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क्‍यों फाइनेंशियल एडवाइजरों की जगह नहीं ले पाएंगे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ?  

एक एआई बॉट की तुलना में इंसान सभी परिस्थितियों को समझते हुए उसे सलाह दे सकता है. लेकिन एआई के साथ ऐसा नहीं है. इसलिए अपनी फाइनेंशियल समस्‍याओं के समाधान के लिए इंसान जरूरी हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस को लेकर जब कभी भी और कहीं भी चर्चा छिड़ती है तो वो इस मुददे तक जरूर पहुंचती है कि इससे इंसानों की नौकरी पर भी आने वाले समय में बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है. इस आशंका को तब और ताकत मिल गई थी जब एआई ने अमेरिका की एक नामी परीक्षा को पास कर लिया था. यहां तक की फाइनेंसियल समुदाय भी इस बात को लेकर चिंतित है कि उनका क्‍या होगा. लेकिन आज हम आपको उन कारणों को बताने जा रहे हैं कि आखिर ये खतरनाक क्‍यों नहीं है और क्‍योंकि एआई के साथ इंसानी टच भी बेहद जरूरी क्‍यों है. 

कैसे अलग है फाइनेंसियल एडवाइजर 
दरअसल चैटजीपीटी तभी किसी सवाल का जवाब देता है जब उससे किसी बारे में पूछा जाता है. सही जवाब के लिए आपको सही सवाल पूछना होगा. लेकिन अगर इस मामले में वित्तिय सलाहकार को देखें तो वो किसी भी ग्राहक की आय और उसकी दूसरी परिस्थितियों को समझते हुए उसके निवेश के लिए एक पोर्टफोलियो तैयार करता है. जबकि चैटजीपीटी केवल आपको वो बताएगा जो आपका सवाल होगा. इसलिए वित्तिय क्षेत्र में फिलहाल तो ऐसा नहीं लगता है कि एआई उन्‍हें रिप्‍लेस कर सकता है. यही नहीं सलाहकार आपको कई तरह के बदलाव के लिए भी कह सकता है. 

सही प्रश्‍न के लिए विषय को जानना जरूरी 
अगर आपको चैटजीपीटी से सही सवाल जानना है तो आपको सही सवाल पूछना होगा. सबसे खास बात ये है कि सही सवाल के लिए आपको उस विषय की पूरी जानकारी होनी चाहिए. सिर्फ यही नहीं चैटजीपीटी वही जवाब देता है जो परिस्थिति उसे बताई जाती है, लेकिन वित्‍तीय सलाहकार आपको व्‍यक्तिगत तौर पर जानता है आपकी जरूरतों को समझता है. आपकी जितनी जगह देनदारियां होती हैं उन्‍हें भी समझते हुए आपके अनुकूल सलाह देता है. 

एक भावनाहीन और अविश्‍वसनीय सलाहकार 
हमारे समाज में कोई भी आदमी जब अपनी मेहनत की कमाई को निवेश करता है तो वो उसके लिए अपने किसी भरोसमंद व्‍यक्ति से ही सलाह लेता है. वित्‍तीय सलाहकार भी उसे उसकी परिस्थितियों के अनुसार ही जवाब देता है. लेकिन चैटबॉट किसी निवेश को लेकर आपकी भावनाओं को नहीं समझ सकता है. ऐसे में उनके सुझाव थोड़ा अव्‍यवहारिक हो सकते हैं. यही नहीं किसी मेडिकल आपात स्थिति में, किसी आश्रित की मृत्यु या घर या कार खरीदने या शादी की योजना बनाने जैसे भावनात्मक निर्णय लेते समय, चैटजीपीटी इस अवसर से जुड़ी भावना को समझने में सक्षम नहीं हो सकता है.
 


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