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यूपी में इस पोस्ट पर होगी 8000 लोगों की भर्ती, हर साल लिए जाएंगे 2000 लोग
उप मुख्यमंत्री ने इस बैठक में सभी प्राचार्यों को निर्देश दिया है कि मरीजों के उपचार में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक जब से सरकार बनी है तब से राज्य के अलग-अलग अस्पतालों के औचक निरीक्षण कर रहे हैं और मरीजों से मिल रहे हैं. उन्होंने अपने इन दौरों के वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी करते रहते हैं. मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लेने के बाद अब राज्य सरकार ने तय किया कि वो आने वाले 4 साल में स्टॉफ नर्स के 8000 पदों पर भर्ती करेगी, जिससे मरीजों की सुविधाओं में इजाफा किया जा सके. ये इस पद के लिए तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के लिए रोजगार पाने का भी अवसर है. पहले साल में 1790 पदों पर भर्ती करने की तैयारी की गई है. इसके लिए 3 महीने का समय तय किया गया है.
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उत्तर प्रदेश सरकार ने ये फैसला उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक की राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सोसाइटी के साथ हुई बैठक के बाद लिया. लखनऊ में हुई इस बैठक में राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की प्राचार्य के अधिकारों में बढ़ोतरी करने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के साथ प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार भी मौजूद रहे. इस निर्णय के अतिरिक्त बैठक में कई और निर्णय भी लिए गए हैं, जिसमें मरीजों की सुविधाओं में इजाफा करने के लिए अलग-अलग निर्णय लिए गए हैं.
प्राचार्य के बढ़ाए गए अधिकार
इस बैठक में प्राचार्य के अधिकारों को बढ़ाने पर जो फैसला हुआ है उसके अनुसार प्राचार्य को अब नियुक्ति, अवकाश, स्वीकृति अनुरक्षण, प्रशासनिक अधिकार और वित्तीय अधिकार दिए गए हैं. सरकार का यह निर्णय लेने का फैसला इसलिए किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही निर्णय लेकर अलग-अलग अस्पतालों को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके. सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि मेडिकल कॉलेजों के बैंक में जो पैसा जमा है उसका इस्तेमाल प्राचार्य, छात्र व मरीजों के हित में कर सकेंगे जिससे सेवाओं का स्तर सुधर सकेगा.
मरीजों को मिले बेहतर सुविधा
उत्तर प्रदेश के अस्पतालों की हालत का उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक लगातार जायजा ले रहे हैं. इसी क्रम में सरकार की ओर से एक अन्य महत्वपूर्ण फैसला यह लिया गया है की दवा और अलग-अलग प्रकार के उपकरणों की खरीद के लिए संजय गांधी पीजीआई की तर्ज पर हॉस्पिटल रिवाल्विंग फंड (एचआरएस) व पैथोलॉजी रेडियोलॉजी तथा अन्य जांचों को उपलब्ध करवाने के लिए इन्वेस्टिगेशन रेंडरिंग फंड (आईआरएस) की व्यवस्था करने को भी सरकार ने मंजूरी दे दी है.
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