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चुनाव बाद लग सकता है महंगाई का झटका, बढ़ने वाला है फोन का बिल

मोबाइल रिचार्ज को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है. इसमें दावा किया गया है कि लोकसभा चुनाव से पहले रिचार्ज की कीमत में बढ़ोत्तरी हो सकती है. ऐसे में यूजर्स को बड़ा झटका लग सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

लोकसभा चुनाव बाद देश के करोड़ों लोग अपनी जेब ढीली करने को तैयार रहें. मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों ने टैरिफ बढ़ाने की पूरी तैयारी कर ली है. इसका सीधा मतलब है कि चुनावों के बाद मोबाइल रिचार्ज कराना महंगा हो जाएगा. कंपनियों ने इसकी पूरी तैयारी भी कर ली है और यह भी तय कर लिया है कि इस बार कितना पैसा बढ़ाया जाए.

टैरिफ में हो सकती है 20-25% तक की बढ़ोतरी 

बोफा सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद, 4 जून से भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में टैरिफ में 20-25% तक की बढ़ोतरी हो सकती है. पहले अनुमानों में केवल 10-15% की वृद्धि की उम्मीद थी. रिपोर्ट का कहना है कि इससे कंपनियों के कैश फ्लो में सुधार होगा और वे हाई मार्जिन वाले ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज/डेटा सेवाओं को बढ़ावा दे सकेंगी. BofA के अनुसार, दूरसंचार कंपनियों द्वारा टैरिफ में 20-25% की बढ़ोतरी के बाद जब उपभोक्ता इस वृद्धि के हिसाब से ढल जाएंगे, तो भारतीय टेलीकॉम कंपनियां 5G में अपने निवेश की भरपाई के लिए एक साल के भीतर फिर से कीमतें बढ़ा सकती हैं. 

वोडाफोन-आइडिया को होगा ज्यादा फायदा

बोफा सिक्योरिटीज का मानना है कि प्योर टेलीकॉम कंपनी के रूप में, वोडाफोन आइडिया टैरिफ बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा फायदा उठा सकता है, उनकी रिपोर्ट के अनुसार, अगर प्रति यूजर औसत राजस्व (ARPU) में 5% की बढ़ोतरी होती है, तो कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) में 12% तक का इजाफा हो सकता है. हालांकि, बोफा अभी भी वोडाफोन आइडिया के शेयर को खरीदने की सलाह नहीं दे रहा है. उनकी राय है कि फिलहाल कंपनी के स्पेक्ट्रम पेमेंट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. उन्हें वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के बाद इस स्थिति में सुधार आने पर ही राय बनाने में सहूलियत होगी.

एयरटेल भी उठा सकता टैरिफ बढ़ोत्तरी का फायदा

भारती एयरटेल के लिए भी बोफा ने वित्त वर्ष 2025-26 के EPS अनुमान में 5-6% की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है. जिससे साफ होता है कि कि कंपनी अपने ग्राहकों से मोटा पैसा वसूलने वाली है. हालांकि, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उच्च मूल्यह्रास (higher depreciation) और परिशोधन (amortization) के कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के लिए EPS अनुमान में 2-3% की कमी की संभावना है.

Jio का आ सकता है IPO

टेलीकॉम कंपनियां अभी भारतीय बाजार में कोई खास हलचल नहीं मचा रही हैं. लेकिन, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की टेलीकॉम ब्रांच, रिलायंस जियो, के जल्द ही IPO लाने की चर्चा है. जैसा कि RIL मैनेजमेंट ने पहले संकेत दिया था, यह कदम बाजार को काफी प्रभावित कर सकता है. ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि रिलायंस जियो का IPO दूरसंचार क्षेत्र में एक अहम इवेंट हो सकता है, जिसपर निश्चित रूप से नजर रखनी चाहिए.  बोफा सिक्योरिटीज के विश्लेषक टेलीकॉम कंपनियों द्वारा कीमतें बढ़ाने के बारे में आशावादी हैं। उन्हें लगता है कि सभी कंपनियां इसमें शामिल होंगी, क्योंकि सीमित विकल्पों और डेटा सेवाओं की लोकप्रियता के कारण उपभोक्ता 20-25% की बढ़ोतरी को संभाल सकते हैं. 

कमाई के नए रास्ते तलाशने में जुटी कंपनियां

बोफा सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का मानना है कि टेलीकॉम कंपनियां सिर्फ मोबाइल नेटवर्क से आगे बढ़ रही हैं. उनकी रिपोर्ट के अनुसार, भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) आने वाले समय में फाइबर ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सेवाएं, डेटा सेंटर और डिजिटल कारोबारों पर ज्यादा ध्यान देंगी. दरअसल, ये सभी कारोबार ज़्यादा मुनाफा देने वाले हैं. इससे इन कंपनियों को न सिर्फ मोबाइल नेटवर्क से होने वाली कमाई में विविधता लाने में मदद मिलेगी, बल्कि नए क्षेत्रों में भी विकास के रास्ते खुलेंगे. 
 


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