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Top Car Selling States: इन 5 राज्यों में बिकीं अधिक कारें, जानें किन States में कम डिमांड

रिपोर्ट में बताया गया है कि अभी भी 54 प्रतिशत भारताय परिवार ऐसे हैं, जिनके पास सिर्फ स्कूटर है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्ली: त्योहारी सीजन में कारों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है. फाइनेंशियल ईयर 2022-23 की पहली छमाही रिपोर्ट के अनुसार भारत में 14 लाख नई कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नई कारों की डिमांड सबसे अधिक किन राज्यों में है. लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार 14 लाख नई कारों में से अकेले 5,40,000 कारों का रजिस्ट्रेशन पांच सबसे अमीर राज्यों दिल्ली, कर्नाटक, हरियाणा, तेलंगाना और गुजरात में हुआ है. इन राज्यों की कुल हिस्सेदारी 37.8 प्रतिशत है.

पांच सबसे गरीब राज्यों में क्या स्थिति
वहीं, पांच सबसे गरीब राज्यों ओडिशा, असम, झारखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार की हिस्सेदारी सिर्फ 18.9 प्रतिशत रही. वाहन डैशबोर्ड ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उनके अनुसार पांच सबसे गरीब राज्यों की तुलना में पांच सबसे अमीर राज्यों में यात्री वाहनों का दोगुना रजिस्ट्रेशन हुआ है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इसबार एसयूवी की डिमांड बहुत ज्यादा है. 

कितनी फीसदी फैमिली के पास अभी भी कार नहीं
आपको बता दें कि सबसे अमीर और सबसे गरीब राज्यों की रैंकिंग प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद के आधार पर की जाती है, जो जनसंख्या से विभाजित सभी वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य है. पहली छमाही रिपोर्ट के अनुसार, कारों की बिक्री में तेजी आई है, लेकिन अभी भी 54 प्रतिशत भारताय परिवार ऐसे हैं, जिनके पास सिर्फ स्कूटर है. वहीं, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 5 के आंकड़ों से भी यह स्पष्ट हुआ है कि यात्री वाहनों के मालिकाना हक में वृद्धि हुई है.

कार लोन की वजह से खरीददारों की संख्या बढ़ी
2005-06 की बात करें तो सिर्फ 2.5 प्रतिशत परिवारों के पास ही चार पहिया वाहन थे, जो 2020-21 में बढ़कर 8 प्रतिशत हो गया है. इसके पीछे एक बड़ा कारण आसानी से कार लोन का मिल जाना भी है. यदि किसी व्यक्ति के पास अलग-अलग लोन है तो उसमें एवरेज 12 प्रतिशत कार लोन है. 

क्या कहते हैं 6 साल के आंकड़े
पिछले 6 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2017-18 में शीर्ष 5 राज्यों में नई कारों के रजिस्ट्रेशन की हिस्सेदारी 36.8 फीसदी थी, तो वहीं सबसे गरीब 5 राज्यों की हिस्सेदारी 18.2 फीसदी थी. इसी तरह 2018-19 में सबसे अमीर 5 राज्यों की हिस्सेदारी 36.1 फीसदी, 2019-20 में 35.8 फीसदी, 2020-21 में 35.5 फीसदी और 2021-22 में 35.6 फीसदी थी. 2022-23 में यह हिस्सेदारी बढ़कर 37.8 फीसदी हो गई है.

गरीब राज्यों की हिस्सेदारी और घटी
2018-19 में सबसे गरीब 5 राज्यों की हिस्सेदारी 19.3 फीसदी, 2019-20 में 20.3 फीसदी, 2020-21 में 20.4 फीसदी और 2021-22 में 20.4 फीसदी थी. 2022-23 की पहली छमाही रिपोर्ट में ये हिस्सेदारी घटकर 18.9 फीसदी हो गई है. यानी अमीर राज्यों में नई कारों की बिक्री में इजाफा हुआ है, जबकि गरीब राज्यों में नई कारों की डिमांड कम हुई है.

VIDEO : आ गई देश की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार


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