होम / पर्सनल फाइनेंस / Budget 2023: म्‍यूचुअल फंड रिटायरमेंट स्‍कीम पर NPS की तरह मिले टैक्स बेनेफिट

Budget 2023: म्‍यूचुअल फंड रिटायरमेंट स्‍कीम पर NPS की तरह मिले टैक्स बेनेफिट

बजट 2023 से बाजार से काफी उम्मीदें हैं, क्योंकि यह 2024 के आम चुनाव से पहले आखिरी फुल बजट है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

(अजीत मेनन, CEO, PGIM इंडिया म्‍यूचुअल फंड)

1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट 2023 पेश करेंगी. बजट 2023 से बाजार से काफी उम्मीदें हैं, क्योंकि यह 2024 के आम चुनाव से पहले आखिरी फुल बजट है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिया है कि सरकार आगामी बजट में मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए सरकार कुछ प्रावधान कर सकती है. इस उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में, सरकार भारत के कार्यबल की जरूरतों व उम्मीदों को पूरा करने के लिए रोजगार बढ़ाने, बुनियादी ढांचे के निर्माण, स्मार्ट सिटी सहित अन्य पर प्रमुख बातों पर ध्यान केंद्रित कर रही है.

पिछले कुछ साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ भारत के लिए भी काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं. हालांकि भारत ने दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में महामारी और विपरीत वैश्विक परिस्थितियों की चुनौती का बेहतर तरीके से सामना किया है और इससे अच्छी तरह से उभरा है. अर्थशास्त्री यह अनुमान लगा रहे हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था 7 साल में 7 ट्रिलियन डॉलर यानी 7 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचने के लिए तैयार है.

म्युचुअल फंड उद्योग बचत को कैपिटल मार्केट यानी पूंजी बाजार की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. नोटबंदी के बाद लोगों में बचत और निवेश को लेकर जागरुकता बढ़ी और उस दौर में भारतीय परिवारों ने म्युचुअल फंड जैसे बाजार से जुड़े उत्पादों को बड़े पैमाने पर अपनाया है.

म्यूचुअल फंड उद्योग का बढ़ रहा है आकार

म्यूचुअल फंड उद्योग का आकार लगातार बढ़ रहा है. यह दिसंबर 2017 में 21.26 लाख करोड़ रुपये था, जो दिसंबर 2022 में 14 फीसदी की सीएजीआर से बढ़कर 40.76 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. दिसंबर 2022 तक, रिकॉर्ड 6.12 करोड़ एसआईपी फोलियो के साथ सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए निवेश 13,573 करोड़ रुपये रहा. यह साफ है कि भारतीय लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्य को पूरा करने के लिए म्यूचुअल फंड को तरजीह दे रहे हैं.

म्यूचुअल फंड की पहुंच छोटे शहरों में और अधिक बढ़ाने और निवेशकों को रिटायरमेंट यानी सेवानिवृत्ति जैसे लंबी अवधि के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करने के लिए, एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) द्वारा यहां बजट 2023 के लिए कुछ सिफारिशें हैं:

म्‍यूचुअल फंड रिटायरमेंट स्‍कीम पर टैक्‍स का लाभ

निजी क्षेत्र में काम करने वालों के लिए कोई औपचारिक पेंशन योजना नहीं है, जिसके चलते कई निवेशक अपने रिटायरमेंट लक्ष्यों को पूरा करने के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं. वर्तमान में, नेशनल पेंशन स्‍कीम (NPS) में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80CCD के तहत 50,000 रुपये की अतिरिक्त कर छूट मिल रही है. म्युचुअल फंड उद्योग लंबे समय से मांग कर रहा है कि म्युचुअल फंड द्वारा शुरू की गई सेवानिवृत्ति/पेंशन योजनाओं को भी आयकर अधिनियम की धारा 80CCD के दायरे में लाया जाना चाहिए, जिससे इनपर भी एनपीएस की तरह कर छूट का फायदा मिले.

