✕

होम / हेल्थ / आकाश हेल्थकेयर की नई उपलब्धि, विदेश में अस्पताल संचालित करने वाली बनी पहली कंपनी

आकाश हेल्थकेयर की नई उपलब्धि, विदेश में अस्पताल संचालित करने वाली बनी पहली कंपनी

यह पहला ऐसा भारतीय अस्पताल है, जिसकी विदेश में ब्रांच होगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्लीः आकाश हेल्थकेयर ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए विदेशी धरती पर अपना अस्पताल संचालित करने की घोषणा की है. यह पहला ऐसा भारतीय अस्पताल है, जिसकी विदेश में ब्रांच होगी. कंपनी ने उज्बेकिस्तान के ताशकंद में एक मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल खोला है. इसके लिए आकाश हेल्थकेयर ने 4 मिलियन डॉलर का शुरुआती निवेश करके एशिया मेड सेंटर का अधिग्रहण कर लिया है, जिसको अब आकाश हेल्थकेयर मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के नाम से जाना जाएगा. 

बहुत से भारतीय कर रहे हैं स्वास्थ्य क्षेत्र में काम

उज्बेकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में कई भारतीय स्वास्थ्य सेवा प्रदाता कार्यरत हैं, लेकिन अधिकांश ओपीडी और मिनी-सर्जरी कर रहे हैं या मौजूदा स्थानीय अस्पतालों के साथ उनके उत्तरदायित्व की पार्टनरशिप सीमित है. पहली बार भारत की एक कंपनी आकाश हेल्थकेयर द्वारा कोई संचालित स्थानीय अस्पताल अधिग्रहित किया गया है. इसमें गुणवत्तापूर्ण देखभाल और करुणा पर ध्यान देकर भारतीय मानकों के अनुसार डे टू डे केयर विशेषज्ञता, वर्ल्ड क्लास डे केयर, कौशल और नैतिकता को बनाए रखने वाले पूर्ण स्वामित्व वाले भारतीय अस्पताल की तरह चलाया जाएगा.

उज्बेकिस्तान के लोगों को नहीं जाना पड़ेगा विदेश

इस नए इनिशिएटिव पर बात करते हुए आकाश हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, डॉ. आशीष चौधरी ने कहा, “एएचपीएल (भारतीय कंपनी) की सहयोगी कंपनी एएनवीकेए हेल्थकेयर है. एएनवीकेए हेल्थकेयर ने एक विदेशी कंपनी आकाश हेल्थकेयर एलएलसी की स्थापना की, जिसने विदेशी निवेश के रूप में ताशकंद में इस अस्पताल का अधिग्रहण किया है. यह आकाश परिवार और उज्बेकिस्तान के लोगों के लिए गर्व की बात है, जिन्हें अक्सर इलाज के लिए विदेश जाना पड़ता है.”

भारत में बढ़ रही है उज्बेकिस्तान के रोगियों की आमद

भारत और विशेष रूप से नई दिल्ली में उज्बेक रोगियों की आमद तेजी से बढ़ रही है. हर साल लगभग 8,000 रोगी उपचार के लिए नई दिल्ली आते हैं और इसका मार्केट साइज लगभग 30 मिलियन डॉलर का है. उज्बेक लोगों को मुख्य रूप से लीवर की समस्या है और आबादी का एक बड़ा हिस्सा हेपेटाइटिस बी और सी से पीड़ित है. अधिकांश मरीज लीवर ट्रांसप्लांट, कैंसर की सर्जरी और न्यूरो और ऑर्थोपेडिक इलाज जैसी जटिल सर्जरी के लिए भारत आते हैं. आकाश हेल्थकेयर एलएलसी का मुख्य फोकस मदर एंड चाइल्ड, ऑर्थोपेडिक, लीवर और किडनी की बीमारियों पर होगा.

डॉ. आशीष चौधरी ने बताया, “हमारा उद्देश्य उज्बेक लोगों और आस-पास के देशों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा का इकोसिस्टम बनाना है जहां गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा कम विकसित है. हम पिछले तीन वर्षों से इसके लिए योजना बना रहे थे और आखिरकार आकाश हेल्थकेयर एलएलसी ने ताशकंद में हमारे पहले विदेशी अस्पताल, एशिया मेड सेंटर का अधिग्रहण कर लिया. यह सिर्फ शुरुआत है और हम भविष्य में अन्य विदेशी स्थानों पर भी जाएंगे. अब, अस्पताल का नाम बदलकर आकाश हेल्थकेयर मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल कर दिया गया है और 23 नवंबर, 2022 से औपचारिक रूप से इसका संचालन शुरू हो जाएगा.”

50 बेड्स का है अस्पताल

अस्पताल में 50 बेड्स और कई स्पेशलिटी विभाग हैं जिनमें आर्थोपेडिक्स, पीडियाट्रिक्स, एंडोक्राइनोलॉजी, न्यूरोलॉजी, इंटरनल मेडिसिन, फ़िज़ियोथेरेपी, कार्डियोलॉजी, गायनेकोलॉजी, यूरोलॉजी, जनरल सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, ईएनटी, यूएसजी, एक्स-रे, लेबोरेटरी, डेंटिस्ट्री शामिल हैं. कई तरह की विशेषज्ञता के साथ, आकाश हेल्थकेयर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल सर्वोत्तम वैश्विक अभ्यासों के अनुसार काम करेगा.

