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अल्ट्रा-लक्जरी घरों में होटल जैसी सुविधाएं और वेलनेस का अनुभव, लेआउट में भी मिलेगी पूरी आजादी: पायनियर अर्बन
प्रोजेक्ट की बिल्डिंग को IGBC (इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल) से प्लेटिनम प्री-सर्टिफिकेशन मिला है. इसके जरिए निर्माण में सस्टेनेबिलिटी से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है. इसके अलावा, कंपनी ने अपने डेवलपमेंट में वेलनेस को भी एक महत्वपूर्ण आयाम बनाया है.
रितु राणा 1 hour ago
रियल एस्टेट सेक्टर में प्रीमियम और अल्ट्रा-लक्जरी आवास की मांग को देखते हुए डेवलपर्स अब ग्राहकों को सिर्फ लग्जरी घर ही नहीं, बल्कि बेहतर लाइफस्टाइल और होटल जैसी सुविधाएं देने पर भी जोर दे रहे हैं. इसी कड़ी में पायनियर अर्बन अपने नए प्रोजेक्ट में वेलनेस, सस्टेनेबिलिटी और सर्विस्ड रेजिडेंस जैसी सुविधाओं को शामिल कर रहा है. कंपनी का कहना है कि इस प्रोजेक्ट में ग्राहकों को घर के इंटीरियर और लेआउट को अपनी जरूरत के अनुसार तैयार करने की अधिक स्वतंत्रता मिलेगी.
पायनियर अर्बन लैंड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने गुरुग्राम पायनियर डिस्ट्रिक्ट में अल्ट्रा-लक्जरी सर्विस्ड रेजिडेंस प्रोजेक्ट अलुरा लॉन्च की घोषणा की. इस मौके पर कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष पेरिवाल ने बिजनेसवर्ल्ड को बताया कि प्रोजेक्ट की बिल्डिंग को IGBC (इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल) से प्लेटिनम प्री-सर्टिफिकेशन मिला है. इसके जरिए निर्माण में सस्टेनेबिलिटी से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है. इसके अलावा, कंपनी ने अपने डेवलपमेंट में वेलनेस को भी एक महत्वपूर्ण आयाम बनाया है.
उन्होंने कहा कि सस्टेनेबिलिटी ऐसी चीज है, जो किसी बिल्डिंग के निर्माण और संचालन में पर्दे के पीछे काम करती है, जबकि वेलनेस का अनुभव लोग सीधे तौर पर महसूस कर सकते हैं. कंपनी का दावा है कि यह भारत की शुरुआती रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स में से एक होगी, जिसे वेलनेस सर्टिफिकेशन भी मिलेगा.
लेआउट में ग्राहकों को मिलेगी ज्यादा आजादी
कंपनी के सीएमडी ने बताया इस प्रोजेक्ट की एक बड़ी खासियत इसके अपार्टमेंट का फ्लेक्सिबल लेआउट होगा. अल्ट्रा-लक्जरी सेगमेंट में ग्राहक अब अपनी जरूरतों और लाइफस्टाइल के अनुसार घर का डिजाइन चाहते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए अपार्टमेंट में स्ट्रक्चरल एलिमेंट्स को बाहरी हिस्से में रखा गया है, जिससे अंदर का स्पेस अधिक खुला रहेगा.
उन्होंने बताया कि अपार्टमेंट में प्रवेश करते ही ग्राहकों को ऐसा खुला स्पेस मिलेगा, जिसे वे अपनी जरूरत के अनुसार डिजाइन कर सकेंगे. यानी घर के अंदरूनी हिस्से को अपनी पसंद और जरूरत के मुताबिक तैयार करने की सुविधा होगी.
उन्होंने कहा कि कंपनी ने अपने पिछले प्रोजेक्ट्स से मिले अनुभवों को भी इस डेवलपमेंट में शामिल किया है. निर्माण, डिजाइन और प्रोजेक्ट के संचालन से जुड़े अनुभवों के आधार पर नए प्रोजेक्ट को तैयार किया जा रहा है. कंपनी पहले करीब 700 एकड़ के डेवलपमेंट पर काम कर चुकी है, जिससे उसे बड़े स्तर पर प्रोजेक्ट के निर्माण और संचालन का अनुभव मिला है.
घर में मिलेंगी होटल जैसी सर्विसेज
इस प्रोजेक्ट को सर्विस्ड रेजिडेंस के तौर पर भी विकसित किया जा रहा है. इसके तहत निवासियों को होटल जैसी कई सुविधाएं मिलेंगी. इनमें हाउसकीपिंग, टर्नडाउन सर्विस, वाहन पिकअप और ड्रॉप, पेट केयर, ऑन-ग्राउंड मेडिकल सहायता, कार मेंटेनेंस और कार वॉशिंग जैसी सेवाएं शामिल होंगी. इसके अलावा घर में गार्डनिंग की सुविधा भी दी जाएगी.
