✕

होम / रियल एस्टेट / घर खरीदने से पीछे हट रहे हैं 81% खरीदार : ANAROCK उपभोक्ता सर्वेक

घर खरीदने से पीछे हट रहे हैं 81% खरीदार : ANAROCK उपभोक्ता सर्वेक

तेजी से बढ़ती कीमतों और घटती पहुंच के बीच भारतीय रियल एस्टेट बाज़ार अब अफोर्डेबल से प्रीमियम हाउसिंग की ओर शिफ्ट हो रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारतीय रियल एस्टेट बाजार में बीते कुछ वर्षों में जबरदस्त बदलाव देखने को मिले हैं. जहां एक ओर घरों की कीमतों में तेज़ी ने आम खरीदारों की पहुंच को प्रभावित किया है, वहीं दूसरी ओर खरीदारों की प्राथमिकताएं भी तेजी से बदल रही हैं. ANAROCK के हालिया उपभोक्ता सेंटिमेंट सर्वे (H1 2025) के अनुसार, देशभर में 81% संभावित खरीदार तेजी से बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित हैं. हालांकि, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) इस प्रवृत्ति से अलग दिखता है, जहां अधिकतर खरीदार महंगाई को लेकर अपेक्षाकृत कम चिंतित हैं.

ANAROCK ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी के अनुसार, शहरों के अनुसार रुझान बताते हैं कि भले ही देशभर के खरीदार अपने-अपने क्षेत्रों में बढ़ती कीमतों को लेकर बेहद चिंतित हैं, लेकिन MMR (मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन) इस मामले में एक चौंकाने वाला अपवाद है. भारत के सबसे महंगे रियल एस्टेट बाजार में केवल 39% खरीदारों ने ही कीमतों को लेकर गहरी चिंता जताई है, जबकि शेष 61% अपेक्षाकृत कम चिंतित हैं—इनमें से 20% बिल्कुल भी चिंतित नहीं हैं और 41% केवल मध्यम स्तर की चिंता व्यक्त कर रहे हैं.

MMR की यह स्थिति इसके मज़बूत बाज़ार कारकों के कारण है, जैसे कि भूमि की भारी कमी, पूंजी मूल्य में लंबी अवधि की बढ़त, देश का सबसे ऊंचा वार्षिक आंतरिक प्रवास, और लगातार हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास. हालांकि, यह तथ्य फिर भी चौंकाता है कि देश के सबसे महंगे बाज़ार में भी खरीदारों में इतना आत्मविश्वास देखा जा रहा है.

दूसरी ओर, देश के बाकी हिस्सों में स्थिति इसके उलट है. सर्वे के अनुसार, भारत के शीर्ष 7 शहरों में 81% से अधिक संभावित घर खरीदार बढ़ती कीमतों को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं. ANAROCK रिसर्च के अनुसार, इन शहरों में पिछले दो वर्षों में आवासीय कीमतों में औसतन 50% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. Q2 2023 में औसत दर ₹6,001 प्रति वर्गफुट थी, जो Q2 2025 तक बढ़कर ₹8,990 प्रति वर्गफुट हो गई है.

अफोर्डेबल हाउसिंग की स्थिति भी गंभीर होती जा रही है. सर्वे में यह स्पष्ट हुआ कि ऐसे घरों के लिए इच्छुक खरीदारों में से 62% बाजार में उपलब्ध विकल्पों से असंतुष्ट हैं. उनमें से 92% ने परियोजनाओं की लोकेशन को अनुपयुक्त बताया, जबकि 90% ने घटिया निर्माण गुणवत्ता और खराब डिजाइन की शिकायत की. इसके अलावा, 77% ने कहा कि इन घरों का साइज इतना छोटा है कि वह उपयोगी नहीं है. ये निष्कर्ष अफोर्डेबल हाउसिंग की मांग में आई गिरावट की पुष्टि करते हैं. ₹45 लाख या उससे कम कीमत वाले घरों की मांग 2020 के H1 में 40% थी, जो अब 2025 के H1 में घटकर सिर्फ 17% रह गई है. इसी अवधि में इस सेगमेंट की नई आपूर्ति भी गिरकर 12% रह गई है, जबकि 2019 में यह 40% थी.

खरीदारों की बजट प्राथमिकताओं में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है. अब 36% से अधिक संभावित खरीदार ₹90 लाख से ₹1.5 करोड़ की प्रॉपर्टी को पसंद कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार प्रीमियम और लक्जरी सेगमेंट की ओर झुक रहा है. इसके विपरीत, केवल 25% खरीदार ₹45 लाख से ₹90 लाख की प्रॉपर्टी में रुचि ले रहे हैं.

रेडी-टू-मूव (RTM) घरों की मांग में भी गिरावट आई है. H1 2025 में रेडी घरों और नई परियोजनाओं की मांग का अनुपात 16:29 रहा, जबकि H1 2024 में यह अनुपात 20:25 था. यह एक बड़ा ट्रेंड रिवर्सल है H1 2020 में यह अनुपात 46:18 और H1 2021 में 32:21 था, जहाँ रेडी घरों की मांग काफी अधिक थी.

सर्वे में यह भी सामने आया कि 65% से अधिक संभावित खरीदार बाजार में एंड-यूज़र के रूप में प्रवेश कर रहे हैं, जबकि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं. शहर-वार आंकड़ों से पता चलता है कि बेंगलुरु में 43% खरीदार निवेश के मकसद से घर खरीद रहे हैं, जबकि शेष 57% स्वयं रहने के लिए. इसके विपरीत, दिल्ली-एनसीआर में निवेशकों की हिस्सेदारी सबसे कम सिर्फ 26%—रही, और 74% खरीदार एंड-यूजर हैं.

