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क्या अब Auto Sector में धमाल मचाएंगे Mukesh Ambani? सामने आई ये बड़ी खबर

ऑटो सेक्टर से एक बड़ी खबर सामने आई है. MG मोटर अपने भारतीय कार बिजनेस की अधिकांश हिस्सेदारी बेचना चाहती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

मुकेश अंबानी टेलीकॉम की तरह अब एक और सेक्टर में धमाल मचाने की तैयारी कर रहे हैं. एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ऑटो सेक्टर में एंट्री ले सकती है. यदि ऐसा होता है, तो इस सेक्टर में पहले से मौजूद कंपनियों की परेशानी बढ़ना लाजमी है. क्योंकि अंबानी जिस बिजनेस में हाथ डालते हैं, सफलता के झंडे गाड़ देते हैं. उनकी आमद के साथ ही प्राइज वॉर भी शुरू हो जाती है. पहले टेलीकॉम और फिर सॉफ्ट ड्रिंक मार्केट में हम यह देख चुके हैं.   

ये कंपनियां हैं दौर में
रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन दिग्गज ऑटो कंपनी SAIC के स्वामित्व वाली एमजी मोटर (MG Motor) अपने भारतीय कार बिजनेस में अधिकांश हिस्सेदारी बेचना चाहती है. MG मोटर ने इक्विटी की बिक्री के लिए कई कंपनियों से अग्रिम दौर की बातचीत भी शुरू कर दी है. जिन कंपनियों से बातचीत की जा रही है उसमें हीरो ग्रुप, प्रेमजी इंवेस्ट और JSW ग्रुप के साथ-साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज का नाम भी शामिल है. 

जल्द सील होगी डील 
MG इस साल के आखिर तक इस डील को क्लोज करना चाहती है. दरअसल, MG मोटर को अगले चरण के विस्तार के लिए फंड की जरूरत है और इसलिए कंपनी अपनी हिस्सेदारी बेचकर पैसा जुटाना चाहती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि MG अपनी हिस्सेदारी के वैल्यूएशन को लेकर कुछ भारतीय कंपनियों से मोलभाव कर रही है. MG ऐसी कंपनी के साथ डील फाइनल करेगी, जो उसकी हिस्सेदारी का आकर्षक वैल्यूएशन दे और उसका विश्वसनीय पार्टनर बन सके.   

क्या है हिस्सेदारी बेचने की वजह? 
MG मोटर की गाड़ियों को भारत में पसंद किया जा रहा है. MG Hector ने मार्केट में अपनी एक अलग जगह बना ली है. ऐसे में यह सवाल लाजमी हो जाता है कि कंपनी अपनी हिस्सेदारी क्यों बेचना चाहती है? दरअसल, गलवान घाटी हिंसा के बाद से चीन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी कंपनियां सरकार के रडार पर हैं. इन कंपनियों के लिए नए निवेश की मंजूरी प्राप्त करना काफी कठिन हो गया है. बताया जा रहा है कि MG Motor अपनी पैरेंट कंपनी से फंड जुटाने के लिए करीब 2 साल से सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रही है, लेकिन अभी तक सफल नहीं हो सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए उसने पूंजी जुटाने के अन्य विकल्पों की तलाश शुरू कर दी है.

ये है कंपनी की योजना
एमजी मोटर इंडिया की तरफ से कहा गया है कि कंपनी ने अगले 2-4 सालों में स्थानीय पार्टनर्स और इंवेस्टर्स को Majority Stake देने की योजना बनाई है, क्योंकि उसे भारत में अपनी ग्रोथ के अगले चरण के लिए फंड की जरूरत है. कंपनी करीब 5000 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है. हालांकि, MG मोटर ने यह साफ नहीं किया कि उसकी किन कंपनियों से बातचीत चल रही है और क्या रिलायंस इस दौड़ में शामिल है.
 


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