होम / बातें साहित्य की / BW IBLF:अगर आदमी को जीवन में फिक्र न हो तो वो कुछ नहीं कर सकता है- मुजफ्फर अली

BW IBLF:अगर आदमी को जीवन में फिक्र न हो तो वो कुछ नहीं कर सकता है- मुजफ्फर अली

ये बहुत मुश्किल काम है कि अपनी जिंदगी को कलमबद्ध करना.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्लीः BW Businessworld की तरफ से आयोजित भारत के सबसे बड़े Non Fiction Book Festival IBLF में शिरकत करने आए प्रख्यात फिल्मकार और लेखक मुजफ्फर अली ने कहा कि अगर आदमी के जीवन में फिक्र हट जाए तो वो कुछ नहीं कर सकता है. गौरव डागांवकर, सीईओ और को-फाउंडर, Hooprai&Songfest India के साथ बातचीत के एक सेशन में अली ने अपनी जीवन की यात्रा जो लखनऊ से शुरू होकर अलीगढ़, कोलकाता, दिल्ली और मुंबई तक गई थी, उसके बारे में तफ्सील से बातचीत की.

किताब क्यों लिखी इसके बारे में पूछने पर अली ने बताया कि, बहुत से लोगों ने मुझसे कहा कि आप कुछ किताब क्यों नहीं लिखते हैं. ये बहुत मुश्किल काम है कि अपनी जिंदगी को कलमबद्ध करना. किताब की शक्ल में इसको मुझे उतारने में काफी जद्दोजहद करनी पड़ी. किताब की शुरुआत लखनऊ से शुरू होती है. एक लड़का बचपन में सपने की तरह और फिर बड़ा होकर एक ग्लोबल विजन की तरह शहर को देखता है.

प्रश्नः आपकी किताब में अलीगढ़ का जिक्र है. क्यों ये शहर आपकी जिंदगी में इतना अहम किरदार निभाता है? कविता, शायरी को कहने में कैसे इस शहर ने आपकी मदद की?

मैं साइंस पढ़ने के लिए अलीगढ़ गया था क्योंकि मेरे वालिद ने कहा था कि अगर साइंस नहीं पढ़ोगे तो बेकार हो जाओगे. मैं साइंस पढ़ने के लिए अलीगढ़ गया और वहां मैंने जियोलॉजी को सब्जेक्ट के तौर पर ले लिया. जियोलॉजी में ब्लॉक्स बनाना, पत्थर तोड़ना जैसे काम शामिल होते थे. पढ़ाई के दौरान मुझे साइंस की ब्यूटी के बारे में पता चला. शब्द, गीत, गीत की समझ, कैसे गीत जीवन पर सवाल बोलते हैं, तो अलीगढ़ में मेरे को किताब के नाम जिक्र की जगह पर फिक्र होने लगी.  तब मुझे पता चला कि अगर फिक्र आदमी में नहीं है तो वो कुछ नहीं कर सकता. अलीगढ़ ने मुझे दुनिया को समझने का एक मौका दिया, जो मैं हमेशा अपने साथ लेकर के चलता हूं.

प्रश्नः आप अलीगढ़ के बाद कोलकाता गए जहां आपने थियटर के साथ में विज्ञापन बनाने शुरू कर दिए और फिर मुंबई में काफी वक्त बिताया. बिजनेस प्वाइंट ऑफ व्यू के हिसाब से आप दोनों शहरों में कितना अंतर पाते हैं?

कलकत्ता और बॉम्बे तब उस वक्त में देश के दो बड़े व्यापारिक शहर थे. इन दोनों शहरों में उत्पाद बनते थे, व्यापार होता था और वो उत्पाद मार्केट में जाते थे. जब मैं कलकत्ता पहुंचा, उस जमाने में मैं ये सोचकर वहां गया था कि मुझे बॉक्स वाली नौकरी नहीं करनी है, बल्कि वो करना है जो मेरे दिल और दिमाग के काफी करीब है. मैं फिर विज्ञापन में चला गया क्योंकि वहां शायरी और कविता की हवा आती रहेगी. विज्ञापन बनाते हुए पता चला कि कोई भी बिजनेस बिना इसके नहीं चल सकता है. इस तरह मैं बैलेंस करके चल रहा था. 

IBLF के फाउंडर डॉ. अनुराग बत्रा ने क्या कहा?

