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रंग लाई BW Hindi की मुहिम, पिछली सीट के लिए भी 'अलार्म' जरूरी, ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी

सायरस मिस्त्री की सड़क हादसे में मौत के बाद देश भर में सड़क सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई थी, जिसमें सीट बेल्ट अलार्म एक बड़ा मुद्दा था. सरकार इस पर तेजी से काम कर रही है

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्ली:

नई दिल्ली: आखिरकार BW Hindi की मुहिम रंग लाई है. गाड़ियों को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए हमने पिछली सीट पर सीटबेल्ट और अलार्म को अनिवार्य के लिए आवाज उठाई थी. अब सड़क, परिवहन और हाईवे (MoRTH) ने सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन का ड्राफ्ट जारी किया है, जिसके तहत वाहन की सभी सीटों के लिए सीटबेल्ट अलार्म अनिवार्य होगा
दरअसल, 4 सितंबर को टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत के बाद कुछ तथ्य निकलकर सामने आए थे. जिसमें एक ये था कि साइरस मिस्त्री पिछली सीट पर बैठे थे और उन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी. अगर वो सीट बेल्ट लगाते तो शायद उनकी जान बच सकती थी. 

पिछली सीट पर सीटबेल्ट की अनिवार्यता और अलार्म को लेकर लेकर BW Hindi ने एक मुहिम की शुरुआत की. 6 सितंबर, 2022 को हमने एक आर्टिकल लिखा और जिसमें हमने बताया था कि कैसे गाड़ियों में पिछली सीट के लिए अलार्म तो दूर, लोग सीट बेल्ट ही नहीं पहनते हैं. हमने सरकार से मांग करने के साथ साथ देश भर में एक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया था, जिसके बाद सरकार हरकत में आई. इस मुहिम का ही असर था कि सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसका संज्ञान लिया और उन्होंने ऐलान किया कि वो ऑटो कंपनियों के लिए पिछली सीट पर भी सीट बेल्ट लगाने के साथ ही अलार्म लगाने की योजना को अनिवार्य करने जा रहे हैं और अब इसका ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. 

हमारी मुहिम को यहां पढ़ें - 
लिंक - Explainer: कार कम्पनियों को लेना चाहिए Initiative, जान पर भारी पड़ता है ये जुगाड़ सिस्टम!

VIDEO- BW Hindi की जन-जागरण मुहिम

हर सीट के लिए सीटबेल्ट अलार्म अनिवार्य
इस ड्राफ्ट संशोधन में कहा गया है कि सीट बेल्ट का अलार्म जो अबतक सिर्फ आगे की दो सीटों के लिए होता है, अब हर फ्रंट फेसिंग सीट के लिए जरूरी होगा. संशोधन में कहा गया है कि M और N कैटेगरी  यानी सवारी गाड़ियां और माल ढुलाई गाड़ियां, उन सभी के लिए सीट बेल्ट अलार्म लगाना अनिवार्य होगा और ऑटो कंपनियों को ये अलार्म लगाकर देने ही होंगे. इन संशोधनों पर सरकार की ओर से ऑटो कंपनियों और संबंधित लोगों से 5 अक्टूबर तक सुझाव मांगे गए हैं. सभी सुझावों पर विचार करने के बाद सरकार एक फाइनल नोटिफिकेशन तैयार करेगी और जारी करेगी. सरकार की मंशा है कि इन बदलावों को जल्द से जल्द लागू किया जाए.    

तीन चरणों में अलार्म चेतावनी
वाहनों में ये अलार्म तीन चरणों में होंगे, पहला चरण- जैसे ही ड्राइवर गाड़ी में बैठेगा और इंजन को चालू करेगा अलार्म बजने लगेगा, ये अलार्म ऑडियो और विजुअल दोनों तरह का होगा. इसके बाद गाड़ी के चलने पर अगर किसी ने सीट बेल्ट नहीं लगाई है तो अलार्म बजेगा, अगर सफर के दौरान किसी भी यात्री ने अपनी सीटबेल्ट खोल दी है तो अलार्म बजने का प्रावधान है. 

नहीं चलेगी तिकड़मबाजी

एक और बदलाव जो काफी बड़ा है वो ये कि लोग सीट बेल्ट को शरीर पर पहनने की बजाए सिर्फ बक्कल में फंसाकर पीठ के पीछे कर देते हैं ताकि अलार्म का बजना बंद हो जाए, अब तिकड़मबाजी नहीं चलेगी. इसके लिए सरकार ने एक संशोधन और जोड़ा है कि सीट बेल्ट अलार्म तभी बंद होगा जब बेल्ट को कम से कम 100 मिलीमीटर तक खींचकर बक्कल में लगाया जाए, अगर किसी भी तरह की चालाकी से अलार्म को बंद करने की कोशिश की जाती है तो वो नाकाम होगी. 

कुछ और बड़े बदलाव भी हैंइतना नहीं नहीं ड्राफ्ट संशोधन में ओवर स्पीड अलार्म को भी अनिवार्य किया गया है. अभी ज्यादातर गाड़ियों में ओवरस्पीड अलार्म की सुविधा नहीं होती है, इसके अलावा M1 कैटेगरी की गाड़ियों में चाइल्ड लॉक इजाजत नहीं होगी. सभी M और N कैटेगरी के वाहनों के लिए रिवर्स पार्किंग सिस्टम को भी अनिवार्य किया गया है. सेंट्रल लॉक के लिए मैनुअल ओवर राइड को भी अनिवार्य किया गया है. आपको बता दें कि सायरस मिस्त्री की सड़क हादसे में दुखद मृत्यु के बाद BW Hindi ने पिछली सीट पर सीट बेल्ट अलार्म को लेकर आवाज उठाई थी. इसके बाद सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस बात का संज्ञान लिया और उन्होंने कहा कि वो ऑटो कंपनियों के लिए पिछली सीट पर भी सीट बेल्ट अलार्म लगाने की योजना को अनिवार्य करने जा रहे हैं. 

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