✕

होम / साक्षात्कार / गुरु जयेन्‍द्रपुरी के ये Tips दिलाएंगे आपको Stress से मुक्ति

गुरु जयेन्‍द्रपुरी के ये Tips दिलाएंगे आपको Stress से मुक्ति

जब आप जप करते हैं तो आपके दिमाग में एक रिदम पैदा होती है और वो नींद आने में मदद करती है. रात को सोने से पहले हाथ-पैरों और सिर पर शुद्ध घी लगाएं और सूंघें.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

आज की भागती दौड़ती जिंदगी में हर आदमी छोटी-छोटी समस्‍याओं से जूझ रहा है, जिसमें स्‍ट्रेस और लाइफस्‍टाइल से जुड़ी कई परेशानियां ऐसी हैं जिनका हल आसानी से नहीं मिलता. ऐसी समस्‍याओं का हल कई बार हम डॉक्‍टर के पास जाकर तलाशने की कोशिश करते हैं, लेकिन उसका हल मेडिकल साइंस में नहीं, बल्कि हमारे जीवन जीने के तरीके में ही होता है. आखिर एक स्‍वस्‍थ जीवन जीने के लिए क्‍या चाहिए?, आपकी लाइफस्टाइल इसमें क्या भूमिका निभा सकती है जैसे सवालों के जवाब जानने के लिए हमने कैलाश आश्रम महासंस्‍थान और राजराजेश्‍वरी देवस्‍थान के महामंडलेश्‍वर श्री श्री श्री जयेन्‍द्रपुरी महास्‍वामी से बात की.  

आपकी संस्‍था क्‍या करती है? ये कैसे आम आदमी से जुड़ी हुई है?
कैलाश आश्रम महासंस्‍थान के संस्‍थापक गुरु तिरूचि स्‍वामींगल महाराज हैं. इसकी स्‍थापना 1960 में हुई और आज ये संस्‍था 62 वर्ष पूरे कर चुकी है. जब से ये शुरू हुई तब से गुरूजी सभी को यही संदेश देते आए कि आपको सही जीवन जीना चाहिए. जिनकी आराधना गुरुजी करते थे उनका नाम राजराजेश्‍वरी देवी था. हमारे इस प्रकल्‍प में दो संस्‍थान एक साथ काम करते हैं, जिसमें कैलाश महाआश्रम महासंस्‍थान और दूसरा राज राजेश्‍वरी मंदिर है. वैदिक ज्ञान, उपासना, सामान्‍य पढ़ाई और दूसरे शिक्षण कार्य हमारी संस्‍था कर रही है, जहां समस्याओं का समाधान बताने की कोशिश की जाती है. हम दोनों तरह के समाधान बताते हैं. भक्‍तों को बताते हैं कि केवल परिश्रम मात्र से उनके जीवन की समस्‍याओं का हल नहीं हो सकता. क्‍योंकि आध्‍यात्‍म से दूर होने कारण कई तरह की समस्‍याएं आ रही हैं. इसलिए उन्‍हें दोंनो तरह के हल बताते हैं.

आप जानते हैं कि जितने भी जियोमैट्रिकल शेप हैं, उसमें पिरामिड भी एक है. जब हम ट्राएंगल या स्‍क्‍वैयर बोलते हैं तो वो टू डायमेंशनल हैं, लेकिन पिरामिड एक ऐसी आकृति है जो थ्री डायमेंशनल है. ये दुनिया के सात अजूबों में से एक है. इसकी विशेषता ये है कि ये जब से बना तभी से चर्चा का विषय बना हुआ है. मैं जानना चाहता था कि आखिर इसमें ऐसा क्‍या है. 19 की उम्र में मुझे एक पुस्‍तक मिली जिसने मुझे बताया कि वो एक मजार नहीं है बल्कि जो उस वक्‍त राजा लोग हुआ करते थे वो मरने के बाद जहां जाते हैं. वहां पहुंचने के लिए उस रास्‍ते के मध्‍य में एक पड़ाव है. वो एक पिरामिड होने के साथ-साथ एक एनर्जी सेंटर भी है, जिससे वहां कॉस्मिक एनर्जी निकलती है. जब मैं यहां आया तो मैंने जाना कि यहां एक अस्‍पताल बन सकता है. पिरामड कॉस्मिक एनर्जी का चैनल है.

