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Apple के इस प्रोजेक्ट पर ताला, खबर सुनकर मुस्कुरा दिए होंगे Musk; आखिर क्या है कनेक्शन? 

दिग्गज टेक कंपनी एपल ने अरबों खर्च करने के बावजूद अपने EV प्रोजेक्ट को बंद कर दिया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

दिग्गज टेक कंपनी एपल (Apple) अपने इलेक्ट्रिक कार प्रोजेक्ट को बंद करने का फैसला लिया है. कंपनी पिछले एक दशक से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी, अब अचानक उसने इसे बंद करने का फैसला लिया है. बताया जा रहा है कि कंपनी अभी तक कोई फिजिकल प्रोटोटाइप भी तैयार नहीं कर पाई थी. बता दें कि EV की डिमांड में पिछले कुछ समय में तेजी देखने को मिली है. ऐसे में Apple का इस प्रोजेक्ट को बंद करना सभी के लिए हैरान करने वाला है. 

अरबों हो चुके हैं खर्च
Apple के पहले EV प्रोजेक्ट 'टाइटन' को बंद करने के फैसले से उससे जुड़े कर्मचारी प्रभावित होंगे. स्पेशल प्रोजेक्ट ग्रुप (SPG) के करीब 2000 कर्मचारी इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे, अब उनका भविष्य क्या होगा स्पष्ट नहीं है. हालांकि, बताया जा रहा है कि SPG के सभी कर्मचारियों को जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिवीजन में शिप्ट किया जाएगा. अमेरिका की यह दिग्गज कंपनी 2015 में शुरू हुए अपने इस प्रोजेक्ट पर अरबों डॉलर खर्च कर चुकी है. अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि कंपनी ने प्रोजेक्ट पर ताला लगाना का निर्णय क्यों लिया. 

कई बार बदली लॉन्च डेट
कंपनी पूरी तरह से ऑटोमेटिक और वॉयस कमांड पर चलने वाली EV कार बनाना चाहती थी. कंपनी की योजना 2028 तक एक लाख डॉलर यानी करीब 82.90 लाख रुपए की कीमत में इस कार को लॉन्च करने की थी. हालांकि, इससे पहले एपल ने अपनी पहली EV की लॉन्चिंग डेट को कई बार रीशेड्यूल किया था. 2019, 2020, 2026 के बाद कंपनी ने कार को बाजार में उतारने के लिए साल 2028 चुना था, लेकिन अब उसने अपने कदम ही वापस खींच लिए हैं. खबरों के मुताबिक, कंपनी के बोर्ड की तरफ से Apple CEO टिम कुक पर काफी दबाव था. उनसे प्रोजेक्ट पर जल्द कोई ठोस प्लान तैयार करने या प्रोजेक्ट को बंद करने का दबाव था.

टेस्ला को नहीं मिलेगी चुनौती
वहीं, Apple के इस फैसले से Elon Musk की टेस्ला जरूर खुश होगी. क्योंकि उसके लिए अब एक संभावित प्रतिद्वंदी खत्म हो गया है. टेस्ला अमेरिका की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार कंपनी है. यदि एपल इलेक्ट्रिक कारों के बाजार में कदम रखती, तो निश्चित तौर पर टेस्ला का बाजार प्रभावित हो सकता था.  बता दें कि Apple 2.82 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है. जबकि टेस्ला 636 बिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी कंपनी है. इस मामले में पहले नंबर पर माइक्रोसॉफ्ट है.


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