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RBI Monetary Policy: ब्याज दरें बढ़ने के बाद क्या करें, EMI बढ़ाएं या अवधि, यहां समझिए

जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो आपके पास दो विकल्प होते हैं, पहला - आप लोन की अवधि बढ़ा लें और दूसरा- लोन की EMI बढ़ा लें. इन दोनों में किसका चुनाव आपके लिए बेहतर होगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्ली: सस्ते लोन का दौर खत्म हो चुका है, साल भर पहले तक जो होम लोन आपको 6.7 परसेंट के इंटरेस्ट रेट पर मिल रहा था, अब ये 8-8.25 परसेंट पर आ चुका है. MPC की बैठक जारी है, ब्याज दरों में इजाफा पहले से तय है, सिर्फ ये देखना बाकी है कि इजाफा कितना होगा.

रिजर्व बैंक ने मई से ब्याज दरों में बढ़ोतरी का जो सिलसिला शुरू किया था, तब से लेकर अबतक रेपो रेट में 140 बेसिस प्वाइंट तक इजाफा हो चुका है, बैंकों ने भी कदमताल करते हुए ब्याज दरें बढ़ा दी हैं. इन सबसे हुआ ये कि आपकी EMI का बोझ बढ़ गया. बढ़ती ब्याज दरों का असर नए ग्राहकों के साथ साथ मौजूदा ग्राहकों पर भी पड़ता है. हम यहां पर मौजूदा ग्राहकों की बात करेंगे. 

जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो आपके पास दो विकल्प होते हैं, पहला - आप लोन की अवधि बढ़ा लें और दूसरा- लोन की EMI बढ़ा लें. इन दोनों में किसका चुनाव आपके लिए बेहतर होगा, ये कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है. जैसे मान लीजिए आपने 50 लाख का लोन, 20 साल के लिए लिया है, ब्याज दर 8 परसेंट है, तो आपकी मंथली EMI होगी 41822 रुपये. अब अगर रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 0.50% का इजाफा कर दिया, जिसकी गुंजाइश बताई जा रही है, और बैंकों ने भी रेपो रेट में इतना ही इजाफा ग्राहकों को पास-ऑन कर दिया तो क्या होगा

पहले 
होम लोन की राशि                       ₹50 लाख
होम लोन की अवधि                     240 महीने 
ब्याज दर                                    8%
EMI                                          ₹41822

ब्याज दरें बढ़ने के बाद 
होम लोन की राशि                       ₹50 लाख
ब्याज दर                                    8.5%
EMI                                         ₹41822 
होम लोन की अवधि                     266 महीने 

सबसे पहले देखते हैं कि अगर आपने ब्याज दरें बढ़ने के बाद EMI को फिक्स कर दिया, जो कि ₹41822 है, तो 8.5 परसेंट पर लोन की अवधि 240 महीने से बढ़कर 266 महीने हो जाएगी. यानी 26 महीने और आपको EMI चुकानी पड़ेगी. मतलब ये कि आपको करीब 10.87 लाख रुपये ज्यादा ब्याज देना होगा. 

अतिरिक्त अवधि                         266-240 = 26 महीने 
अतिरिक्त EMI                           26x41822 = ₹1,087,372

             
दूसरा रास्ता है कि आप लोन की अवधि न बढ़ाकर लोन की EMI की राशि में इजाफा कर लें. देखते हैं इससे क्या होगा, चलिए देखते हैं

पहले 
होम लोन की राशि                       ₹50 लाख
होम लोन की अवधि                     240 महीने 
ब्याज दर                                    8%
EMI                                          ₹41822

ब्याज दरें बढ़ने के बाद 
होम लोन की राशि                       ₹50 लाख
ब्याज दर                                    8.5%
EMI                                          ₹43,391  
होम लोन की अवधि                      240 महीने 

EMI बढ़ाएं या अवधि 

इस केस में आपकी EMI जो अब तक ₹41822 थी, बढ़कर ₹43,391 हो जाएगी, यानी हर महीने आपको 1569 रुपये अतिरिक्त देने होंगे. ये विकल्प आपको चुनना चाहिए या नहीं, ये कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है. पहला तो ये कि आपको भरोसा हो कि आपकी कमाई या इनकम भविष्य में बढ़ने वाली है. आपके पास सेविंग्स हैं, क्योंकि अगर हर महीने ज्यादा EMI देंगे तो आपकी सेविंग्स पर असर पड़ेगा. एक और फैक्टर ये भी है कि ये देखना होगा कि आपका लोन कितना बचा है, एक्सपर्ट्स कहते हैं कि मान लीजिए आपके लोन की अवधि ज्यादा नहीं है, तो आप जल्द से जल्द लोन चुकाने की सोच सकते हैं, और EMI की अवधि बढ़ाने की बजाय लोन को जल्द से जल्द चुकाने पर विचार कर सकते हैं.  

अगर आप चाहते हैं कि बढ़ी हुई ब्याज दरों के असर को कैसे कम किया जाए, तो इसके लिए आप EMI की राशि बढ़ाने की बजाय, इसी रकम को कहीं निवेश कर दें और ज्यादा रिटर्न हासिल करें. इस केस में जैसे बढ़ी हुई EMI की राशि 1569 रुपये है, अगर आप इसी रकम को किसी इक्विटी म्यूचुअल फंड में डालते हैं, तो आमतौर पर 12 से 16 परसेंट का रिटर्न मिल जाता है. मालन लीजिए कि 12 परसेंट रिटर्न हासिल करते हैं तो साल भर में आप 18,823 रुपये जमा कर लेंगे. इस पैसे से प्री-पेमेंट करते रहें. इससे आपका लोन भी जल्दी खत्म होगा, अच्छी बात ये है कि होम लोन के प्रीमेंट पर कोई चार्ज भी नहीं है.

 

 
 


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