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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में बड़ा बदलाव: नीतू समरा बनीं अंतरिम सीईओ

एयरपोर्ट प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि यह अंतरिम व्यवस्था संचालन में निरंतरता बनाए रखने के लिए की गई है. साथ ही, एयरपोर्ट के निर्माण और विकास से जुड़े सभी काम तय योजना के अनुसार जारी रहेंगे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

नोइडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) ने अपने शीर्ष प्रबंधन में बड़ा बदलाव करते हुए मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) नीतू समरा को अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है. यह फैसला नियामकीय दिशा-निर्देशों के बाद लिया गया है.

नियमों के चलते हुआ नेतृत्व परिवर्तन

एयरपोर्ट की ओर से जारी बयान के मुताबिक, बयूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने स्पष्ट किया है कि भारत में किसी भी एयरपोर्ट का CEO भारतीय नागरिक होना जरूरी है. इसी कारण प्रबंधन में तत्काल बदलाव किया गया.

क्रिस्टोफ श्नेलमैन को नई जिम्मेदारी

स्विट्जरलैंड के नागरिक क्रिस्टोफ श्नेलमैन, जो अगस्त 2020 से सीईओ के पद पर थे, अब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे. इस पद पर वे रणनीतिक योजना और परियोजना की निगरानी में योगदान देते रहेंगे.

तुरंत प्रभाव से संभाला पदभार

नीतू समरा ने तत्काल प्रभाव से अंतरिम CEO का पद संभाल लिया है. वह इस भूमिका में तब तक रहेंगी, जब तक बोर्ड स्थायी CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं कर लेता.
समरा अक्टूबर 2021 से एयरपोर्ट के CFO के रूप में जुड़ी हुई हैं.

परियोजना पर नहीं पड़ेगा असर

एयरपोर्ट प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि यह अंतरिम व्यवस्था संचालन में निरंतरता बनाए रखने के लिए की गई है. साथ ही, एयरपोर्ट के निर्माण और विकास से जुड़े सभी काम तय योजना के अनुसार जारी रहेंगे.

देश की अहम ग्रीनफील्ड परियोजना

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में विकसित हो रही एक बड़ी ग्रीनफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करना है. इसके अलावा, यह परियोजना कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगी.

बड़ा एविएशन हब बनने की तैयारी

यह एयरपोर्ट चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है और इसे भारत के प्रमुख आगामी एविएशन हब्स में गिना जा रहा है. यह देश के एयरपोर्ट विस्तार कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

नियामकीय बदलावों के चलते किया गया यह नेतृत्व परिवर्तन अस्थायी है, लेकिन इससे परियोजना की रफ्तार पर कोई असर नहीं पड़ने की उम्मीद है. आने वाले समय में स्थायी CEO की नियुक्ति के साथ एयरपोर्ट के विकास को और गति मिलने की संभावना है.
 


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