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IIT रुड़की और मसाई की बड़ी पहल, AI और डिजिटल स्किल्स के लिए शुरू होंगे जॉब-रेडी टेक प्रोग्राम
IIT रुड़की और मसाई की इस साझेदारी से न सिर्फ युवाओं को नई तकनीकों में प्रशिक्षित होने का मौका मिलेगा, बल्कि इंडस्ट्री को भी जॉब-रेडी और स्किल्ड प्रोफेशनल्स मिल सकेंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
रुड़की, उत्तराखंड. 12 जनवरी 2026. देश में तेजी से बढ़ती डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अर्थव्यवस्था की जरूरतों को देखते हुए आईआईटी रुड़की और मसाई (Masai) ने मिलकर जॉब-रेडी डिजिटल टैलेंट तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. आईआईटी रुड़की की E&ICT एकेडमी और मसाई के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत अब कई ऑनलाइन सर्टिफिकेशन टेक्नोलॉजी प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे.
AI और सॉफ्टवेयर ट्रेनिंग पर रहेगा फोकस
इस साझेदारी के तहत सभी प्रोग्राम E&ICT एकेडमी, आईआईटी रुड़की द्वारा डिजाइन और संचालित किए जाएंगे. इन कोर्सेज में डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग, एआई के साथ सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग जैसे आधुनिक और हाई-डिमांड विषय शामिल होंगे. पढ़ाई में थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री से जुड़े कौशल पर विशेष जोर दिया जाएगा.
स्टूडेंट्स और वर्किंग प्रोफेशनल्स दोनों को मिलेगा फायदा
तेजी से बदलती टेक इंडस्ट्री को ऐसे प्रोफेशनल्स की जरूरत है जो न सिर्फ प्रोग्रामिंग जानते हों, बल्कि AI और मशीन लर्निंग टूल्स का जिम्मेदारी से इस्तेमाल भी कर सकें और रियल-वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकें. ये प्रोग्राम नए छात्रों, वर्किंग प्रोफेशनल्स और नॉन-टेक्निकल बैकग्राउंड से आने वाले लोगों के लिए भी उपयोगी होंगे. ट्रेनिंग लाइव क्लासेज और हैंड्स-ऑन लर्निंग के जरिए दी जाएगी.
कैपस्टोन प्रोजेक्ट से बनेगा मजबूत पोर्टफोलियो
हर कोर्स के अंत में प्रतिभागियों को एक कैपस्टोन प्रोजेक्ट करना होगा. इससे स्टूडेंट्स अपना मजबूत स्किल-पोर्टफोलियो तैयार कर सकेंगे और वास्तविक बिजनेस समस्याओं पर काम करने का अनुभव भी हासिल करेंगे.
E&ICT एकेडमी के चीफ इन्वेस्टिगेटर प्रो. संजीव मनहास ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में ऐसे प्रोफेशनल्स की जरूरत है जो AI, मशीन लर्निंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की मदद से वास्तविक दुनिया की समस्याओं का समाधान कर सकें. उन्होंने कहा कि आईआईटी रुड़की का उद्देश्य अकादमिक और इंडस्ट्री के बीच की दूरी को कम करना है ताकि विद्यार्थी उभरती तकनीकों का व्यावहारिक और जिम्मेदार उपयोग सीख सकें.
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत ने कहा कि संस्थान उच्च शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट की अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी के तहत डिजिटल और AI आधारित तकनीकों में क्षमता निर्माण पर लगातार काम कर रहा है. ऐसे सहयोग देश को जॉब-रेडी डिजिटल टैलेंट देने में अहम भूमिका निभाएंगे.
मसाई के सीईओ और को-फाउंडर प्रतीक शुक्ला ने कहा कि आईआईटी रुड़की के साथ यह साझेदारी छात्रों को ऐसे प्रोग्राम देगी, जिनमें अकादमिक गहराई और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का बेहतरीन संतुलन होगा. इससे छात्र तेजी से बदलती AI आधारित जॉब मार्केट के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे.
सर्टिफिकेट और कैंपस इमर्शन का भी मिलेगा मौका
कोर्स और मूल्यांकन सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को E&ICT एकेडमी, आईआईटी रुड़की का सर्टिफिकेट दिया जाएगा. इसके अलावा, स्टूडेंट्स को आईआईटी रुड़की कैंपस में 2 से 3 दिन के इमर्शन प्रोग्राम में भाग लेने का विकल्प भी मिलेगा, जहां प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन के साथ सर्टिफिकेट और ग्रेडशीट दी जाएगी.
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