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औद्योगिक निवेश की बाढ़: अब NCR का ये शहर बना नया रियल एस्टेट व बिजनेस हब

नोएडा और गुरुग्राम की भीड़ और महंगाई से राहत की तलाश में निवेशकों ने अपना रुख अब बदल लिया है.

रितु राणा 1 year ago

छह महीने पहले, दिल्ली की एक टेक कंपनी में काम करने वाले मार्केटिंग मैनेजर रवि, गुड़गांव में एक छोटे से 2BHK फ्लैट के लिए हर महीने ₹35,000 किराया दे रहे थे. ट्रैफिक में रोज चार घंटे की बर्बादी उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी थी. लेकिन आज, रवि की कहानी बिल्कुल बदल चुकी है. सोनीपत में वह अब एक बड़े 3BHK फ्लैट में रहते हैं, जिसकी ईएमआई गुड़गांव के किराए से भी कम है. सफर सिर्फ 20 मिनट का रह गया है, और महज छह महीने में उनकी संपत्ति की कीमत में 18% तक की वृद्धि हो चुकी है. रवि जैसे कई होशियार निवेशक अब एक ही दिशा में देख रहे हैं वो है सोनीपत शहर, जोकि एनसीआर का अगला बड़ा रियल एस्टेट हॉटस्पॉट बनता जा रहा है. चलिए जानते हैं कैसे?

तेजी से बदलता इंफ्रास्ट्रक्चर

मार्च 2025 में दिल्ली मेट्रो येलो लाइन के विस्तार को मंज़ूरी मिली, जो 2028 तक सोनीपत को कनॉट प्लेस से सीधा जोड़ने का रास्ता साफ कर देगा. इसके साथ ही, जून 2025 में अर्बन एक्सटेंशन रोड-II का निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है, जिससे सोनीपत से IGI एयरपोर्ट तक की दूरी 45 मिनट में तय की जा सकेगी, कई बार तो दक्षिण दिल्ली से भी तेज़. ये महज़ कागज़ी घोषणाएं नहीं हैं. इन परियोजनाओं का बजट तय है, टेंडर जारी हो चुके हैं और निर्माण कार्य ज़मीन पर शुरू हो चुका है.

औद्योगिक उभार: आंकड़े बताते हैं नया ट्रेंड

एक ताजा कुशमैन एंड वेकफील्ड रिपोर्ट के अनुसार, सोनीपत अब NCR की कुल औद्योगिक लीजिंग का 31% हिस्सा खुद में समेटे हुए है. मारुति सुजुकी जैसी दिग्गज कंपनियाँ यहां दीर्घकालिक प्लान बना रही हैं. कुंडली जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में 2020 से अब तक जमीन की कीमतों में 190% की बढ़ोतरी हो चुकी है. भूखंड अब ₹61,000 प्रति वर्ग गज के हिसाब से बिक रहे हैं, यह दर्शाता है कि मांग सिर्फ सट्टा नहीं, बल्कि असली ऑपरेशंस पर आधारित है.

रेजिडेंशियल डिमांड में जबरदस्त उछाल

एनारॉक की 2024 रिपोर्ट के अनुसार, एनसीआर के लक्ज़री हाउसिंग सेगमेंट में 85% की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें सोनीपत जैसी उभरती लोकेशंस का बड़ा योगदान है. ये इलाके बेहतर जीवनशैली, बड़ा स्पेस और किफायती दरों पर आधुनिक सुविधाएं दे रहे हैं , जो खासकर मिडिल क्लास और वर्क-फ्रॉम-होम जनरेशन को खूब आकर्षित कर रहा है.

अपार संभावनाओं वाला शहर सोनीपत

जिंदल रियल्टी के प्रेसिडेंट एंड सीईओ अभय कुमार मिश्रा कहते हैं, "जिंदल रियल्टी में, हमने सोनीपत को हमेशा एक अपार संभावनाओं वाले शहर के रूप में देखा है. आरआरटीएस, यूईआर-II और आगामी दिल्ली मेट्रो विस्तार जैसी प्रमुख बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के साथ, यह क्षेत्र कनेक्टिविटी क्रांति के मुहाने पर है. इन विकासों से दिल्ली, आईजीआई हवाई अड्डे और सेंट्रल बिजनेस हब्स तक यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, जिससे सोनीपत घर खरीदारों और उद्योगों, दोनों के लिए और भी आकर्षक बन जाएगा. जैसे-जैसे पहुँच में सुधार होगा, माँग भी बढ़ेगी, जिससे दीर्घकालिक विकास और मूल्यवृद्धि को बढ़ावा मिलेगा. हमें शहर की बढ़ती क्षमता के अनुरूप सोच-समझकर नियोजित विकासों के साथ सोनीपत के परिवर्तन में योगदान देने पर गर्व है."

एक्सपर्ट्स की नजर में सोनीपत

हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर के मुताबिक, टियर-2 शहरों की रफ्तार अब बेहद तेज़ हो चुकी है, और सोनीपत इसकी अगली मिसाल है. बेहतर सड़कें, मेट्रो कनेक्टिविटी और बड़ी प्लॉट्स की डिमांड से इस शहर की चमक बढ़ी है. रॉयल ग्रीन रियल्टी के एमडी यशांक वासन का कहना है, रिमोट वर्क ने लोगों की ‘लोकेशन चॉइस’ को पूरी तरह बदल दिया है. अब वे शांति, जगह और किफायत चाहते हैं और सोनीपत में ये सब है. मैप्सको ग्रुप के निदेशक राहुल सिंगला ने कहा, सोनीपत अब सिर्फ स्थानीय नहीं रहा. पैन-इंडिया निवेशक यहां दिलचस्पी दिखा रहे हैं, क्योंकि यह क्षेत्र मजबूत रिटर्न और जबरदस्त कनेक्टिविटी के साथ उभर रहा है.

कीमतें अभी भी आकर्षक, लेकिन कब तक?

आज भी सोनीपत में अच्छी लोकेशंस पर घर ₹4,500 से ₹6,500 प्रति वर्ग फुट मिल रहे हैं, जबकि यही संपत्तियां गुड़गांव में ₹8,000 से ₹15,000 प्रति वर्ग फुट के बीच हैं. यह अंतर ज्यादा दिनों तक टिकेगा, इसकी संभावना कम है. गुड़गांव (1990s) और नोएडा (2000s) का इतिहास बताता है कि जब बुनियादी ढांचा बन रहा हो, और उद्योग-धंधे आ रहे हों, तो प्रॉपर्टी की कीमतें तेजी से भागती हैं. सोनीपत में वही चक्र दोहराया जा रहा है.

सिर्फ विकास नहीं, ‘टिकाऊ और स्मार्ट विकास’

सोनीपत का विस्तार योजनाबद्ध और प्राकृतिक है. यहाँ ज़िंदगी का स्तर बेहतर हो रहा है: हरियाली, खुलापन, अच्छे स्कूल, नए बिजनेस हब और कम भीड़. किराये पर रिटर्न भी 3-4% सालाना तक पहुंच चुका है, जो इसे निवेश के लिए स्थिर और सुरक्षित विकल्प बनाता है.

 


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