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गांव के लोग सिर्फ बचत खातों से ही खुश, वो दूसरे निवेशों को जानते ही नहीं: BankSathi

केवल 10 परसेंट भारतीय ही फिनटेक उत्पादों के बारे में जानते हैं. अपनी फिनटेक रणनीति के हिस्से के रूप में, भारत में व्यवसायों ने पारंपरिक रूप से दोस्तों, परिवार या दोस्तों के रेफरल पर बहुत जोर दिया है.

उर्वी श्रीवास्तव 4 years ago

BW Businessworld की BW CFO की एडिटोरियल लीड उर्वी श्रीवास्तव के साथ बातचीत में; BankSathi के संस्थापक, जितेंद्र ढाका ने वित्तीय समावेश, वित्तीय साक्षरता की जरूरत और इन लक्ष्यों को पूरा करने में BankSathi की भूमिका के बारे में बात की. 

Q- आपने क्या सोचकर BankSathi को लॉन्च किया?

जब इंजीनियरिंग का छात्र था तो उस दौरान मैंने कई परियोनजाओं पर काम करते हुए भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में काफी समय बिताया. इन यात्राओं के दौरान ही मुझे पहली बार पता चला कि फाइनेंशियल प्लानिंग और निवेश रणनीतियों के बारे में सूचनाओं की काफी कमी है. जब हम निवेश के बारे में सोचते हैं तो ये ब्याज से होने वाली आय पर आकर रुक जाती हैं, गांव में रहने वाले लोग सिर्फ बचत खातों से ही खुश थे क्योंकि उन्हें दूसरे विकल्पों के बारे में पता ही नहीं था. लोगों में ज्ञान की कमी के चलते इंडस्ट्री में पहुंच भी ज्यादा नहीं बन पाई है. क्योंकि मैं तमाम वित्तीय उत्पादों को लेकर जागरूकता बढ़ाना चाहता था. इस अनुभव ने मुझे वित्तीय पेशे में आने का मौका दिया, जिसे लेकर मैं काफी जोश में था, कुछ ऐसा जो मैं लंबे समय से याद रख सकता हूं. और पहली बात जो मैं जानता हूं वो ये कि मुझे इन लोगों से वित्तीय उत्पादों की एक सीरीज के बारे में संपर्क करने की जरूरत है ताकि मैं हमारे बीच की खाई को पाट सकूं और साथ ही उन्हें कई तरह के निवेशों से रूबरू करवा सकूं. 

Q - जब आप बड़े हो रहे थे, तो क्या उस वक्त कोई बाहरी प्रभाव था जिससे आप अपना बिजनेस शुरू करना चाह रहे थे

बचपन से ही मेरी इच्छा कुछ बड़ा करने की थी, कुछ लोगों से मान्यता मिली है जिन्होंने पहले ही अपने जीवन में कुछ हासिल कर लिया है और मेरे लिए एक उदाहरण बन गए हैं. उन्होंने मुझे अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के बारे में सोचने में मदद नहीं की लेकिन उन्होंने मुझे कुछ बड़ा करने के लिए जरूर प्रभावित किया. मेरे विश्वविद्यालय LPU के संस्थापक श्री अशोक मित्तल और श्रीमती रश्मि मित्तल ने मेरे ऊपर सबसे ज्यादा प्रभाव डाला.


Q - जब वित्तीय निर्णय लेने की बात आती है, तो ग्रामीण भारत के लोगों को स्वयं या पड़ोसियों के अनुभवों पर भरोसा करने की जरूरत होती है. BankSathi के वित्तीय सलाहकारों के माध्यम से अब यह कितना अलग है?

एक शोध के मुताबिक, केवल 10 परसेंट भारतीय ही फिनटेक उत्पादों के बारे में जानते हैं. अपनी फिनटेक रणनीति के हिस्से के रूप में, भारत में व्यवसायों ने पारंपरिक रूप से दोस्तों, परिवार या दोस्तों के रेफरल पर बहुत जोर दिया है. अपने सलाहकारों को फिनटेक उत्पादों को बेचने और चर्चा करने के लिए, बैंकसाथी भारतीय फिनटेक कंपनियों के कारोबार के तरीके को बदलने की कोशिश कर रहा है. इसवक्त हमारे पास 17,000 अलग अलग भारतीय पिन कोड के सलाहकार हैं. जब यूजर्स की बात आती है तो हम खास तौर पर कुछ जानकार सलाहकारों को देख रहे हैं, जैसे कि बीमा एजेंट्स, वित्तीय विश्लेषक, रिटायर्ड बैंकर्स, गृहिणियों, छोटे व्यवसाय के मालिकों और कोई भी जो अपनी मौजूदा कमाई को बढ़ाना चाहता है. 