मनीष पेरिवाल का कहना है कि इन सभी सेवाओं को एक ही डेवलपमेंट के तहत उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि निवासियों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए अलग-अलग जगहों पर निर्भर न रहना पड़े.
प्रोजेक्ट को दिवाली के बाद बाजार में उतारने की तैयारी
पेरवाल ने बताया कि नए प्रोजेक्ट को दिवाली के बाद बाजार में पेश करने की योजना है. इसके निर्माण का लक्ष्य 2031 तक रखा गया है. अल्ट्रा-लक्जरी हाउसिंग सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कीमतों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि हाल ही में ओबेरॉय जैसे डेवलपर्स के प्रोजेक्ट्स को भी बाजार से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है. उन्होंने एक हालिया लॉन्च का उदाहरण देते हुए कहा कि समान प्राइस रेंज में लॉन्च हुए प्रोजेक्ट की इन्वेंट्री कुछ ही मिनटों में बिक गई थी. उनके मुताबिक, इस सेगमेंट में मांग और ग्राहकों की प्रतिक्रिया को केवल बाजार रिपोर्ट के आंकड़ों से नहीं समझा जा सकता.
प्रीमियम और लग्जरी सेगमेंट पर रहेगा फोकस
टियर-2 शहरों में विस्तार और अफोर्डेबल हाउसिंग में प्रवेश की संभावनाओं पर मनीष पेरिवाल ने कहा कि कंपनी फिलहाल अफोर्डेबल सेगमेंट में उतरने की योजना नहीं बना रही है. कंपनी का फोकस प्रीमियम से लेकर लग्जरी प्रोडक्ट्स पर रहेगा, क्योंकि इस श्रेणी में उसके प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन बेहतर रहा है. हालांकि, उन्होंने बताया कि कंपनी वृंदावन में भी काम कर रही है. वहां चल रहे एक प्रोजेक्ट को मार्च में डिलीवर करने और उसके बाद उसे ऑपरेशनल करने की योजना है.
IPO लाने की फिलहाल योजना नहीं
कंपनी से आईपीओ की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर मनीष पेरिवाल ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है. उन्होंने कहा कि आईपीओ एक कारोबारी फैसला होता है, जिसे तिमाही आधार पर कंपनी के प्रदर्शन और परिस्थितियों को देखते हुए लिया जाता है.
लिस्टेड और अनलिस्टेड रियल एस्टेट कंपनियों के बीच अंतर पर उन्होंने कहा कि लिस्टेड कंपनियों पर हर तिमाही अपने प्रदर्शन को लेकर जवाबदेही का दबाव रहता है. कंपनी फिलहाल इस तरह के प्रदर्शन दबाव के बजाय अपने प्रोडक्ट और डेवलपमेंट की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है.
35,500 करोड़ का निवेश
इस प्रोजेक्ट में ₹3,500 करोड़ से अधिक का निवेश किया जाएगा और इससे ₹9,000 करोड़ से ज्यादा की बिक्री होने की उम्मीद है. अलुरा के लॉन्च से गुरुग्राम में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत होगी. 6.99 एकड़ लाइसेंस प्राप्त जमीन पर फैले इस प्रोजेक्ट में दो टावर होंगे, जिनमें करीब 250 घर बनाए जाएंगे. इन घरों का आकार 7,000 से 15,000 वर्ग फुट तक होगा. इनमें सिग्नेचर रेजिडेंस, डुप्लेक्स और पेंटहाउस शामिल हैं.
प्रोजेक्ट का निर्माण और काम पूरा करने की योजना
अलुरा का निर्माण कार्य जारी है. डायफ्राम वॉल का निर्माण पूरा हो चुका है और फिलहाल खुदाई का काम चल रहा है. निर्माण से पहले ही एक ग्रेड-A कॉन्ट्रैक्टर को प्री-कंस्ट्रक्शन पार्टनर के तौर पर जोड़ा गया था. इससे डिजाइन और प्लानिंग के दौरान निर्माण से जुड़ी विशेषज्ञता का लाभ मिल रहा है और बेहतर डिजाइन के लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिल रही है. निर्माण कार्य के लिए ग्रेड-A कॉन्ट्रैक्टर्स के साथ बातचीत भी अंतिम चरण में है. प्रोजेक्ट का काम 2031 की दूसरी तिमाही तक पूरा करने का लक्ष्य है.
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