होम / जॉब्स-एजुकेशन / फिर नौकरियों पर कैंची चलाने जा रही है ये Edtech कंपनी, इतने कर्मचारियों की जाएगी जॉब
फिर नौकरियों पर कैंची चलाने जा रही है ये Edtech कंपनी, इतने कर्मचारियों की जाएगी जॉब
कोरोना महामारी के समय उड़ान भरने वालीं एडटेक कंपनियों के लिए हालात अब ज्यादा अच्छे नहीं हैं. इसलिए वो दनादन छंटनी कर रही हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नौकरीपेश लोगों के लिए यह साल अच्छा नहीं रहा है. हर रोज किसी न किसी कंपनी से छंटनी की खबर आ रही है. इस लिस्ट में एडटेक (Edtech) कंपनी वेदांतु (Vedantu) का नाम फिर से जुड़ गया है. कंपनी इस साल चौथे राउंड की छंटनी में करीब 385 कर्मचारियों को नौकरी से बाहर करने जा रही है. वेदांतु के इस फैसले से सेल्स, HR, कंटेंट टीम से जुड़े कर्मचारी सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे.
खर्चों में कटौती पर फोकस
दरअसल, कंपनी अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना चाहती है, इसलिए खर्चों में कटौती की जा रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए वर्कफोर्स को कम किया जा रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, वेदांतु इस साल अब तक लगभग 1100 लोगों को बाहर का रास्ता दिखा चुकी है. अगस्त में वेंदातु ने 100 कर्मचारियों की छंटनी की थी. जबकि मई में 624 कर्मचारियों के रोजगार पर कैंची चलाई गई थी.
Deekhsa को बनाया अपना
वेदांतु ने इस साल टेस्ट की तैयारी कराने वाले दिग्गज प्लेटफॉर्म Deekhsa का 40 मिलियन डॉलर में अधिग्रहण किया था. दीक्षा कर्नाटक की लीडिंग कंपनियों में से एक है. वेदांतु का मानना है कि इस डील से उसे हाइब्रिड शिक्षा रणनीति को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. उस समय कंपनी के सीईओ और को-फाउंडर वामसी कृष्णा ने कहा था कि हमारा मिशन दूरस्थ क्षेत्रों में जनता तक पहुंचना है और 'दीक्षा' के साथ आने से इसमें मदद मिलेगी. बताया जा रहा है कि दीक्षा के अधिग्रहण के बाद कंपनी को मुनाफे के अपने लक्ष्य पर बने रहने के लिए खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है.
नीचे आया मुनाफे का ग्राफ
इससे पहले, BYJU'S और Unacademy जैसी दूसरी एडटेक कंपनियां भी छंटनी कर चुकी हैं. दरअसल, कोरोना महामारी के दौरान जब सबकुछ बंद था, ऑनलाइन एजुकेशन उपलब्ध कराने वाली इन कंपनियों के मार्केट में एकदम से तेजी आई थी. लेकिन कोरोना पाबंदियां हटते ही, उनके मुनाफे का ग्राफ नीचे जाने लगा और खर्चों में कटौती के लिए उन्होंने छंटनी शुरू कर दी. जानकार मानते हैं कि इस सेक्टर में छंटनी का दौर अभी चलता रहेगा.
क्या करती है वेदांतु?
वेदांतु की बात करें, तो इसे 2011 में वामसी कृष्णा, आनंद प्रकाश और पुलकित जैन ने मिलकर शुरू किया था. कंपनी ने थोड़े से समय में ही काफी तरक्की थी और यूनिकॉर्न का तमगा हासिल कर लिया. यूनिकॉर्न उन स्टार्टअप को कहते हैं जिनकी मार्केट वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर से अधिक हो जाती है. वेदांतु KG से 12वीं कक्षा तक के बच्चों के साथ-साथ IIT-JEE और NEET के छात्रों को ऑनलाइन ट्यूशन मुहैया कराती है. मई महीने में कंपनी के पास 5900 कर्मचारी थे.
टैग्स