होम / बिजनेस / क्या जल्द ही खत्म होने वाली है देश की कोयले पर निर्भरता…सामने आया चौंकाने वाला आंकड़ा
क्या जल्द ही खत्म होने वाली है देश की कोयले पर निर्भरता…सामने आया चौंकाने वाला आंकड़ा
रिपोर्ट बताती है कि भारत में सरकार की नीतियों और रेग्यूलेटर के समर्थन के कारण रिन्यूएबल एनर्जी के उत्पादन में तेजी से इजाफा हो रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
कोयले का इस्तेमाल भारत में आज से नहीं बल्कि आजादी के पहले से ही अपनी जरूरतों को पूरा करने के भरपूर मात्रा में किया जाता रहा है. आंकड़े बताते हैं कि कोयले का दोहन वक्त के साथ पहली बार बढ़ा है. लेकिन पर्यावरण के लिए खतरनाक कोयले के दोहन को लेकर एक सकारात्मक खबर सामने आई है. बिजली के लिए कोयले के इस्तेमाल के शेयर में कमी आई है. जबकि कोयला बिजली बनाने के काम में अभी भी सबसे बड़े शेयर के साथ टॉप पर बना हुआ है. रिपोर्ट बता रही है कि कोयले के शेयर में कमी रिन्यूएबल एनर्जी के उत्पादन में लगातार हो रहे इजाफे के कारण हुई है.
आखिर क्या कह रहे हैं कोयला इस्तेमाल के आंकड़े?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रिपोर्ट के आंकड़े कह रहे हैं कि हमारे देश में बनने वाली बिजली के शेयर में कोयले की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से नीचे चली गई है. हालांकि हमारे देश पावर के लिए कोयले पर निर्भरता अभी भी 70 प्रतिशत बनी हुई है. जबकि रिन्यूएबल एनर्जी बिजली उत्पादन के लिए 71.5 प्रतिशत जिम्मेदार है जिससे आज देश में 13669 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है. ये वो पावर है जो 2024 के पहले क्वॉर्टर में जोड़ी गई है. IEEFA की ओर से जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, देश में बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल एनर्जी के प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं जिनकी क्षमता अब तक 69 गीगावाट तक पहुंच चुकी है. ये सरकार की 50 गीगावाट की क्षमता के लक्ष्य को पार कर चुकी है.
ये भी पढ़ें: देश में एक्सपोर्ट-इंपोर्ट में हुआ इजाफा,इस चौंकाने वाले आंकड़े पर पहुंचा वित्तीय घाटा
क्या बोले IEEFA के डॉयरेक्टर?
इस रिपोर्ट को जारी करते हुए IEEFA के डॉयरेक्टर विभूति गर्ग ने कहा कि 2019 से लेकर 2022 तक पिछले कुछ कारणों के चलते जिनमें आपूर्ति-श्रृंखला(स्प्लाई चेन) के मुद्दों, कोविड-19 महामारी और रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के कारण वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी के कारण बिजली उत्पादन क्षमता में कमी आई है. इस दौरान 2019 से 2022 तक मंदी का भी सामना उत्पादन से जुड़ी ईकाइयों को देखने पड़ा. उन्होंने कहा कि इस मामले में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है और सरकार से लेकर रेग्यूलेटर के समर्थन के कारण इसका बाजार तेजी से उभर रहा है.
दुनिया के टॉप सोलर प्रोडक्शन देशों में शामिल है भारत
भारत में जिस तेजी से सोलर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है उससे आज हम दुनिया के कई टॉप देशों में शामिल हो गए हैं. आज भारत में रिन्यूएबल एनर्जी का जिस तेजी से उत्पादन हो रहा है उससे भारत तीन टॉप देशों में शामिल हो गया है. अमेरिका और चीन के बाद भारत ऐसा देश है जो सोलर ऊर्जा के उत्पादन को लेकर काम कर रहा है. इस दिशा में हाल ही एंबर की रिपोर्ट जारी हुई है जिसमें भारत की इस स्थिति का जिक्र किया गया है. जबकि भारत 2015 में इस टेली में 9वें नंबर पर था. भारत ने इस टेली में जापान को भी पीछे छोड़ दिया है. वहीं अगर 2023 के आंकड़ों के अनुसार देश में ऊर्जा उत्पादन के आंकड़ों को देखें तो भारत में 18 टेरावॉट घंटे प्रति TWH रहा है. जबकि अमेरिका में +33 टेरावॉट घंटे प्रति TWH, चीन में +156 टेरावाट घंटे प्रति TWH और ब्राजील में +22Twh टेरावाट शामिल है.
टैग्स