कॉरपोरेट वर्ल्‍ड में काम करने वाले लोग स्‍ट्रेस से बहुत परेशान हैं. इसका प्रबंधन उन्‍हें कैसे करना चाहिए?
स्‍ट्रेस मैनेजमेंट का सबसे आसान तरीका ये है कि आप अपने आराम का एक समय तय करें. मेरे पास जब लोग इस समस्‍या को लेकर आते हैं तो मैं पूछता हूं कि आप आराम कितने घंटे करते हैं और कब करते हैं. अगर आप विश्राम नहीं कर रहे हैं तो ये आप गलत कर रहे हैं. ये शरीर कोई मशीन नहीं है. मशीन की फिर भी हम समय-समय पर सर्विस करवाते हैं. हमें समझना चाहिए कि शरीर कोई ऐसी जगह नहीं है कि उसमें जिस चीज की कमी हो रही है आपने उसमें वो डाल दिया.  इसका एक बॉयोलॉजिकल नियम है और वो नियम है कि आप लोग हर दिन आधा घंटा शरीर के बारे में जानकारी लीजिए. आहार का नियम बना लीजिए अगर आप आहार का नियम बना लेते हैं और विश्राम करते हैं तो आप दोगुना काम कर सकते हैं.

आहार और विश्राम हमारे जीवन में कितना होना चाहिए.
देखिए जहां तक बात है विश्राम की तो ये कम से कम पांच घंटे का होना चाहिए. जहां तक आहार की बात है तो मेरा मानना है कि आपको तीन टाइम खाने की जरूरत नहीं है. कोई जरूरत नहीं है कि आप ब्रेकफास्‍ट लें, लंच लें और उसके बाद डिनर लें. आप सिर्फ एक टाइम खाना भरपेट लीजिए बस वही काफी है.

कोरोना के बाद वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ा है, लेकिन इस दौरान भी लोग परेशानियों का सामना कर रहे हैं, इस बारे में आप कुछ कहेंगे? 
मैं कारॅपोरेट मैनेजमेंट से अनुरोध करूंगा कि आप इंसानों को मशीन मत बनाइए. मैं कहना चाहूंगा कि आप अपने वर्किंग समय को कम कीजिए. जो लोग अभी इससे परेशान हैं वो अपना एक टाइम टेबल बनाएं. सुबह उठने से लेकर सोने तक की दिनचर्या के बारे में नोट करें. एक-एक दिन में जीएं. उसके बाद इसे एक हफ्ते में और उसके बाद महीनों में, फिर आप देखेंगें कि आप एक अच्‍छा जीवन जी रहे हैं और इन परेशानियों से भी निकल चुके हैं.

नींद नहीं आना आज एक बड़ी समस्‍या हो रही है इसके लिए क्‍या करना चाहिए?
आज बहुत से लोग नींद न आने के कारण गोलियां ले रहे हैं. बिना नींद के जीवन चलता नहीं है. मैं उन्‍हें कहता हूं कि आप रात को सोने से पहले जप करें. आप किसी धर्म, मजहब या सम्‍प्रदाय से आते हों, जिसको भी पूजते हों उसके नाम का जप करिए. ये कभी भी मत कहिए कि मुझे नींद नहीं आ रही है. जब आप जप करते हैं तो आपके दिमाग में एक रिदम पैदा होती है और वो नींद आने में मदद करती है. रात को सोने से पहले हाथ-पैरों में और सिर पर शुद्ध घी लगा लें और सूंघ लें. मैं एक बात ये भी कहना चाहूंगा कि आज युवाओं में जो ये भावना बढ़ रही है कि मैं इंडीपेंडेंट हूं मुझे किसी के गाइडेंस की जरूरत नहीं हैं. मैं उन्‍हें करेक्‍ट करना चाहुंगा कि यूथ दुनिया की ब्‍यूटी है. अपने से बड़ों का आदर करें. बड़ों का सम्‍मान करना उनका मार्गदर्शन लेना बहुत जरूरी है.

किन-किन किताबों को पढ़ना चाहिए.
अगर बच्‍चे हैं, तो उन्‍हें अमर चित्र कथा की कहानियां पढ़ाएं. अगर युवा हैं तो रिचर्ड बार्क, इल्‍यूशन और डायलॉग विथ डेथ जैसी किताबों को पढ़ें. इसके अतिरिक्‍त हमारे प्रकाशन मणिदीप प्रकाशन की किताबें पढ़ें. जो अलग-अलग विषयों पर आई हुई हैं.

