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लंदन में अंग्रेजों से ज्यादा प्रॉपर्टी भारतीयों के पास, इस वजह से पसंद है ये शहर

लंदन में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए भारतीय निवेशकों से भारी डिमांड देखने को मिल रही है. इंडियंस स्टेबल और लॉन्ग टर्म प्रॉपर्टी मार्केट में पैसा लगाना चाहते हैं और ब्रिटेन इस मामले में बेहतर विकल्प है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

अंग्रेजों के देश में भारतीयों का दबदबा बढ़ता जा रहा है. ब्रिटेन की राजधानी लंदन में प्रॉपर्टी खरीदने के मामले में भारतीयों ने अंग्रेजों को भी पीछे छोड़ दिया है. इन भारतीयों में सालों से यूके में रहने वाले, इन्वेस्टर्स और पढ़ाई के लिए ब्रिटेन जाने वाले शामिल हैं. वैसे, तो भारतीय यूके में वर्षों से रह रहे हैं, लेकिन बीते कुछ सालों से यहां प्रॉपर्टी खरीदने वालों की संख्या में तेजी देखने को मिली है.

अंग्रेज दूसरे नंबर पर
भारतीयों के बाद लंदन में प्रॉपर्टी मालिकों की लिस्ट में अंग्रेज दूसरे नंबर पर हैं और तीसरा स्थान पाकिस्तानियों के नाम है. लंदन के रेजिडेंशियल डिवेलपर Barratt London की रिपोर्ट में बताया गया है कि लंदन में प्रॉपर्टी खरीदने वाले अधिकांश भारतीय इंग्लैंड और भारत दोनों जगह रह रहे हैं. लंदन में दो या तीन बेडरूम वाला फ्लैट खरीदने के लिए भारतीय 290,000-450,000 GBP (ग्रेट ब्रिटेन पाउंड) खर्च करने को तैयार रहते हैं. 

डिमांड में भारी इजाफा
Barratt London की 3.5 प्रतिशत सेल इंडियन होमबायर से ही आती है. मीडिया रिपोर्ट्स में कंपनी के इंटरनेशनल सेल्स और मार्केटिंग डायरेक्टर स्टुअर्ट लेस्ली के हवाले से बताया गया है कि लंदन में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए भारतीय निवेशकों से भारी डिमांड देखने को मिल रही है. इंडियंस स्टेबल और लॉन्ग टर्म प्रॉपर्टी मार्केट में पैसा लगाना चाहते हैं और ब्रिटेन इस मामले में दूसरे देशों की तुलना में बेहतर विकल्प है. यही वजह है कि पिछले कुछ सालों में लंदन में प्रॉपर्टी खरीदने वाले भारतीयों की संख्या में इजाफा हुआ है.

कौन खरीदता है कितना?
स्टुअर्ट लेस्ली के मुताबिक, लंदन के बाहर Barratt London की 99% प्रॉपर्टी यूके के स्थानीय लोग अपने रहने के लिए खरीदते हैं. लंदन में कंपनी की प्रॉपर्टी खरीदने वाले 30% इन्वेस्टर्स होते हैं, जो प्रॉपर्टी को किराए या दूसरे कामों के लिए इस्तेमाल करते हैं. जबकि 30 प्रतिशत संख्या विदेशी खरीदारों की होती है. इस साल भारतीय घर खरीदारों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है, जो ये विदेशी मार्केट प्लेयर्स का 7-8 फीसदी हिस्सा हैं.

किसलिए पसंद है लंदन?
लंदन में भारतीयों के प्रॉपर्टी खरीदने के कई कारण हैं. जैसे कि लंदन फाइनेंशियल और एजुकेशनल सेंटर है. इसके अलावा, इस शहर को निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण ग्लोबल गेटवे माना जाता है. दूसरे शहरों के मुकाबले लंदन में प्रॉपर्टी को रेंट पर देना आसान है और अच्छा किराया देने वाले किरायेदार भी काफी मिल जाते हैं. खास बात यह है कि लंदन और मुंबई में प्रति वर्ग फुट कीमतों में ज्यादा अंतर नहीं है. साथ ही एक जैसी कानूनी प्रणाली भी लेनदेन को कम जटिल बनाती है. इस वजह से भारतीयों को लंदन में प्रॉपर्टी पसंद आती है.
 


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