हमारा लक्ष्य है कि वित्तीय उत्पादों की पहुंच सभी तक हो क्योंकि अब भी बहुत से लोग कैश रखते हैं और  "क्यों," "कैसे," "कौन" या वित्तीय उत्पाद से अनजान हैं, जो उन्हें मिलना चाहिए. 
हर 100 परिवारों के लिए एक सलाहकार रखने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए, अभी तक 700,000+ लोगों को सलाहकार के रूप में प्रशिक्षित किया गया है.
इसके अलावा BankSathi छोटे व्यवसायों को शुरू करने में 1 करोड़ लोगों की सहायता करना चाहता है. उनका 80% कारोबार टियर 2 और टियर 3 शहरों में क्लाइंट्स और एडवाइजर्स से आता है. भारत के 90% पिन कोड पहले से ही हैं.

Q - BankSathi ने आखिर कैसे ग्रामीण भारत में वित्तीय सलाहकारों का सफल नेटवर्क तैयार किया?

ब्यूरो की ओर से प्रकाशित आंकड़ों के मुताबिक, 77% से अधिक वित्तीय उत्पाद या तो परिवार के सदस्यों के माध्यम से या रेफरेंस मॉडल के जरिए बेचे जाते हैं. हालाँकि, ये लोग इस काम को करने के लिए कोई उचित प्रशिक्षण नहीं लेते हैं. अलग अलग वित्तीय उत्पादों के मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन में Banksathi सलाहकारों की इस संदर्भ में भूमिका काफी महत्वपूर्ण है
हमारे सलाहकार हमारे ग्राहकों को प्रभावी ढंग से समझाने और उन्हें सटीक जानकारी देने के लिए विशेष प्रशिक्षण से गुजरते हैं. वर्तमान में, बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान हमारे ग्राहकों का 80% से ज्यादा हिस्सा बनाते हैं. और उनमें से ज्यादातर हमारे वित्तीय सलाहकारों के जरिए ही अपने उत्पादों का डिस्ट्रीब्यूनशन करने की कोशिश कर रहे हैं.

Q - पिछले दो वर्षों में, आप तेजी से बढ़े हैं और अब लगभग 17,000 पिनकोड में मौजूद हैं. क्या आप इस विस्तार के दौरान अपनी सीख और अनुभव के बारे में बता सकते हैं 

अपना बिजनेस शुरू करने से पहले, हमने देखा कि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में, जो कि 64% से अधिक आबादी का घर है, उन वित्तीय उत्पादों के बारे में भी नहीं जानते हैं जो आमतौर पर मेट्रो और टियर 1 और टियर 2 शहरों में उपलब्ध हैं. खेती की पृष्ठभूमि और इस बात की जानकारी के साथ कि सही तरह का वित्तीय निवेश किसी व्यक्ति के जीवन को कैसे बदल सकता है, यह बिल्कुल स्वाभाविक था कि ये बिजनेस ग्रामीण आबादी के लिए काम करेगा. 2020 में, हमारी जिंदगियां हमेशा के लिए बदल गईं. लोग अलग अलग पोर्टफोलियो में विवेकपूर्ण बचत और निवेश की आवश्यकता को समझने लगे हैं. मैंने जो सबसे ज्यादा सीखा है वो ये है कि कंपनियां खासतौर पर वो जो ग्रामीण क्षेत्रों को अपना लक्ष्य मानती हैं, उन्हें जागरूकता बढ़ाने और समुदाय का सम्मान हासिल करने के लिए अभियान शुरू करना चाहिए. लोग हमेशा निवेश पर चर्चा करते समय अपनी किताबें खोलना पसंद करते हैं, खासकर अगर वो व्यक्ति को जानते हैं या किसी अन्य तरह का संदर्भ रखते हैं. भाषा और भरोसा दो प्रमुख बाधाएं हैं. हम उनका भरोसा जीतने में कामयाब रहे हैं और विस्तार करने के लिए, हम वर्तमान में नए क्षेत्रों में जा रहे हैं, और स्थानीय भाषाओं में कंटेंट को बना रहे हैं.  