म्यूचुअल फंड लिंक्ड सेवानिवृत्ति योजना

म्यूचुअल  फंड को यूएस में 401(k) योजना के समान ही म्युचुअल फंड लिंक्ड सेवानिवृत्ति योजना (MFLRP) शुरू करने की अनुमति दी जानी चाहिए, जो कर लाभ के लिए योग्‍य होगी. लंबी अवधि की बचत को चैनलाइज करने में कर प्रोत्साहन महत्वपूर्ण हैं. उदाहरण के लिए, जब सेवानिवृत्ति बचत के लिए कर प्रोत्साहन की घोषणा की गई तो यूएस म्युचुअल फंड उद्योग में तेज विकास देखने को मिला. है जब विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं, भारतीय म्युचुअल फंड उद्योग ने घरेलू बाजार को समर्थन दिया है.

पेंशन फंड इंफ्रास्ट्रक्चर यानी आधारभूत संरचना और लंबी अवधि की अन्य परियोजनाओं में धन के स्रोत के रूप में उभर सकते हैं. पेंशन फंड इक्विटी बाजार को गहराई प्रदान कर सकते हैं (सरकार के विनिवेश कार्यक्रम से उत्पन्न होने वाले शेयरों को अवशोषित करना).

टैक्‍स आर्बिट्राज हटाया जाए

म्यूचुअल फंड 'इनकम डिस्ट्रीब्यूशन कम कैपिटल विड्रॉल (IDCW)' जैसी कई सुविधाएं प्रदान करते हैं, जिन्हें पहले डिविडेंड प्लान, ग्रोथ ऑप्शन, डायरेक्ट और रेगुलर प्लान के रूप में जाना जाता था.

म्यूचुअल फंड निवेशक कभी-कभी ग्रोथ ऑप्शन से डिविडेंड ऑप्शन (या इसके विपरीत) और/या रेगुलर प्लान से डायरेक्ट प्लान (या इसके विपरीत) के बीच स्विच करते हैं. वर्तमान में, इस तरह के स्विच को आयकर अधिनियम 1961 के धारा 47 के तहत "स्थानांतरण" के रूप में माना जाता है. साथ ही ये कैपिटल गेंस टैक्‍स यानी पूंजीगत लाभ कर के लिए उत्तरदायी हैं. इसमें निवेश की गई राशि म्युचुअल फंड योजना में बनी रहती है और कोई वास्तविक लाभ नहीं होता है. इसकी वजह यह है कि  प्रतिभूतियां/पोर्टफोलियो अपरिवर्तित रहता है.

दूसरी ओर यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) में एक फंड से दूसरे फंड में स्विच करने पर खास सुविधा है कि यह कैपिटल गेंस टैक्स के अधीन नहीं हैं. इसलिए यह मांग है कि एक जैसे उत्पादों पर एक जैसा कर लाभ मिलना चाहिए और इसलिए इस टैक्‍स आर्बिट्राज टैक्‍स को समाप्त करने की आवश्यकता है.

अंतर्राष्ट्रीय निवेश की सीमा पर लचीलेपन की मांग

AMFI द्वारा इन सिफारिशों के अलावा, एक अन्य क्षेत्र पर ध्यान देने की आवश्यकता है. वह यह है कि सरकार को अंतर्राष्ट्रीय फंड ऑफ फंड्स श्रेणी में स्पष्टता और कुछ छूट प्रदान करनी चाहिए, जिनकी मांग हाल में बढ़ी है. म्यूचुअल फंडों द्वारा विदेशी फंडों में कुल निवेश पर 700 करोड़ डॉलर की सीमा है. फॉरेन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में निवेश करने के लिए 100 करोड़ डॉलर की एक अलग सीमा है. सरकार को उद्योग की इक्विटी परिसंपत्तियों के 10 फीसदी पर विदेशी फंडों में म्युचुअल फंडों द्वारा कुल निवेश को सीमित करने के लिए एक खुली सीमा रखने पर विचार करना चाहिए. क्योंकि ऐसे फंडों की मांग बढ़ रही है. अंतर्राष्ट्रीय विविधीकरण यानी डाइवर्सिफिकेशन के लिए घरेलू निवेशकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय फंड ऑफ फंड्स एक आदर्श विकल्प हैं, जो निवेशकों के पोर्टफोलियो आवंटन का 10 फीसदी तक हो सकता है.

