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वित्त मंत्री ने जिस 'Drone Didi' का रखा ख्याल, उस योजना के बारे में क्या जानते हैं आप?

सरकार कृषि क्षेत्र में ड्रोन टेक्‍नोलॉजी को बढ़ावा देने पर काम कर रही है और यह योजना उसी का एक हिस्सा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

बजट 2024 में कई बड़ी घोषणाएं हुईं, इनमें से एक है 'नमो ड्रोन दीदी योजना' (Namo Drone Didi Scheme) के लिए 500 करोड़ रुपए का आवंटन. पिछले साल इसके लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था. इस लिहाज से देखें, तो इस बार 'नमो ड्रोन दीदी योजना' को 2.5 गुना ज्‍यादा बजट दिया गया है. दरअसल, सरकार कृषि क्षेत्र में ड्रोन टेक्‍नोलॉजी को बढ़ावा देने पर काम कर रही है और यह योजना उसी का एक हिस्सा है. सरकार ने इस योजना की शुरुआत महिलाओं को सशक्त बनाने और कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने के लिए की है. चलिए इस स्कीम के बारे में विस्तार से जानते हैं.

क्या होगा ट्रेनिंग में?
'नमो ड्रोन दीदी योजना' की शुरुआत 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने की थी. इस योजना के तहत 1 लाख महिलाओं को अगले 5 सालों में प्रशिक्षित किया जाएगा. स्कीम को देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के जरिए लागू किया जा रहा है. नमो ड्रोन दीदी योजना में महिलाओं को ड्रोन उड़ाने से लेकर डेटा विश्लेषण और ड्रोन के रखरखाव के संबंध में ट्रेनिंग दी जाती है. चयनित महिलाओं को ड्रोन का इस्‍तेमाल करके अलग-अलग कृषि कार्यों के लिए भी प्रशिक्षित किया जाता है. इनमें फसलों की निगरानी, कीटनाशकों-उर्वरकों का छिड़काव और बीज बुआई आदि शामिल हैं.

ये भी पढ़ें - Budget 2024: वित्त मंत्री ने जिस Lakhpati Didi का किया जिक्र, उसके बारे में जानते हैं आप?

क्या है योजना का फायदा?
सरकार का मानना है कि ड्रोन दीदी योजना महिलाओं को सशक्त और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाएगी. साथ ही इससे कृषि क्षेत्र में उत्पादकता और दक्षता में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. इस योजना से कृषि से जुड़ी लागत में भी कमी आ सकती है. इससे रोजगार के मौके भी मिलेंगे. 1 फरवरी को पेश किए गए अंतरिम बजट में ड्रोन दीदी स्‍कीम के लिए पहले से ज्यादा फंड का प्रावधान किया गया है. ऐसा इसलिए कि ज्‍यादा महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा सके. इस बीच, अयोध्या में स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं छह महिलाओं का इस योजना के लिए किया गया है. सभी ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में 15 दिवसीय प्रशिक्षण पूरा किया है. अब इन्हें 10 लाख रुपए की लागत से ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका इस्तेमाल खेतों में कीटनाशक व खाद के छिड़काव के लिए किया जाएगा.


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