✕

होम / यूटिलिटी / क्‍या फिर महंगा हो सकता है आटा, जानिए क्‍या कह रहे हैं एक्‍सपर्ट? 

क्‍या फिर महंगा हो सकता है आटा, जानिए क्‍या कह रहे हैं एक्‍सपर्ट? 

इससे पहले फरवरी में ही तापमान के बढ़ जाने के कारण गेहूं के कम उत्‍पादन की आशंका जताई जा रही थी लेकिन मार्च आखिरी सप्‍ताह में हुई इस बारिश के बाद क्‍या इसकी और संभावना बढ़ गई है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

देश में इस बार गेहूं का उत्‍पादन पर्याप्‍त पैमाने पर होने की भविष्‍यवाणी के बीच फरवरी से लेकर मार्च के बीच जो घटनाक्रम घटा है उसके बाद एक बार फिर ये इस बात की संभावना जताई जा रही है कि क्‍या इन प्राकृतिक परेशानियों का असर इस बार के गेहूं उत्‍पादन पर पड़ने जा रहा है. क्‍या देश में फिर से आटा महंगा हो सकता है.  पहले फरवरी में तापमान बढ़ने के कारण गेहूं की फसल पर इसका असर पड़ता हुआ दिख रहा था तो वहीं दूसरी ओर मार्च के आखिरी सप्‍ताह में हुई बारिश ने इस संभावना को और बढ़ा दिया है. 


क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट 
सीनियर कमोडिटी एक्‍सपर्ट अजय केडिया कहते हैं कि पिछले साल हमने देखा था  कि कई कारणों के कारण बाजार में तेजी देखने का मिली थी. लेकिन इस बार अनसीजनल रेन के कारण भी असर पड़ सकता है. वैसे मार्च के बाद ही गेहूं की कटाई शुरु होती है, बताया जा रहा है कि पंजाब में गेहूं की फसल को 30 से 40 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है तो अभी जो फसल आएगी इसका उसपर असर पड़ सकता है. जिसकी वजह से कीमतों को सपोर्ट मिलना चाहिए. इससे पहले सरकार ने FCI के माध्‍यम से बाजार में गेहूं की बिक्री बढ़ा दी थी जिसके कारण कीमतों में कमी आई है. लेकिन अनसीजनल रेन और जो ओला वृष्टि हुई है, जिसकी वजह से सभी फसलों को असर पड़ा है. खासतौर पर गेहूं को असर पड़ा है. 

क्‍या सरसों पर भी पड़ा है असर 
अजय कहते हैं कि मुझे नहीं लगता कि सरसों के कारण इतना ज्‍यादा असर पड़ने वाला है. हमारी क्रॉप साइज में लगातार इजाफा हो रहा है. दूसरा ये कि पिछले दो साल में जो तेजी आई थी उसके कई और कारण थे. इसमें पहला कोविड था और दूसरा पिछले साल शुरू हुआ रसिया यूक्रेन युद्ध था. जिसके कारण सप्‍लाई चेन प्रभावित हो गई थी. लेकिन अभी ऐसा कुछ नहीं दिखाई दे रही है. इस बारिश का मतलब ये नहीं है कि पूरी क्रॉप ही खराब है. सरसों की फसल बहुत अच्‍छी हुई है अगर एडिबल ऑयल को देखें तो सोया की क्रॉप भी बहुत अच्‍छी थी. इसलिए मुझे लगता है ऑयल फील्‍ड पर कोई बहुत ज्‍यादा असर नहीं पड़ेगा. 

