✕

होम / पॉलिटिकल एनालिसिस / लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयुक्त ने दिया इस्तीफा, जानें क्या रहे कारण?

लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयुक्त ने दिया इस्तीफा, जानें क्या रहे कारण?

चुनाव आयुक्त अरुण गोयल ने इस्तीफा दे दिया है. यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब लोकसभा चुनाव का ऐलान होने वाला है. वहीं, गोयल का कार्यकाल अभी दिसंबर 2027 तक था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

चुनाव आयुक्त (EC) अरुण गोयल ने इस्तीफा दे दिया है. शनिवार को जारी गजट नोटिफिकेशन में इसके बारे में जानकारी दी गई. गोयल का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब कभी भी लोकसभा चुनाव का ऐलान हो सकता है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. वहीं, गोयल का कार्यकाल अभी दिसंबर 2027 तक था. 

इस्तीफे के बाद चुनाव आयोग में अब दो पद खाली
गोयल के इस्तीफे के बाद तीन सदस्यीय चुनाव आयोग में अब दो पद खाली हो गए हैं. अब सारी जिम्मेदारी मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के कंधों पर आ गई है. गोयल की नियुक्ति पर सवाल उठे थे और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी गई थी. विधि मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने गोयल का इस्तीफा मंजूर कर लिया है, जो शनिवार से प्रभावी हो गया. वहीं, चुनाव आयुक्त अनूप कुमार पांडे भी फरवरी में सेवानिवृत्त हो गए थे. ऐसे में अब चुनाव आयोग में अब ये दोनों पद खाली हो गए हैं. 

क्या है इस्तीफे का कारण 
सूत्रों के अनुसार गोयल ने निजी कारणों से इस्तीफा देने की बात कही है. सरकार की ओर से उन्हें इस्तीफा नहीं देने के लिए मनाने की भी कोशिश हुई, लेकिन वह नहीं माने. पांच मार्च को गोयल सेहत का हवाला देते हुए कोलकाता दौरा बीच में छोड़ आए थे. आठ मार्च को उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव के साथ चुनाव में केंद्रीय बलों की तैनाती के संबंध में बैठक में हिस्सा लिया था. इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार भी थे.

2027 तक था कार्यकाल
1985 बैच के पंजाब कैडर के आईएएस (IAS) अधिकारी रहे अरुण गोयल ने 18 नवंबर 2022 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (Voluntary Retirement) ली थी. उसके अगले दिन ही वह चुनाव आयुक्त नियुक्तहो गए थे. उनका कार्यकाल दिसंबर 2027 तक था. वह अगले साल मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के सेवानिवृत्त होने के बाद उनकी जगह लेने वाले थे.

किसने दी थी गोयल की नियुक्ति को चुनौती
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने सुप्रीम कोर्ट में गोयल की नियुक्त को चुनौती दी थी. याचिका में नियुक्ति को मनमाना और संविधान के अनुच्छेद 14 के साथ चुनाव आयोग (चुनाव आयुक्तों की सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1991 के खिलाफ बताया गया था. शीर्ष अदालत की दो सदस्यीय पीठ ने पिछले साल याचिका खारिज कर दी थी. 

गोयल की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट ने भी उठाए थे सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सुनवाई के दौरान सरकार से पूछा था कि आखिरकार किस बात की इतनी जल्दबाजी थी, जो स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के अगले ही दिन अरुण गोयल को चुनाव आयुक्त बना दिया गया. शीर्ष कोर्ट ने कहा था कि कानून मंत्री ने चयनित नामों की सूची में से चार नाम चुने. फाइल 18 नवंबर को विचार के लिए रखी गई और उसी दिन आगे बढ़ा दी गई. यह सब कुछ बहुत जल्दबाजी में किया गया.

