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भारत में REITs के लिए बड़ी संभावना, 4.5 लाख करोड़ रुपये के प्राइम ऑफिस स्टॉक इसके योग्य

रिसर्च फर्म वेस्टियन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत के कुल ए ग्रेड ऑफिस स्पेस का 60 फीसदी हिस्सा REITs के योग्य है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

वेस्टियन (Vestian) की हालिया रिपोर्ट 'REITs: Reshaping India’s Commercial Space' के अनुसार, भारत के कुल ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस का 60% हिस्सा REIT के लिए योग्य है. यह दिखाता है कि REITs भारत के कमर्शियल रियल एस्टेट निवेश को बदलने की बड़ी क्षमता रखते हैं. हालांकि, भारत में REIT बाजार अभी शुरुआती स्तर पर है और इसमें केवल चार लिस्टेड REITs हैं, जो कुल 125 मिलियन वर्ग फुट क्षेत्र को कवर करते हैं, जिसमें रिटेल और ऑफिस मार्केट शामिल हैं. 

धीरे-धीरे, REITs विदेशी और घरेलू निवेशकों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं क्योंकि ये डिविडेंड के रूप में आकर्षक रिटर्न देते हैं. शुरुआत से अब तक, REITs ने 16,800 करोड़ रुपये डिविडेंड में बांटे हैं, जो पूरे NIFTY रियल्टी इंडेक्स से अधिक है. हालांकि REITs ने NIFTY रियल्टी इंडेक्स से बेहतर रिटर्न दिया है, इनकी मार्केट कैपिटलाइजेशन अभी भी कम है. भारत में REITs का मार्केट कैप, कुल लिस्टेड रियल एस्टेट सेक्टर का केवल 13.7% है, जो कि विकसित बाजारों जैसे अमेरिका (98.9%), ऑस्ट्रेलिया (94.8%), और यूके (92.5%) से बहुत कम है.

इसके अलावा, एम्बेसी REIT, माइंडस्पेस REIT, ब्रूक्सफील्ड इंडिया REIT, और नेक्सस सिलेक्ट ट्रस्ट REIT ने अपनी शुरुआत के बाद 24%, 18%, 6%, और 39% का रिटर्न दिया है. दूसरी ओर, BSE रियल्टी इंडेक्स ने REITs के मुकाबले अधिक रिटर्न (पिछले 66 महीनों में 317%) दिया है. हालांकि, भारत में REITs बाजार को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल नियामक माहौल, बेहतर निवेश रिटर्न और तेजी से बढ़ता ऑफिस मार्केट एक मजबूत प्रेरणा देने वाले कारक हो सकते हैं.

शहरों के अनुसार आंकलन

भारत के शीर्ष सात शहरों में, बेंगलुरु सबसे आगे है और कुल REIT-योग्य स्टॉक का 33% हिस्सा रखता है. इसके बाद हैदराबाद 21% और एनसीआर 15% हिस्से के साथ हैं. मुंबई और पुणे मिलकर भारत के REIT-योग्य स्टॉक का 21% हिस्सा रखते हैं. चेन्नई 10% और कोलकाता केवल 1% योगदान देता है.  
हैदराबाद के पास सबसे ज्यादा REIT-योग्य स्टॉक है, जो शहर के कुल ऑफिस इन्वेंटरी का लगभग 74% है. वहीं, कोलकाता का हिस्सा सबसे कम है, केवल 24% मुख्य रूप से, ये REIT-योग्य संपत्तियां इन शहरों के व्यावसायिक केंद्रों में केंद्रित हैं, क्योंकि यहां ब्रांडेड ग्रेड-A ऑफिस बिल्डिंग्स मौजूद हैं.

सस्टेनेबल REIT-योग्य स्टॉक  

भारत में कुल REIT-योग्य स्टॉक का लगभग 67% ग्रीन-सर्टिफाइड है, जो यह दिखाता है कि Grade-A डेवलपर्स सस्टेनेबिलिटी पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। हमारी रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रीन-सर्टिफाइड बिल्डिंग्स पर गैर-ग्रीन बिल्डिंग्स की तुलना में 12-14% ज्यादा किराया मिलता है। इससे ये निवेश के लिए आकर्षक विकल्प बनती हैं क्योंकि ज्यादा किराए से निवेशकों को बेहतर डिविडेंड मिल सकता है।  

REITs का भविष्य  

भारत में REITs का भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है, क्योंकि म्यूचुअल फंड और कंपनियां धीरे-धीरे REITs में अपना निवेश बढ़ा रही हैं. कई लोग REITs के शेयर बाजार प्रदर्शन के आधार पर विशेष योजनाएं लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं. इन कदमों से REITs के लिए फंडिंग हासिल करना आसान और सस्ता हो सकता है. इसके अलावा, REITs निवेशकों के पोर्टफोलियो को विविध बनाने और नियमित आय देने का एक अहम साधन बन सकती हैं.

संक्षेप में भारत में REITs अभी विकास के शुरुआती दौर में हैं, लेकिन अनुकूल नियमों और सरकार की नीतियों के कारण धीरे-धीरे बढ़ रही हैं. जैसे-जैसे नियम बेहतर होंगे, भारत में और ज्यादा REIT लिस्टिंग होंगी और ये नए रियल एस्टेट सेगमेंट में भी विस्तार करेंगी. साथ ही, SM REIT का लॉन्च एक सही दिशा में कदम है, जो छोटे मूल्य की संपत्तियों में निवेश को बढ़ावा देगा और रियल एस्टेट सेक्टर में नकदी प्रवाह को सुधारने में मदद करेगा.
 


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