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RBI से रिकॉर्ड डिविडेंड की उम्मीद, पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार को मिलेगा बड़ा आर्थिक सहारा

बजट दस्तावेजों के अनुसार, केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 2026-27 में RBI, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से डिविडेंड और अधिशेष के रूप में करीब 3.16 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

केंद्र सरकार को चालू वित्त वर्ष में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड मिलने की संभावना है. मजबूत बैंकिंग प्रदर्शन, रिकॉर्ड मुनाफे और बढ़ते गैर-कर राजस्व के बीच यह राशि सरकार के लिए ऐसे समय में राहत बन सकती है, जब पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का दबाव बढ़ रहा है. माना जा रहा है कि RBI का यह अधिशेष ट्रांसफर सरकार की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ विकास योजनाओं और राजकोषीय प्रबंधन में भी अहम भूमिका निभाएगा.

रिकॉर्ड डिविडेंड देने की तैयारी में RBI

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरबीआईI इस महीने होने वाली अपनी केंद्रीय बोर्ड बैठक में सरकार को दिए जाने वाले डिविडेंड की अंतिम राशि पर फैसला कर सकता है. पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में आरबीआई ने केंद्र सरकार को रिकॉर्ड 2.69 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया था. यह उससे पिछले वर्ष दिए गए 2.11 लाख करोड़ रुपये की तुलना में करीब 27 प्रतिशत अधिक था. अब उम्मीद जताई जा रही है कि वित्त वर्ष 2026-27 में यह राशि और अधिक हो सकती है, जिससे सरकार को अतिरिक्त वित्तीय मजबूती मिलेगी.

इकोनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क के तहत तय होता है अधिशेष

आरबीआई द्वारा सरकार को दिया जाने वाला अधिशेष केंद्रीय बैंक के संशोधित इकोनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क (ECF) के आधार पर तय किया जाता है. इस ढांचे के तहत आकस्मिक जोखिम बफर (CRB) को आरबीआई की बैलेंस शीट के 4.5 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत के दायरे में बनाए रखना अनिवार्य है. इसी व्यवस्था के अनुसार केंद्रीय बैंक अपनी आय, निवेश और जोखिम प्रबंधन का आकलन करने के बाद सरकार को अधिशेष राशि ट्रांसफर करता है.

सरकार को ₹3.16 लाख करोड़ मिलने का अनुमान

बजट दस्तावेजों के अनुसार, केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 2026-27 में RBI, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से डिविडेंड और अधिशेष के रूप में करीब 3.16 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है. यह मौजूदा वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 3.75 प्रतिशत अधिक है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि यह अनुमान सतर्कता के साथ लगाया गया है और वास्तविक राशि बजट अनुमान से ज्यादा हो सकती है.

PSU बैंकों ने दर्ज किया रिकॉर्ड मुनाफा

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) के शानदार वित्तीय प्रदर्शन ने सरकार की उम्मीदों को और मजबूत किया है. बेहतर एसेट क्वालिटी, तेज क्रेडिट ग्रोथ और ब्याज आय में बढ़ोतरी के चलते FY26 में सरकारी बैंकों की प्रॉफिटेबिलिटी में बड़ा सुधार देखने को मिला.

सरकारी बैंकों का कुल ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़कर 3.21 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि शुद्ध लाभ 11.1 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 1.98 लाख करोड़ रुपये हो गया. लगातार चौथे वर्ष PSBs ने सामूहिक रूप से मुनाफा दर्ज किया है.

गैर-कर राजस्व पर सरकार की नजर

सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य निवेशों से भी वित्त वर्ष 2026-27 में लगभग 75,000 करोड़ रुपये के डिविडेंड की उम्मीद है. चालू वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 71,000 करोड़ रुपये रहा था. आरबीआई का अधिशेष ट्रांसफर और विभिन्न संस्थानों से मिलने वाला डिविडेंड सरकार के गैर-कर राजस्व का अहम हिस्सा होता है. अगले वित्त वर्ष में सरकार को कुल गैर-कर राजस्व के रूप में 6.66 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है.

वहीं, टैक्स रेवेन्यू 28.66 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 7.18 प्रतिशत अधिक है.

पश्चिम एशिया संकट के बीच बढ़ेगी राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक दबावों के बीच RBI से मिलने वाला बड़ा डिविडेंड सरकार के लिए वित्तीय सुरक्षा कवच साबित हो सकता है. इससे सरकार को राजकोषीय घाटा नियंत्रित रखने और विकास खर्च जारी रखने में मदद मिलेगी.


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