कितना लगाया गया है गेहूं उत्‍पादन का अनुमान 
इस साल देश में गेहूं के ज्‍यादा उत्‍पादन का अनुमान लगाया गया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस साल देश में 11.2 करोड़ मीट्रिक टन गेहूं का उत्‍पादन होने की संभावना है. इस उत्‍पादन के पीछे देश में ज्‍यादा उपज वाली फसलों की पैदावार को वजह बताया जा रहा है. इस साल पिछले साल के रबी सीजन में पैदा हुई फसलों के मुकाबले 50 लाख टन ज्‍यादा होने की उम्‍मीद जताई जा गई है. इस साल  देश में गेहूं का रकबा 3.3 करोड़ हेक्‍टेयर था,  जिसमें देश में सबसे प्रमुख राज्‍यों में पंजाब, हरियाणा उत्‍तर प्रदेश, मध्‍य प्रदेश राजस्‍थान, जैसे ऐसे राज्‍य शामिल हैं जहां सबसे ज्‍यादा गेहूं की पैदावार होती है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

SIR के बाद मतदाता सूची से छूटे नाम जोड़ने के लिए चुनाव आयोग का विशेष अभियान, एक महीने में पूरा होगा सत्यापन

एसआईआर के बाद मतदाता सूची से छूटे नाम जोड़ने के लिए चुनाव आयोग का विशेष अभियान, एक महीने में पूरा होगा सत्यापन

3 days ago

अक्टूबर की शुरुआत में महंगाई का झटका, कमर्शियल LPG ₹62.50 महंगा; ATF के दाम भी बढ़े

कमर्शियल एलपीजी का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में होता है. ऐसे में कीमत बढ़ने से इन कारोबारों की परिचालन लागत बढ़ सकती है.

6 days ago

दिवाली-छठ पर घर जाने वालों को राहत, रेलवे ने तैयार किया 3000 स्पेशल फेरों का प्लान

नॉर्दर्न रेलवे ने अब तक 832 फेरों के लिए स्पेशल ट्रेनों का ऐलान किया है. इसके अलावा दूसरे रेलवे जोन से करीब 155 फेरे ऐसी स्पेशल ट्रेनों के होंगे, जो दिल्ली आएंगी और नॉर्दर्न रेलवे के जरिए संचालित होंगी.

18-September-2026

सोने की कीमतों में फिर गिरावट, 24 कैरेट का भाव ₹1.53 लाख के पार; चांदी भी फिसली

राजधानी दिल्ली में 18 सितंबर को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,52,980 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,40,240 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है.

18-September-2026

UPI पर 15 अक्टूबर से बदलेगा शुल्क नियम, ₹2,000 से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर लगेगा 0.4% MDR

NPCI ने चुनिंदा P2M लेनदेन के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट तय किया, ₹75,000 या उससे अधिक के भुगतान पर शुल्क की अधिकतम सीमा ₹300 होगी

16-September-2026


बड़ी खबरें

त्योहारी सीजन में 6% तक पहुंच सकती है महंगाई; कच्चा तेल और अल नीनो बढ़ाएंगे दबाव: RBI

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि आने वाले समय में महंगाई पर सप्लाई से जुड़े कई दबाव बने रह सकते हैं. इनमें मानसून की स्थिति, अल नीनो और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव प्रमुख हैं.

1 hour ago

गुजरात से दिल्ली तक: नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे, आर्थिक बदलावों पर नजर

गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरुआत से प्रधानमंत्री के तीन कार्यकाल तक का सफर, सुधारों, कल्याण योजनाओं, बुनियादी ढांचे और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर रहा फोकस

1 hour ago

पारंपरिक कारोबार से नए ग्रोथ इंजन तक, BW Businessworld के नए अंक में पार्थ जिंदल पर फोकस

नए अंक में अगली पीढ़ी के नेतृत्व, बदलते उपभोक्ता बाजार और कारोबार के विस्तार पर विशेष कवरेज; BW Future of Design Summit and Awards 2026 पर भी विशेष पैकेज

1 hour ago

RBI ने 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाया रेपो रेट, अब महंगे होंगे होम और कार लोन

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के चलते आर्थिक माहौल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी हुई है.

3 hours ago

4 अरब डॉलर का Jio IPO केक के साथ आया

अंबानी परिवार का कैलेंडर ही Jio की IPO टाइमलाइन है.

4 hours ago