Q - क्या आप हमें अपने क्षेत्र के किसी दिलचस्प ट्रेंड के बारे में बता सकते हैं, वो निवेश के बारे में कैसा महसूस करते हैं? जैसे कि उत्तर और दक्षिण के लोगों के तरह. 

मैंने पिछले 10 सालों के दौरान टेक्नोलॉजी, इंटरनेट की पहुंच, और फाइनेंशियल सर्विसेज की जागरूकता को लेकर कई बड़े बदलाव देखे हैं. पिछले 10 सालों में स्टार्टअप इकोसिस्टम बहुत तेजी से विकसित हुआ है. उस समय बहुत कम निवेशक हुआ करते थे. अब हम देख सकते हैं कि बहुत सारे एंजेल निवेशक, माइक्रो वीसी, वीसी, पीई और बहुत सारे निवेशक कुछ अच्छा बनाने में आपका समर्थन करने के लिए मौजूद हैं. वित्तीय पक्ष पर भी लोगों को वित्तीय उत्पादों, सेवाओं के बारे में जागरूकता मिल रही है. डिजिटल पेमेंट बहुत तेजी से बढ़ रहा है.

Q - आपको क्या लगता है कि एक सफल वित्तीय सलाहकार के पास कैसा कौशल होने चाहिए, खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में ?

सबसे पहले और सबसे जरूरी हम सलाहकार में चुनौतियों के लिए उसके उत्साह को तवज्जो देते हैं. प्रोडक्ट के बारे में जानकारी के अलावा, जो हम उन्हें किसी भी तरह सिखा देते हैं, सब कुछ मानवीय स्पर्श से घिरा हुआ है, ग्राहक की जरूरतों को समझना और उनके हिसाब से सिफारिशें करना. हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ग्रामीण भारत में महानगरों और टियर 2 और टियर 3 शहरों के मुकाबले बिल्कुल अलग वातावरण और गतिशीलता है. लोग केवल उन पर भरोसा करते हैं जिन्हें वे या तो व्यक्तिगत रूप से जानते हैं या जो किसी की सिफारिश या अनुशंसा से आए हैं, खासतौर पर तब जब बात निवेश की हो. पिछले दो सालों में हालात बदले हैं, और ज्यादा से ज्यादा लोग पैसे बचाने और निवेश करने में रुचि ले रहे हैं.

Q - Banksathi प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले सलाहकार कैसे कमाते हैं?

कई बैंक और वित्तीय संस्थान हमसे जुड़े हुए हैं. जब सलाहकार अपने ग्राहकों को BankSathi के माध्यम से उत्पादों या सेवाओं की सलाह देते हैं तो वे सफल कनवर्जन पर अच्छा कमीशन कमाते हैं. चूंकि हर उत्पाद अलग तरीके से काम करता है, इसलिए सलाहकारों को भी हर बार भुगतान अलग अलग मिलता है. इसके अलावा, लीड जनरेशन प्रक्रिया सीधी है और इसमें केवल 5 मिनट लगते हैं, और सलाहकार केवल उत्पादों को रेफर करके ही कम से कम 50,000 रुपये या इससे ज्यादा कमा लेते हैं. इसके अलावा, चूंकि भुगतान साप्ताहिक आधार पर जारी होता है, सलाहकारों को फिक्र करने की जरूरत नहीं होती, और जैसे ही वो इसे कमाते हैं, वो इन पैसों का आनंद ले सकते हैं. इतना ही नहीं, हम सलाहकारों को अपने रेफरल कार्यक्रमों के जरिए अतिरिक्त आय कमाने की भी इजाजत देते हैं. 

सलाहकारों को अपने नेटवर्क से दूसरे लोगों को भी आमंत्रित करने की जरूरत होती है और वो जिंदगी पर अपनी कमाई का 10 परसेंट अतिरिक्त कमीशन कमा सकते हैं. ये बिना किसी निवेश के कमाई का एक बड़ा जरिया है.

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