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New EV Policy के लिए विस्तृत दिशानिर्देश होंगे जारी, अब कोई भी फर्म लगा सकेगी कारखाना
भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries) विस्तृत दिशानिर्देश तैयार कर रहा है, जिसमें इससे जुड़ा पूरा ब्योरा स्पष्ट किया जाएगा और जल्द इसकी घोषणा भी की जाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
देश में पहले से वाहन बना रही कंपनियों समेत सभी कंपनियों को इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बनाने के लिए नई परियोजना या संयंत्र में निवेश की इजाजत दी जा सकती है. जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार हाल में मंजूर नई ईवी नीति (New EV Policy) के तहत कंपनियों को नए निवेश के लिए अनुमति देने की योजना बना रही है.
मार्च में घोषित ईवी पॉलिसी
आपको बता दें, मार्च में घोषित ईवी पॉलिसी में उन विनिर्माण कंपनियों के लिए आयात शुल्क कम करने की बात कही गई है, जो कम से कम 50 करोड़ डॉलर निवेश का वादा करेंगे और 3 साल के भीतर देश में कारखाना लगाएंगे. उन्हें काम शुरू करने के 3 साल के भीतर भारत में ही 25 प्रतिशत मूल्यवर्द्धन शुरू करना होगा. 5वें साल तक इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत करना होगा. इस पॉलिसी का मकसद टेस्ला, विनफास्ट, बीवाईडी जैसी प्रमुख अतंरराष्ट्रीय कंपनियों को भारत में वाहन बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है. वहीं, अब इसे लेकर सरकार फिर से दिशानिर्देश जारी करने वाली है.
ये होंगे दिशा निर्देश
जानकारी के अनुसार नई ईवी पॉलिसी के तहत सरकार अब हर फर्म को देश में कारखाना लगाने की अनुमति देने वाली है. सरकार जल्द इसे लेकर दिशा-निर्देश जारी करेगी, जिसमें आवेदन पोर्टल लिंक और परियोजना निगरानी एजेंसी (PMA) के बारे में जानकारी शामिल होगी. 15 मार्च को सरकार ने एक इलेक्ट्रिक-वाहन नीति को मंजूरी दी है जिसके तहत 500 मिलियन अमेरिकी डालर के न्यूनतम निवेश के साथ देश में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने वाली कंपनियों को शुल्क रियायतें दी जाएंगी.
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ये है सरकार का प्लान
15 मार्च को सरकार ने एक इलेक्ट्रिक-वाहन नीति को मंजूरी दी है, जिसके तहत 500 मिलियन अमरीकी डालर के न्यूनतम निवेश के साथ देश में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने वाली कंपनियों को शुल्क रियायतें दी जाएंगी, इस कदम का उद्देश्य यूएस-आधारित टेस्ला जैसी प्रमुख वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करना है. नीति के अनुसार, किसी कंपनी को भारत में विनिर्माण सुविधाएं स्थापित करने, ई-वाहनों का वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने और अधिकतम पांच वर्षों के भीतर 50 प्रतिशत घरेलू मूल्य संवर्धन (DVA) तक पहुंचने के लिए 3 वर्ष का समय मिलेगा.
पैसेंजर इलेक्ट्रिक कारों के लिए ये नियम
पैसेंजर इलेक्ट्रिक कारों के लिए मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने वाली कंपनियों को सरकार द्वारा अनुमोदन पत्र जारी करने की तिथि से 5 वर्षों के लिए 35,000 अमेरिकी डॉलर और उससे अधिक कीमत वाले वाहनों पर 15 प्रतिशत के कम सीमा शुल्क/आयात शुल्क पर सीमित संख्या में कारों का आयात करने की अनुमति दी जाएगी.
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