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क्रेडिट कार्ड यूजर्स को बड़ी राहत, RBI ने दिया 3 दिन का ग्रेस पीरियड

यह बदलाव क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है और आने वाले समय में बैंकिंग अनुभव को और बेहतर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने क्रेडिट कार्ड धारकों को बड़ी राहत देते हुए लेट पेमेंट नियमों में अहम बदलाव किया है. नए नियमों के तहत अब बिल की ड्यू डेट के बाद भी ग्राहकों को 3 दिन का अतिरिक्त समय मिलेगा, जिसमें भुगतान करने पर कोई पेनल्टी नहीं लगेगी. यह नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा.

ड्यू डेट के बाद भी मिलेगा अतिरिक्त समय

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, ड्यू डेट निकलते ही लेट फीस नहीं लगेगी. ग्राहकों को 3 दिन का ग्रेस पीरियड दिया जाएगा. उदाहरण के तौर पर, यदि आपके क्रेडिट कार्ड बिल की अंतिम तारीख 5 अप्रैल है, तो आप 8 अप्रैल तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के भुगतान कर सकते हैं. यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी, जो व्यस्तता या तकनीकी कारणों से समय पर भुगतान नहीं कर पाते.

लेट फीस का नया नियम क्या है

आरबीआई ने लेट फीस की गणना को भी अधिक पारदर्शी बना दिया है. अब जुर्माना पूरे बिल पर नहीं, बल्कि केवल बकाया राशि पर लगाया जाएगा. मतलब, यदि आपने बिल का कुछ हिस्सा पहले ही चुका दिया है, तो लेट फीस सिर्फ बची हुई रकम पर ही लगेगी. इससे ग्राहकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ कम होगा. हालांकि, यदि 3 दिन की ग्रेस अवधि के बाद भी भुगतान नहीं किया जाता है, तो बकाया माना जाएगा और इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है.

प्राकृतिक आपदा में भी मिलेगी राहत

आरबीआई ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित ग्राहकों के लिए भी राहत का प्रावधान किया है. अब बैंकों को राहत देने के लिए ग्राहक के आवेदन का इंतजार नहीं करना होगा. बैंक अपनी ओर से प्रभावित ग्राहकों को जरूरी सहायता प्रदान कर सकेंगे. यह नियम 1 जुलाई 2026 से लागू होगा.

किन ग्राहकों को होगा सबसे ज्यादा फायदा

इस फैसले से उन लाखों क्रेडिट कार्ड यूजर्स को फायदा मिलेगा, जो कभी-कभी ड्यू डेट मिस कर देते हैं. नया नियम न सिर्फ पेनल्टी से राहत देगा, बल्कि भुगतान प्रक्रिया को अधिक लचीला और ग्राहक-हितैषी बनाएगा.

आरबीआई के इस कदम से क्रेडिट कार्ड सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों का भरोसा मजबूत होगा. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ग्राहकों को फिर भी समय पर भुगतान करने की आदत बनाए रखनी चाहिए, ताकि क्रेडिट स्कोर पर कोई नकारात्मक असर न पड़े.

 


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