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कैंसर से जंग में मिला एक और हथियार, जानें अब कैसे होगा इलाज

कैंसर से लड़ाई की कारगर रणनीति पर लगातार काम चलता रहता है. वैज्ञानिक यह पता लगाते रहते हैं कि कैसे इस जानलेवा बीमारी से जंग जीती जाए.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनते ही डर लगने लगता है. कैंसर से लड़ाई की कारगर रणनीति पर लगातार काम चलता रहता है. वैज्ञानिक यह पता लगाते रहते हैं कि कैसे इस जानलेवा बीमारी से जंग जीती जाए. इस दिशा में अमेरिका से एक अच्छी खबर आई है.

ऑनकोलिटिक वायरस
अमेरिका के शोधकर्ताओं ने कैंसर थेरेपी में सुधार के लिए एक नई रणनीति विकसित की है, जिसके तहत आसपास के स्वस्थ ऊतकों को नुकसान पहुंचाए बिना ट्यूमर कोशिकाओं को मारा जा सकता है. ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक, ऑनकोलिटिक वायरस की मदद से कैंसर का इलाज किया जा सकता है. ये वायरस शरीर के अंदर ट्यूमर रोधी इम्यून रिस्पोंस को एक्टिवेट करते हैं और कैंसर सेल को खत्म कर देते हैं. खास बात ये है कि ऑनकोलिटिक वायरस कैंसर सेल के आसपास के स्वस्थ सेल और टिशू को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते.

और रिसर्च की ज़रूरत
ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर न्यूक्लियर रिसेप्टर्स एंड सेल सिग्नलिंग के निदेशक शॉन झांग के अनुसार, यह कैंसर का सबसे अच्छा इलाज हो सकता है. हालांकि, इस पर अभी और रिसर्च करने की ज़रूरत है. इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान से 1.8 मिलियन डॉलर का अनुदान मिला है.

अब इस पर हो रहा काम
कैंसर के इलाज की इस रणनीति को कारगर ज़रूर बताया जा रहा है. लेकिन कभी-कभी ऑनकोलिटिक वायरस उतने कारगर नहीं होते, क्योंकि कैंसर के सेल इन पर हावी हो जाते हैं. शॉन झांग ने बताया कि हम इस ट्रीटमेंट को ज्यादा बेहतर ढंग से डिलीवर करने की दिशा में काम कर रहे हैं. हमारा प्रयास है कि नेचुरल किलर सेल ऑनकोलिटिक वायरस के रास्ते से हट जाएं, ताकि वो सीधे ट्यूमर सेल पर हमला बोल सकें.

यह होगा फायदा?
दिल्ली के मशहूर कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर अंशुमान कुमार के मुताबिक, कैंसर के इलाज के लिए यह रिसर्च बेहद अहम है. यह भी एक प्रकार की इम्यूनोथेरेपी है. इससे कैंसर के आसपास जो हेल्दी सेल होते हैं, उन्हें नुकसान नहीं होगा, जो सबसे महत्वपूर्ण है. सीधे शब्दों में कहें तो कीमोथेरपी से जुड़े जो साइड इफ़ेक्ट होते हैं, उनका खतरा नहीं रहेगा. साइड इफ़ेक्ट नॉर्मल सेल्स मरने की वजह से ही होते हैं. डॉक्टर कुमार ने बताया कि इस तकनीक को ऑनकोलिटिक वायरोथेरेपी कहते हैं. चूंकि वायरस से ट्रीटमेंट कर रहे हैं, इसलिए वायरोथेरेपी. ऑनकोलिटिक की बात करें, तो मेडिकल टर्म में किसी चीज को खत्म करने को लिटिक कहा जाता है और Onco का मतलब है कैंसर.  

दो थेरेपी पर फोकस 
डॉक्टर कुमार के अनुसार, कैंसर पर अधिकांश रिसर्च इम्यूनोथेरेपी या जीन थेरेपी पर ही चल रहा है. क्योंकि कीमो या रेडियो थेरेपी में स्वस्थ कोशिकाओं के मरने से साइड इफ़ेक्ट का खतरा काफी ज्यादा रहता है. भले ही मरीज का कैंसर ठीक हो जाए, लेकिन दुष्प्रभावों की वजह से उसे जीवनभर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. यदि जीन थेरेपी सफल होती है तो हम केवल कैंसर सेल को बदलेंगे और सब नॉर्मल हो जाएगा. इम्यूनोथेरेपी इसलिए सफल हो रही है, क्योंकि ये विशिष्ट कैंसर सेल को मारेगी, दूसरों को नहीं. हालांकि, इम्यूनोथेरेपी के अब तक के परिणाम ज्यादा खास नहीं हैं, लेकिन भविष्य के लिए यह एक उम्मीद ज़रूर है.   
 


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