदने के लिए नकद भुगतान करेगा. फेयरफैक्स ने इस रकम को उन स्रोतों में भी शामिल किया है, जिनसे वह अधिग्रहण के लिए भुगतान करेगी.

15 hours ago

मार्च 2027 तक 6.75-7% तक आ सकती है 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड: SBI रिसर्च

SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, अगर RBI रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 6 फीसदी तक पहुंचा देता है, तब भी 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6.75 से 7 फीसदी के दायरे में रह सकती है.

15 hours ago


बड़ी खबरें

शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,233 अंक उछला; निवेशकों की दौलत में ₹8 लाख करोड़ का इजाफा

सोमवार, 2 नवंबर को बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में जोरदार तेजी दर्ज की गई. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 75,692 और निफ्टी 23,440 के स्तर को पार कर गए. दोनों प्रमुख सूचकांक लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए.

9 hours ago

कैंसर की 543 दवाएं होंगी सस्ती, 9 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें; मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

इस व्यवस्था के तहत कई प्रमुख कैंसर दवाओं की कीमतों में कमी की गई है. इनमें 20 से अधिक प्रकार के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली इम्यूनोथेरेपी दवाएं शामिल हैं.

10 hours ago

विदेशी और MF निवेशकों को मिल सकती है टैक्स राहत, सेबी ने सरकार को भेजा प्रस्ताव

इस प्रस्ताव का उद्देश्य निवेशकों को म्यूचुअल फंड में निवेश बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना है. मौजूदा व्यवस्था में एक स्कीम से दूसरी स्कीम में स्विच करने को यूनिट्स की बिक्री माना जाता है और इस पर लागू नियमों के अनुसार कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है.

13 hours ago

AAAI ने बनाई मीडिया काउंसिल, WPP, ओमनीकॉम, पब्लिसिस, हवास और मैडिसन के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल

भारतीय विज्ञापन एजेंसियों का संगठन AAAI मीडिया इंडस्ट्री के सामने उभरती चुनौतियों पर चर्चा और आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए नई मीडिया काउंसिल बनाएगा. ओमनीकॉम मीडिया के कार्तिक शर्मा को काउंसिल का अध्यक्ष बनाया गया है.

14 hours ago

मार्च 2027 तक 6.75-7% तक आ सकती है 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड: SBI रिसर्च

SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, अगर RBI रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 6 फीसदी तक पहुंचा देता है, तब भी 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6.75 से 7 फीसदी के दायरे में रह सकती है.

15 hours ago