सरकार ने बनाया नया कानून
शीर्ष कोर्ट ने पिछले साल फैसले में कहा था कि सीईसी व ईसी की नियुक्ति राष्ट्रपति की ओर से एक समिति की सलाह पर की जाए, जिसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता विपक्ष व मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) होंगे, लेकिन सरकार ने मानसून सत्र में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और पदावधि) विधेयक, 2023 पेश किया. इसके अनुसार नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में समिति गठित होगी. इसमें लोकसभा में नेता विपक्ष और एक कैबिनेट मंत्री होंगे, जिसे पीएम नामित करेंगे. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद विधेयक अब कानून बन गया है.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सरदार पटेल के विचारों पर आगे बढ़ रहा भारत, रक्षा उत्पादन 1.80 लाख करोड़ रुपये के पार: राजनाथ सिंह

सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर भारत-भारती ने दिल्ली में आयोजित किया राष्ट्रीय समारोह, रक्षा मंत्री ने कहा- राष्ट्रीय एकता और अखंडता को चुनौती देने वाली ताकतों के खिलाफ देश एकजुट रहेगा

1 day ago

सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर भारत-भारती का राष्ट्रीय समारोह, राजनाथ सिंह होंगे मुख्य अतिथि

भारत-भारती की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण पर होगी चर्चा, युवाओं के साथ संवाद के अलावा विभिन्न भारतीय समुदायों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी

2 days ago

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का प्रदर्शन, दिल्ली में बड़े पैमाने पर हिरासत और पाबंदियां

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया था. पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया.

10-October-2026

25 साल का सफर पूरा होने पर सरोजिनी नगर के श्री विनायक मंदिर पहुंचे PM मोदी, भगवान गणेश से मांगा आशीर्वाद

मंदिर में पूजा के बाद प्रधानमंत्री ने भगवान गणेश को ‘विघ्नहर्ता’ बताते हुए देश के निरंतर विकास और सभी के कल्याण की कामना की. उन्होंने कहा कि विघ्नहर्ता की कृपा से सभी का कल्याण हो और देश लगातार प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे. 

08-October-2026

गुजरात से दिल्ली तक: नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे, आर्थिक बदलावों पर नजर

गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरुआत से प्रधानमंत्री के तीन कार्यकाल तक का सफर, सुधारों, कल्याण योजनाओं, बुनियादी ढांचे और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर रहा फोकस

07-October-2026


बड़ी खबरें

शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,233 अंक उछला; निवेशकों की दौलत में ₹8 लाख करोड़ का इजाफा

सोमवार, 2 नवंबर को बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में जोरदार तेजी दर्ज की गई. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 75,692 और निफ्टी 23,440 के स्तर को पार कर गए. दोनों प्रमुख सूचकांक लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए.

4 hours ago

कैंसर की 543 दवाएं होंगी सस्ती, 9 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें; मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

इस व्यवस्था के तहत कई प्रमुख कैंसर दवाओं की कीमतों में कमी की गई है. इनमें 20 से अधिक प्रकार के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली इम्यूनोथेरेपी दवाएं शामिल हैं.

4 hours ago

विदेशी और MF निवेशकों को मिल सकती है टैक्स राहत, सेबी ने सरकार को भेजा प्रस्ताव

इस प्रस्ताव का उद्देश्य निवेशकों को म्यूचुअल फंड में निवेश बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना है. मौजूदा व्यवस्था में एक स्कीम से दूसरी स्कीम में स्विच करने को यूनिट्स की बिक्री माना जाता है और इस पर लागू नियमों के अनुसार कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है.

7 hours ago

AAAI ने बनाई मीडिया काउंसिल, WPP, ओमनीकॉम, पब्लिसिस, हवास और मैडिसन के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल

भारतीय विज्ञापन एजेंसियों का संगठन AAAI मीडिया इंडस्ट्री के सामने उभरती चुनौतियों पर चर्चा और आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए नई मीडिया काउंसिल बनाएगा. ओमनीकॉम मीडिया के कार्तिक शर्मा को काउंसिल का अध्यक्ष बनाया गया है.

9 hours ago

मार्च 2027 तक 6.75-7% तक आ सकती है 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड: SBI रिसर्च

SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, अगर RBI रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 6 फीसदी तक पहुंचा देता है, तब भी 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6.75 से 7 फीसदी के दायरे में रह सकती है.

9 hours ago