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डेट म्युचुअल फंड को टैक्स से बचाने में हुई ये गलतियां पड़ सकती हैं बहुत भारी!

पहले धैर्य बनाकर रखें और यह साफ तौर पर समझें कि पूरा मामला क्या है और चीजों को और बेहतर तरीके से खुलकर सामने आने दें.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

फाइनेंशियल बिल 2023 में जो महत्त्वपूर्ण बदलाव किये गए उनमें से एक बड़ा बदलाव डेट म्युचुअल फंड्स को लेकर भी किया गया था. हालांकि पहले से मौजूद इन्वेस्टमेंट्स पर आपको LTCG का फायदा मिलता रहेगा लेकिन 1 अप्रैल 2023 के बाद डेट म्युचुअल फंड्स में की गयी आपकी इन्वेस्टमेंट्स पर 20% की दर से टैक्स लगाया जाएगा. जब से डेट म्युचुअल फंड्स पर टैक्स कटौती की खबर सामने आई है लोग एक्सपर्ट्स से इस टैक्स कटौती से बचने का रास्ता पूछ रहे हैं और एक्सपर्ट्स भी लोगों को खाली हाथ नहीं लौटा रहे लेकिन ऐसे में इन तरीकों पर एक बार रुककर विचार कर लेना बेहद जरूरी है. 

जल्दबाजी से होगा नुकसान
सबसे पहले आपको अपनी घबराहट पर काबू करना है. जब भी कभी ऐसी बड़ी खबर सामने आती है तो लोग अक्सर घबराहट में जल्दबाजी करके फंड्स बेच देते हैं जिससे उन्हें नुकसान हो जाता है. ऐसी बड़ी खबर या बदलाव सामने आने पर पहले धैर्य बनाकर रखें और यह साफ तौर पर समझें कि पूरा मामला क्या है और चीजों को और बेहतर तरीके से खुलकर सामने आने दें. ये तो बहुत हद तक साफ है कि सरकार अब अपने प्लान में बदलाव नहीं करेगी, लेकिन हो सकता है कि फैसले को पूरी तरह लागू करने से पहले वह SEBI (सिक्योरिटीज एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) से बातचीत करके गाइडलाइन्स में थोड़ा बदलाव कर दें और ऐसे प्रोडक्ट्स को लॉन्च कर दें जो इंडेक्सेशन के साथ आपको LTCG का फायदा दे सकें. इसलिए अभी अपने फंड्स बेचने की जल्दबाजी बिलकुल न करें. 

कोई भी शॉर्टकट पड़ सकता है भारी
बहुत से एक्सपर्ट्स ऐसे हैं जो ऐसी परिस्थिति में भी सोल्यूशन देने का दावा कर रहे हैं. लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन सोल्यूशंस में से ज्यादातर आधे अधूरे सोल्यूशंस हैं और लॉन्ग टर्म में आपको इनसे किसी तरह का कोई फायदा नहीं होगा. सरकार ने डेट स्कीमों पर टैक्स लगाने का फैसला बैंकों में जमा किये जाने वाले फिक्स्ड डिपॉजिट की तर्ज पर लिया है और आप किसी भी तरह इसे कंट्रोल नहीं कर सकते. 

सरकार कटौती और छूट से चाहती है छुटकारा?
बहुत से म्युचुअल फंड्स के मैनेजरों ने मीडिया से बातचीत के दौरान इस बात को भी स्वीकार करना शुरू कर दिया है कि शायद सरकार आने वाले समय में कटौती और छूट से छुटकारा पाना चाहती है और उनका मानना है कि इन्वेस्टर्स को आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा टैक्स भरना पड़ सकता है जिसके लिए उन्हें तैयार रहना चाहिए. इन मैनेजरों ने साथ ही यह भी कहा कि अगर कोई एक्सपर्ट्स दावा करता है कि वह सरकार को झांसा दे सकता है तो ऐसे झूठे दावों में न फंसें और सरकार जब भी कोई फैसला लेती है तो वह अपना होमवर्क पूरा करके रखती है. 
 

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