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क्या गूगल और केमिस्ट की सलाह पर आप भी लेते हैं दवाई? जा सकती है जान

यह शहर नकली, नशीली और प्रतिबंधित दवाइयों की बड़ी मंडी बन चुका है. यहां से ना देश के कई हिस्सों में भी इस तरह की दवाइयों की सप्लाई की जाती है.

आमिर कुरेशी 3 years ago

आगरा: डिजिटल जमाने में किसी भी चीज की जानकारी चाहिए तो हम सबसे पहले गूगल करते हैं. यह आदत सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. बीमारी के मामलों में तो यह जानलेवा भी हो सकती है. जांच से लेकर दवाएं खरीदने और सेवन करने में विशेष सावधानी की आवश्यकता है.

आगरा नकली दवाओं की मंडी
आगरा जैसे शहर में तो इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए. यह शहर नकली, नशीली और प्रतिबंधित दवाइयों की बड़ी मंडी बन चुका है. यहां से ना देश के कई हिस्सों में भी इस तरह की दवाइयों की सप्लाई की जाती है. गलत दवाइयों के इस्तेमाल में गूगल और सोशल मीडिया भी अपनी बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है. गलत जानकारियों के कारण लोग बिना डॉक्टर को दिखाए ही दवाओं का सेवन कर ले रहे हैं. कई बार ऐसी दवाएं गलत असर कर जाती हैं और मरीज को गंभीर हालत में पहुंचा देती हैं. केमिस्ट से रोग बताकर दवा खरीदने में भी इस तरह का खतरा है.

जब दवा खरीदें तो बिल जरूर लें
आगरा नकली दवाओं की बहुत बड़ी मंडी साबित हो चुका है, इसीलिए नकली दवाओं से बचना है तो खरीदने के बाद बिल जरूर लें. जब आप बिल मांगेंगे तो केमिस्ट नकली दवा नहीं दे पाएगा. उसे पता चल जाएगा कि फार्मा कंपनी से दवाई किस चैनल से होते हुए केमिस्ट तक पहुंच रही है.

एक्सपर्ट्स की राय
इस मामले पर IMA के अध्यक्ष डॉक्टर ओपी यादव ने बताया कि मरीज के रोग की प्रकृति को देखकर ही दवा लिखी जाती है. संबंधित ड्रग्स की एक निश्चित मात्रा होती है. इससे ज्यादा या कम देने पर मरीज को नुकसान हो सकता है.

डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि अधिक उम्र के मरीजों को घर पर दवा खाने में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है. मरीज अपने विवेक से डॉक्टर द्वारा बताई गई डोज नहीं ले पाता है. यह दिक्कत 65 साल से अधिक उम्र के मरीजों के साथ आती है. परिवार का जानकार सदस्य ही दवाई खिलाए तो अच्छा रहता है.

कोविड काल में हुई थी बड़ी गड़बड़ी
कोविड काल में लोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए देसी नुक्से अपना रहे थे. लगातार लौंग, अदरक, काली मिर्च का काढ़ा पी रहे थे. साथ में च्यवनप्राश और गर्म चीजों का सेवन भी बढ़ा दिया था. इस कारण उल्टी-दस्त के साथ गैस जैसी अनेकों दिक्कतें होने लगी थीं.

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