अंत में, फंड्स के इक्विटी फंड को कर व्यवस्था के लिए घरेलू इक्विटी फंड के समान माना जाना चाहिए, क्योंकि इक्विटी फंड ऑफ फंड्स (घरेलू और अंतरराष्ट्रीय) मुख्य रूप से घरेलू या विदेशी देशों में स्थित फंड में निवेश करते हैं. जहां अंतर्निहित होल्डिंग्स स्टॉक हैं. वर्तमान में, फंड ऑफ फंड्स  को टैक्सेशन यानी कराधान के लिए डेट फंड के रूप में माना जाता है.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

KCC के नियमों में बड़ा बदलाव: 2 लाख रुपये तक बिना गारंटी मिलेगा लोन, किसानों को राहत

RBI ने किसान क्रेडिट कार्ड के नियम बदले, फसल अवधि से लेकर लोन सीमा तक कई अहम बदलाव 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे.

1 day ago

SEBI ने म्यूचुअल फंड्स को दी बड़ी राहत, इंट्राडे उधारी के नियम हुए आसान

कैश मैनेजमेंट, ट्रेड सेटलमेंट और डेरिवेटिव दायित्वों के लिए अब ले सकेंगे शॉर्ट-टर्म लोन, परिचालन दक्षता बढ़ने की उम्मीद

4 days ago

अब UPI और ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा, जून के अंत तक शुरू हो सकती है नई सुविधा

नई व्यवस्था लागू होने के बाद सदस्य क्लेम की स्वीकृत राशि सीधे अपने बैंक खाते में प्राप्त कर सकेंगे और फिर जरूरत पड़ने पर ATM से नकदी निकाल सकेंगे.

5 days ago

कोटक MF ने लॉन्च किया पहला SIF, हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट रणनीति पर दांव

SEBI की नई स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड श्रेणी में अब कोटक की एंट्री भी हो गई है, निवेशकों के लिए 15 से 29 जून तक NFO खुला रहेगा.

1 week ago

बैंकिंग फ्रॉड पर लगेगी लगाम! RBI ला रहा 'किल स्विच', एक क्लिक में रुक जाएंगे खाते से सभी ट्रांजैक्शन

डिजिटल लेनदेन के बढ़ते दायरे को देखते हुए RBI लगातार सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर जोर दे रहा है ताकि ग्राहकों का भरोसा बना रहे और साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके.

30-May-2026


बड़ी खबरें

सेबी का नया विज्ञापन कोड: सेलिब्रिटी करेंगे ब्रांड प्रमोट, स्कीम बेचने पर रोक

नए नियमों के तहत अब स्टॉक ब्रोकर, म्यूचुअल फंड हाउस, इन्वेस्टमेंट एडवाइजर और पोर्टफोलियो मैनेजर अपने कॉरपोरेट ब्रांड के प्रचार के लिए सेलिब्रिटी की सेवाएं ले सकेंगे.

17 hours ago

MoEngage ने AI कंपनी Aampe का किया अधिग्रहण, ग्राहक जुड़ाव तकनीक को मिलेगी नई ताकत

पर्सनलाइज्ड मार्केटिंग और एआई-आधारित कस्टमर एंगेजमेंट को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम

12 hours ago

टियर-2 शहरों और जेन-जेड ने बढ़ाई रफ्तार, फ्लिपकार्ट मिनट्स की पहुंच 130 शहरों तक

कंपनी के अनुसार, क्विक कॉमर्स की अगली वृद्धि देश के उभरते बाजारों से आ रही है. टियर-2 और टियर-3 शहरों में पिछले एक वर्ष के दौरान 42 गुना वृद्धि दर्ज की गई है.

12 hours ago

हेल्थ एंड न्यूट्रिशन कारोबार में होनासा का कदम, फ्लुएंस फार्मा में खरीदी 58% हिस्सेदारी

इस अधिग्रहण के बाद होनासा कंज्यूमर अपनी नई सहायक कंपनी ‘होनासा हेल्थ’ की स्थापना करेगी. इस इकाई के माध्यम से कंपनी उपभोक्ताओं के लिए पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े उत्पादों का पोर्टफोलियो तैयार करेगी.

14 hours ago

किसानों के लिए अमित शाह का बड़ा ऐलान, दलहन-तिलहन का एक-एक दाना खरीदेगी NAFED-NCCF

सहकारिता मंत्री ने कहा कि फसल खरीद के बाद किसानों को भुगतान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. उन्होंने निर्देश दिया कि खरीद के 48 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में सीधे भुगतान किया जाए.

15 hours ago