VIDEO: SHARK TANK: नमिता थापर ने कही ऐसी बात, सुनकर अश्नीर को नहीं लगेगा अच्छा

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

दूसरों का ख्याल रखने से पहले खुद का रखें ध्यान, क्यों जरूरी है आत्म-देखभाल?

BW Businessworld के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ तथा exchange4Media के संस्थापक डॉ. अनुराग बत्रा ने लेखिका, प्रमाणित मेटाफिजिशियन, माइंडसेट कोच, सामाजिक उद्यमी और Maheshwari Foundation की संस्थापक संगीता माहेश्वरी के साथ विचारोत्तेजक बातचीत की. 

15-October-2026

AI के दौर में नाम रखने का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है: दर्पण मुंजाल

Atom.com के संस्थापक और सीईओ ने नाम रखने की रणनीति, प्रीमियम डोमेन और ब्रांड की खोज के भविष्य पर BW Businessworld के साथ विस्तार से चर्चा की.

14-October-2026

स्मार्ट कारोबार बाजार में बदलाव से पहले तैयारी करते हैं: राजीव दुबे

BW Marketing World के साथ बातचीत में American Business Solutions Inc. के President और CEO ने नए बाजारों की पहचान करने, कारोबारी चक्रों का अनुमान लगाने और उन क्षेत्रों में निवेश करने के बारे में बात की, जहां तकनीक मानवीय विशेषज्ञता की पूरक है.

27-September-2026

महिला सुरक्षा से आर्थिक सशक्तिकरण तक, लता गुप्ता ने बताया दिल्ली महिला आयोग का पूरा रोडमैप

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि आयोग का फोकस केवल शिकायतों के निपटारे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं तक सीधे पहुंच बनाने, उन्हें कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने, घरेलू हिंसा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न जैसी समस्याओं से निपटने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी रहेगा.

25-August-2026

नेतृत्व में बदलाव: पराग साहनी कैसे THE Park New Delhi को दे रहे हैं नई दिशा

THE Park New Delhi के जनरल मैनेजर पराग साहनी ने रुहैल अमीन से 226 कमरों वाली संपत्ति के कायाकल्प और Tyde को स्वतंत्र भोजन स्थल के रूप में विकसित करने को लेकर बातचीत की.

25-August-2026


बड़ी खबरें

SBI के मुनाफे में 14.28% की बढ़ोतरी, दूसरी तिमाही में ₹23,038 करोड़ का शुद्ध लाभ

नेट इंटरेस्ट इनकम में 14.69% का उछाल, बढ़कर ₹49,143 करोड़ हुई; बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार

3 hours ago

बच्चों पर सोशल मीडिया के असर को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मेटा के फेसबुक-इंस्टाग्राम पर उठे सवाल

याचिका में आरोप लगाया गया है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम के एल्गोरिदम बच्चों को लंबे समय तक स्क्रीन पर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करते हैं. याचिकाकर्ता ने बच्चों की मानसिक सेहत, निजता और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर भारत में विशेष सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है.

3 hours ago

टाटा ग्रुप के विवाद पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सलाह, आपसी बातचीत से सुलझाएं मतभेद

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाटा ग्रुप के नेतृत्व से आंतरिक मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने और समूह में सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप भारतीय अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है और इस विवाद का सार्वजनिक रूप से जारी रहना ठीक नहीं है.

3 hours ago

2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन का लक्ष्य, 50 हजार करोड़ रुपये के निर्यात पर सरकार की नजर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- सेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर है जोर, रक्षा बजट बढ़कर रिकॉर्ड 7.85 लाख करोड़ रुपये हुआ

3 hours ago

रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन ने पकड़ी रफ्तार, 12 साल में तीन गुना बढ़ा आंकड़ा; 99.7% नेटवर्क हुआ इलेक्ट्रिक

आंकड़ों के मुताबिक, 1950 तक देश के केवल 0.7 फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ था. 1961 में यह आंकड़ा 1.3 फीसदी और 2001 तक 23.6 फीसदी पहुंचा. इसके बाद भी रफ्तार सीमित रही, लेकिन 2014 के बाद इलेक्ट्रिफिकेशन के काम में तेजी आई.

8 hours ago