IBLF के चौथे संस्करण के बारे में बात करते हुए, इसके (IBLF) फाउंडर और BW Businessworld और exchange4media Group के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा, "यह एक ऐसी जगह है जहां बिजनेस और ज्ञान एक-दूसरे से मिलते हैं. शहर में आयोजित हो रहा इंडिया बिजनेस लिटरेचर फेस्टिवल अपनी तरह का पहला ऐसा फेस्टिवल है, जहां विचारों के आदान-प्रदान होता है और नई प्रतिभाओं की खोज होती है. Non Fiction राइटिंग को बढ़ावा देने के मकसद से हम इस फेस्टिवल को दिल्ली से शुरू करते हुए इस बार 21 शहरों में ले जा रहे हैं."

VIDEO: Data Protection बिल पर राज्‍यमंत्री राजीव चंद्रशेखर से बातचीत

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित हुए आर. वैरामुथु, बोले- साहित्य ने ही जीवन को दिशा दी

वैरामुथु ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले तीसरे तमिल साहित्यकार और पहले तमिल कवि बन गए हैं. उन्होंने इस सम्मान को पूरी तमिल भाषा और भारतीय साहित्य जगत का गौरव बताया. 

14-July-2026

दोहरीघाट से दिल्ली, संस्कारों की विरासत’: संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश

यह पुस्तक केवल लेखक की व्यक्तिगत यात्रा नहीं, बल्कि पूर्वांचल की सांस्कृतिक विरासत, भारतीय पारिवारिक मूल्यों, माता-पिता के संघर्ष, संस्कारों और बदलते सामाजिक परिवेश के बीच मानवीय संवेदनाओं की कहानी को प्रस्तुत करती है.

29-June-2026

'क्लाइमेट जस्टिस' केवल कानूनी विश्लेषण नहीं, प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का दस्तावेज: राजीव

राजीव मलिक ने पुस्तक पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, यह पुस्तक अंतरात्मा की ऐसी कृति, जिसे कानून की भाषा में व्यक्त किया गया है.

18-June-2026

ग्रामीण भारत, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र निर्माण की नई कथा ‘उड़ चल अपने देस’

रक्षा मंत्रालय में निदेशक अभिषेक चौहान ने अपनी नई पुस्तक 'उड़ चल अपने देस' के माध्यम से अपने अनुभवों, सामाजिक अवलोकनों और सांस्कृतिक सरोकारों को अभिव्यक्त करने का प्रयास किया है.

16-June-2026

मशहूर शायर बशीर बद्र का निधन, भोपाल में 91 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

बशीर बद्र अपनी गजलों और यादगार शेरों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे. उनकी कई रचनाएं आज भी लोगों की जुबान पर हैं और उर्दू साहित्य में उनका योगदान हमेशा अमर रहेगा.

29-May-2026


बड़ी खबरें

फर्जी कॉल पर लगेगी लगाम! अब 1601 नंबर से आएगी बिजली, गैस और कूरियर कंपनियों की कॉल

TRAI ने वॉयस कॉल के जरिए होने वाली धोखाधड़ी और फर्जी पहचान के मामलों पर लगाम लगाने के लिए 1601 नंबर सीरीज शुरू की है.

16 hours ago

सेबी का अजीब आंकड़ा: 26 बच्चों को पुरस्कार, एक भी मुखबिर को नहीं मिला इनाम

छह साल पहले मुखबिरों को 10 करोड़ रुपये तक इनाम देने का वादा हुआ था, लेकिन सेबी की पिछली दो रिपोर्टों में किसी को इनाम नहीं मिला.

10 hours ago

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के नए MD & CEO बने आसिफ मालबारी

कंपनी के वैश्विक मुख्य वित्तीय अधिकारी और गोदरेज अफ्रीका के अध्यक्ष रह चुके हैं मल्बारी, एफएमसीजी और वाहन क्षेत्र में तीन दशक का अनुभव

10 hours ago

कोटक MF का नया दांव, All Cap Omni FoF लॉन्च; एक ही फंड से कई मार्केट कैप में निवेश

नया फंड लार्ज, मिड और स्मॉल कैप समेत अलग-अलग मार्केट कैप वाली एक्टिव और पैसिव स्कीम्स में करेगा निवेश

13 hours ago

LPG पर सरकारी तेल कंपनियों का घाटा घटा, अगस्त में ₹188 प्रति सिलेंडर रह गया नुकसान

जुलाई में ₹500 प्रति 14.2 किलो सिलेंडर था घाटा, सरकार पर अब भी ₹59,000 करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी देनदारी

14 hours ago