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अडानी इंफ्रा ने अडानी ग्रीन एनर्जी में 2,380 करोड़ रुपये में खरीदी 1.03% हिस्सेदारी
अडानी ग्रीन एनर्जी भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में बनी हुई है और स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग तथा ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के बीच कंपनी लगातार अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार कर रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
अडानी समूह की प्रमोटर इकाई अडानी इंफ्रा (इंडिया) ने अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) में 1.03 फीसदी हिस्सेदारी 2,380 करोड़ रुपये में खरीद ली है. यह सौदा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ब्लॉक डील के जरिए हुआ. हालांकि, यह लेनदेन प्रमोटर समूह के भीतर हुआ है, इसलिए कंपनी की कुल प्रमोटर हिस्सेदारी में कोई बदलाव नहीं आया है.
अडानी इंफ्रा ने खरीदे 1.7 करोड़ शेयर
अडानी इंफ्रा (इंडिया) ने ब्लॉक डील के जरिए अडानी ग्रीन एनर्जी के 1.7 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदे. यह खरीदारी औसतन 1,400 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर की गई, जिसकी कुल वैल्यू करीब 2,380 करोड़ रुपये रही.
ये शेयर अडानी ग्रीन एनर्जी की ही एक अन्य प्रमोटर समूह इकाई Ardour Investment Holding Ltd से खरीदे गए. चूंकि यह सौदा प्रमोटर समूह के भीतर हुआ है, इसलिए इसे इंटर-प्रमोटर ट्रांसफर माना गया है.
कुल प्रमोटर हिस्सेदारी में नहीं हुआ कोई बदलाव
इस सौदे के बाद अडानी इंफ्रा की अडानी ग्रीन एनर्जी में हिस्सेदारी बढ़ गई है, जबकि Ardour Investment Holding Ltd की हिस्सेदारी समान अनुपात में घट गई है. हालांकि, चूंकि शेयर प्रमोटर समूह के भीतर ही ट्रांसफर हुए हैं, इसलिए कंपनी की कुल प्रमोटर हिस्सेदारी में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
दो महीने में दूसरी बड़ी खरीद
यह सौदा ऐसे समय हुआ है, जब जून 2026 में भी अडानी इंफ्रा ने इसी प्रमोटर इकाई से बाजार के जरिए अडानी ग्रीन एनर्जी में 1.31 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी. उस समय यह सौदा 3,246 करोड़ रुपये का था.
नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार में भरोसा बरकरार
ताजा हिस्सेदारी खरीद को अडानी ग्रीन एनर्जी के कारोबार में प्रमोटर समूह के मजबूत भरोसे के रूप में देखा जा रहा है. अडानी ग्रीन एनर्जी देश की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में शामिल है और अडानी समूह की स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) रणनीति में इसकी अहम भूमिका है. कंपनी लगातार सौर, पवन और हाइब्रिड ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार कर रही है, ताकि भारत के ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) लक्ष्यों को समर्थन मिल सके.
निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह ब्लॉक डील कंपनी के परिचालन या कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर कोई खास असर नहीं डालेगी, क्योंकि यह प्रमोटर समूह के भीतर हुआ लेनदेन है. हालांकि, इस तरह की हिस्सेदारी खरीद को आमतौर पर निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है, क्योंकि इससे कंपनी के दीर्घकालिक विकास को लेकर प्रमोटरों का भरोसा झलकता है.
अडानी ग्रीन एनर्जी भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में बनी हुई है और स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग तथा ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के बीच कंपनी लगातार अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार कर रही है.
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