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अडानी केस में नया मोड़, अमेरिकी कोर्ट ने अभियोजकों से मांगा जवाब

गौतम अडानी के खिलाफ आरोप वापस लेने के फैसले पर जज ने उठाए सवाल, 13 जुलाई तक मांगा विस्तृत स्पष्टीकरण

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago

उद्योगपति गौतम अडानी से जुड़े अमेरिकी मामले में एक नया मोड़ सामने आया है. अमेरिकी अदालत ने न्याय विभाग से यह स्पष्ट करने को कहा है कि उसने अडानी के खिलाफ आपराधिक आरोप वापस लेने का फैसला क्यों किया. अदालत ने फिलहाल मामले को खारिज करने से इनकार कर दिया है और अभियोजकों को 13 जुलाई तक अतिरिक्त जानकारी देने का निर्देश दिया है.

अदालत ने मांगा विस्तृत स्पष्टीकरण

अमेरिकी जिला न्यायाधीश निकोलस गाराउफिस ने अपने लिखित आदेश में कहा कि संघीय अभियोजक यह पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं कर पाए हैं कि वे इस मामले को क्यों छोड़ना चाहते हैं. अदालत का कहना है कि सरकार की ओर से दी गई जानकारी इतनी पर्याप्त नहीं है कि उसके आधार पर कोई निष्कर्ष निकाला जा सके.

न्यायाधीश ने कहा कि सरकार का संक्षिप्त और निष्कर्षात्मक बयान अदालत को न तो किसी निर्णय तक पहुंचने का आधार देता है और न ही मामले का उचित विश्लेषण करने का अवसर प्रदान करता है.

क्या हैं गौतम अडानी पर आरोप?

वर्ष 2024 में गौतम अडानी पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अडानी समूह की एक सहायक कंपनी की सौर ऊर्जा परियोजना के लिए मंजूरी हासिल करने के उद्देश्य से भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की साजिश रची थी.

इसके अलावा उन पर अमेरिकी निवेशकों को समूह की भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों के बारे में गुमराह करने का भी आरोप लगाया गया था.

न्याय विभाग ने वापस लिया था मामला

पिछले महीने अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा था कि वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाएगा. इसके बाद अडानी की कानूनी टीम ने ब्रुकलिन स्थित अदालत से आरोपों को औपचारिक रूप से खारिज करने का अनुरोध किया था. हालांकि, अदालत ने फिलहाल मामले को समाप्त करने से इनकार कर दिया है और सरकार से अधिक विस्तृत जानकारी मांगी है.

अडानी समूह ने आरोपों से किया इनकार

अडानी समूह लगातार सभी आरोपों को खारिज करता रहा है. समूह का कहना है कि उसने कोई गलत काम नहीं किया है और उसके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं. अडानी के वकील रॉबर्ट जिउफ्रा ने अदालत में दायर अपने पत्र में कहा कि यह मामला अमेरिकी कानून के अधिकार क्षेत्र से बाहर है. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष भारत में कथित रिश्वतखोरी के आरोपों को साबित नहीं कर पाएगा.

13 जुलाई पर टिकीं निगाहें

अब अमेरिकी अदालत द्वारा अतिरिक्त जानकारी मांगे जाने के बाद इस मामले पर एक बार फिर सबकी नजरें टिक गई हैं. अभियोजकों को 13 जुलाई तक अपना विस्तृत जवाब दाखिल करना होगा. इसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि अदालत इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है और गौतम अडानी के खिलाफ मामला पूरी तरह समाप्त होगा या नहीं.
 


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