अन्य प्रमुख बिंदुओं में यह भी पाया गया कि 63% उत्तरदाताओं ने रियल एस्टेट को सबसे पसंदीदा निवेश माध्यम बताया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4% अधिक है. इसके अलावा, 70% मिलेनियल्स और 46% जनरेशन-X प्रतिभागियों ने कहा कि वे अपने निवेश लाभ को जल्द ही घर खरीदने में लगाना चाहते हैं.

यह सर्वे ANAROCK रिसर्च और एडवाइजरी द्वारा जनवरी से जून 2025 के बीच आयोजित किया गया था. लगभग 8,250 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यमों से इसमें हिस्सा लिया, जिनमें 50% महिलाएं और 50% पुरुष शामिल थे. ये प्रतिभागी 24 से 78 वर्ष की उम्र के थे और 14 विभिन्न भारतीय शहरों से थे.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

फेस्टिव सीजन में NCR के लग्जरी घरों की बढ़ी मांग, गुरुग्राम बना प्रीमियम हाउसिंग का हब

PropEquity के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में गुरुग्राम में आवासीय प्रॉपर्टी की लॉन्च वैल्यू 1.38 लाख करोड़ रुपये रही.

1 week ago

क्रिसुमी कॉर्पोरेशन गुरुग्राम में 1,300 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करेगी, द फॉरेस्ट रिजर्व के नए चरणों पर काम शुरू

द फॉरेस्ट रिजर्व को अल्ट्रा-लक्जरी आवासीय परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसमें 2, 3 और 4 एलडीके (लिविंग, डाइनिंग और किचन) वाले आवास शामिल होंगे. परियोजना का डिजाइन जापान की आर्किटेक्चर फर्म निकेन सेक्केई ने तैयार किया है.

16-October-2026

RBI MPC से पहले रियल्टी की उम्मीदें, 5.25% पर रेपो रेट रहने से होमबायर्स का भरोसा बढ़ने की आस

त्योहारी सीजन में घर खरीदारी के बीच रियल एस्टेट डेवलपर्स की नजर RBI के फैसले पर, स्थिर दरों से EMI, अफोर्डेबिलिटी और हाउसिंग डिमांड को मिल सकता है सहारा

06-October-2026

आवासीय बाजार में लौटी रफ्तार, Q3 में बिक्री 3% बढ़कर 1 लाख यूनिट के पार; त्योहारी सीजन से और तेजी की उम्मीद

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, रोजगार के अवसर और बदलती खरीदार प्राथमिकताओं के बीच आगामी त्योहारी सीजन मांग को और गति दे सकता है.

29-September-2026

3BHK और प्रीमियम घरों की बढ़ी मांग, क्या बदल रही है होमबायर्स की पसंद? डेवलपर्स ने बताया नया ट्रेंड

एनारॉक के एक सर्वे के अनुसार, सिर्फ घर का आकार ही नहीं, खरीदारों का बजट भी ऊपर जा रहा है. सर्वे में 90 लाख से 1.5 करोड़ रुपये का प्राइस बैंड सबसे लोकप्रिय रहा. वहीं 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों की ओर भी खरीदारों का झुकाव बढ़ा है.

24-September-2026


बड़ी खबरें

रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन ने पकड़ी रफ्तार, 12 साल में तीन गुना बढ़ा आंकड़ा; 99.7% नेटवर्क हुआ इलेक्ट्रिक

आंकड़ों के मुताबिक, 1950 तक देश के केवल 0.7 फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ था. 1961 में यह आंकड़ा 1.3 फीसदी और 2001 तक 23.6 फीसदी पहुंचा. इसके बाद भी रफ्तार सीमित रही, लेकिन 2014 के बाद इलेक्ट्रिफिकेशन के काम में तेजी आई.

3 hours ago

सचिन तेंदुलकर ने गेमिंग कंपनी मेटास्पोर्ट्स इंटरएक्टिव में किया निवेश, 3 साल में 10 करोड़ डाउनलोड का लक्ष्य

कंपनी का लोकप्रिय क्रिकेट गेम 'हिटविकेट' अब तक 120 देशों में 2 करोड़ से ज्यादा यूजर्स तक पहुंच चुका है.

2 hours ago

डेटा सेंटर कारोबार पर अडानी ग्रुप का बड़ा दांव, 1.5 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज जुटाने की तैयारी

गौतम अडानी के नेतृत्व वाला अडानी ग्रुप अब ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़कर डिजिटल क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने पर जोर दे रहा है. प्रस्तावित फंडिंग इसी रणनीति का हिस्सा है.

5 hours ago

डिज्नी में फिर होगी छंटनी! खर्च में 20% तक कटौती की तैयारी, हजारों कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी

डिज्नी पिछले कई वर्षों से लागत घटाने और कारोबार के पुनर्गठन की प्रक्रिया में जुटी है. इस दौरान कंपनी हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है और अरबों डॉलर के खर्च में कटौती की है.

5 hours ago

NTT DATA मंगलुरु में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 2027 तक 2,500 करेगी, AI और क्लाउड पर रहेगा फोकस

कंपनी ने बताया कि विस्तार के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा के क्षेत्र में विशेष क्षमताएं विकसित की जाएंगी. इसके अलावा हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज, हाईटेक, ऑटोमोटिव और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जाएगा.

7 hours ago