आकाश हेल्थकेयर के सीआईएस प्रोजेक्ट्स के उपाध्यक्ष, डॉ. विक्रमजीत सिंह ने कहा, “किसी नए देश में नया अस्पताल खोलना कठिन काम है. लेकिन हमारी टीम के संयुक्त प्रयासों, स्वास्थ्य मंत्रालय, निवेश मंत्रालय और स्थानीय प्रशासनिक विभागों के मार्गदर्शन और समर्थन ने इस सपने को साकार करने में मदद की है.”

VIDEO: डायबिटीज के बारे में हैं ये 5 Myth, जिसे आमतौर पर लोग मानते हैं सही

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

स्कैनर का सवाल: अस्पतालों में बेहतर फैसलों के लिए क्यों जरूरी है वित्तीय समझ और चिकित्सकीय ज्ञान का तालमेल

वित्त टीम की शुरुआत लाभ-हानि विवरण से होती है. इससे पता चलता है कि परामर्श, प्रक्रियाओं, डायग्नोस्टिक्स और फार्मेसी से होने वाली आय अस्पताल चलाने की लागत को पूरा करती है या नहीं.

1 week ago

भारत में पहली बार WCOG, 61 देशों के 3,000 विशेषज्ञ जुटे; एआई और मेडिकल टेक्नोलॉजी पर मंथन

WCOG के उद्घाटन पर जेपी नड्डा बोले- पाचन और लिवर संबंधी बीमारियों से निपटने के लिए इलाज के साथ रोकथाम और शुरुआती जांच पर जोर जरूरी

01-October-2026

दिल्ली में 120 लोगों की हुई हृदय संबंधी जांच, विशेषज्ञों ने समय रहते जोखिम पहचानने पर दिया जोर

विश्व हृदय दिवस के अवसर पर आयोजित इस कैंप में क्लीनिकल जांच, लैब टेस्ट और कार्डियक इमेजिंग को एक साथ शामिल किया गया. इसका उद्देश्य लोगों को हृदय रोग के जोखिम के बारे में जागरूक करना और गंभीर हृदय संबंधी घटना से पहले बीमारी की पहचान तथा रोकथाम पर जोर देना था.

28-September-2026

भारत में बढ़ रहा अल्जाइमर का खतरा, 2036 तक दोगुने हो सकते हैं डिमेंशिया के मरीज

शुरुआती लक्षणों को उम्र बढ़ने का सामान्य हिस्सा मानकर नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, विशेषज्ञों ने समय पर जांच और डॉक्टर से सलाह लेने की दी सलाह

22-September-2026

IMA और Abbott ने शुरू किया इंडियन इम्यूनाइजेशन वीक, फ्लू वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर

इस अभियान के तहत स्वास्थ्य पेशेवरों को टीका लगाने से जुड़े व्यावहारिक दिशा-निर्देश भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इनमें खास तौर पर यह जानकारी शामिल है कि बुखार या किसी बीमारी से ठीक होने के दौरान या उसके बाद टीकाकरण कब कराया जा सकता है.

22-September-2026


बड़ी खबरें

SBI के मुनाफे में 14.28% की बढ़ोतरी, दूसरी तिमाही में ₹23,038 करोड़ का शुद्ध लाभ

नेट इंटरेस्ट इनकम में 14.69% का उछाल, बढ़कर ₹49,143 करोड़ हुई; बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार

9 hours ago

बच्चों पर सोशल मीडिया के असर को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मेटा के फेसबुक-इंस्टाग्राम पर उठे सवाल

याचिका में आरोप लगाया गया है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम के एल्गोरिदम बच्चों को लंबे समय तक स्क्रीन पर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करते हैं. याचिकाकर्ता ने बच्चों की मानसिक सेहत, निजता और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर भारत में विशेष सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है.

8 hours ago

टाटा ग्रुप के विवाद पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सलाह, आपसी बातचीत से सुलझाएं मतभेद

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाटा ग्रुप के नेतृत्व से आंतरिक मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने और समूह में सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप भारतीय अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है और इस विवाद का सार्वजनिक रूप से जारी रहना ठीक नहीं है.

9 hours ago

2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन का लक्ष्य, 50 हजार करोड़ रुपये के निर्यात पर सरकार की नजर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- सेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर है जोर, रक्षा बजट बढ़कर रिकॉर्ड 7.85 लाख करोड़ रुपये हुआ

9 hours ago

रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन ने पकड़ी रफ्तार, 12 साल में तीन गुना बढ़ा आंकड़ा; 99.7% नेटवर्क हुआ इलेक्ट्रिक

आंकड़ों के मुताबिक, 1950 तक देश के केवल 0.7 फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ था. 1961 में यह आंकड़ा 1.3 फीसदी और 2001 तक 23.6 फीसदी पहुंचा. इसके बाद भी रफ्तार सीमित रही, लेकिन 2014 के बाद इलेक्ट्रिफिकेशन के काम में तेजी आई.

14 hours ago