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RBI ने खोला गोल्ड बॉन्ड का खजाना, 5 साल में निवेशकों को 107% रिटर्न

SGB स्कीम निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक विकल्प साबित हो रही है. सिर्फ 5 साल में 107% से अधिक रिटर्न और टैक्स में छूट जैसी सुविधाएं इसे और भी लाभकारी बनाती हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago

गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है. दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Sovereign Gold Bond (SGB) 2020-21 सीरीज VI का समय से पहले रिडेम्प्शन शुरू कर दिया है. जिन निवेशकों ने यह बॉन्ड सितंबर 2020 में ₹5,117 प्रति यूनिट के भाव पर खरीदा था, उन्हें अब ₹10,610 प्रति यूनिट का रिटर्न मिल रहा है. यानी 5 साल में 107% से ज्यादा का मुनाफा.

RBI ने किया रिडेम्प्शन का ऐलान

रिजर्व बैंक ने इस सीरीज के लिए रिडेम्प्शन की घोषणा कर दी है. सामान्यतः SGB की अवधि 8 साल की होती है, लेकिन 5 साल पूरे होने के बाद निवेशक चाहें तो समय से पहले रिडीम कर सकते हैं. यह सुविधा अब सीरीज VI के निवेशकों के लिए उपलब्ध है.

कैसे तय हुआ रिडेम्प्शन प्राइस?

SGB 2020-21 सीरीज VI के लिए रिडेम्प्शन प्राइस ₹10,610 प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है. यह दर 3, 4 और 5 सितंबर 2025 को इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा घोषित सोने की क्लोजिंग कीमतों के औसत पर आधारित है.

इन बॉन्ड्स की खासियत क्या है?

- जारी तिथि: 8 सितंबर 2020
- समयावधि: कुल 8 साल, लेकिन 5 साल बाद समय से पहले रिडेम्प्शन की सुविधा
- ब्याज दर: 2.5% सालाना, हर 6 महीने में बैंक अकाउंट में ट्रांसफर
- टैक्स नियम: ब्याज टैक्सेबल होता है, लेकिन रिडेम्प्शन पर कैपिटल गेन टैक्स से छूट मिलती है
- इंडेक्सेशन बेनिफिट भी लंबी अवधि के ट्रांसफर पर मिलता है

SGB क्यों लाया गया था?

भारत सरकार ने नवंबर 2015 में SGB स्कीम लॉन्च की थी, ताकि लोग फिजिकल गोल्ड के बजाय डिजिटल तरीके से निवेश करें. इस योजना के पीछे कई उद्देश्य थे, जिनमें सोने के आयात को कम करना, घरों में सोने को जमा करने की आदत को घटाना और लोगों की बचत को उत्पादक निवेश में बदलना शामिल है.

 


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