होम / एक्सप्लेनर / कोई सब्जी खेत से किचन तक पहुंचते-पहुंचते कैसे 3-4 गुना महंगी हो जाती है, समझिए इसका गणित

कोई सब्जी खेत से किचन तक पहुंचते-पहुंचते कैसे 3-4 गुना महंगी हो जाती है, समझिए इसका गणित

जब कोई किसान सब्जी को खेत से निकालकर मंडी तक पहुंचता है, तो वह खेत में लगी लागत, मंडी तक लाने का ट्रांसपोर्टेशन चार्ज जोड़कर उसे मंडी में लाकर आढ़ती तक पहुंचाता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में लगातार जारी बारिश के कारण खेतों में कई सब्जियां नष्ट हो गई हैं, जिसके कारण सप्लाई पर असर पड़ा है. इस वजह से सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं. गोभी 100 रुपये से 120 रुपये प्रति किलो बिक रहा है तो बैंगन 60 रुपये से 80 रुपये किले बिक रहा. आलू की कीमतें भी 20 रुपये से लेकर 30 रुपये प्रति किलो है. पर क्या आप जानते हैं कि किसी भी सब्जी की कीमत खेत से निकलकर किचन तक पहुंचते-पहुंचते कैसे बढ़ जाती है? हम आपको बता रहे हैं इसके पीछे का गणित.

चाहे सब्जियां हों या फिर अनाज, खेत से किचन तक पहुंचते-पहुंचते इनकी कीमतें काफी ज्यादा बढ़ जाती हैं. खेत से लेकर मंडी, मंडी से लेकर थोक व्यापारी और थोक व्यापारी से रेहड़ी पटरी तक पहुंचने में सब्जियों और अनाज के दाम कई गुना बढ़ जाते हैं.

आढ़ती को भी देना होता है 2.5 प्रतिशत
जब कोई किसान सब्जी को खेत से निकालकर मंडी तक पहुंचता है, तो वह खेत में लगी लागत, मंडी तक लाने का ट्रांसपोर्टेशन चार्ज जोड़कर उसे मंडी में लाकर आढ़ती (कर्जदार या कृषि व्यापारी जिनसे किसान कर्ज लेकर अपनी फसल बोते हैं) तक पहुंचाता है. उत्तर प्रदेश की अगर बात करें तो यहां पर मंडी समितियों में किसान के सामान पर 2.5 प्रतिशत लिया जाता है. आढ़ती भी अपना 2.5 प्रतिशत लेते हैं. इस लिहाज से देखें तो समान का कुल दाम का 5 प्रतिशत ऐसे ही बढ़ जाता है. इसके अलावा उसमें खेती में लगी लागत और ट्रांसपोर्टेशन चार्ज जुड़ने के बाद कीमत और बढ़ जाती है.

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को दी है सहूलियत
सब्जियों की कीमतें नियंत्रित रहें और किसानों पर कोई अतिरिक्त दबाव न हो, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को सहूलियत देते हुए मंडी समिति के 2.5 प्रतिशत को कम करके 1.5 प्रतिशत कर दिया है. इसे थोड़ी राहत जरूर मिली है, क्योंकि अब उन्हें 5 प्रतिशत (मंडी समिति के 2.5 प्रतिशत + आढ़ती के 2.5 प्रतिशत) की जगह 4 प्रतिशत (मंडी समिति के 1.5 प्रतिशत + आढ़ती के 2.5 प्रतिशत) देना होता है.

और कहां-कहां ऐड होती हैं कीमतें
हालांकि कीमतें यही नहीं रुक जातीं. ये तो रही किसानों की बात, जो यहां खत्म हो जाती है. अब उसके आगे की बात करते हैं. मंडी समितियों में किसान की सब्जियों को बड़े और थोक विक्रेता व्यापारियों को बेचा जाता है और उनके साथ-साथ फुटकर व्यापारी भी सामान लेकर जाते हैं. ये लोग उसपर अपने ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा, सामान की पैकेजिंग पर होने वाले खर्च, लेबर चार्ज और दुकान के किराये पर होने वाले खर्च को भी जोड़ते हैं. इससे खेत से लेकर किचन तक पहुंचते-पहुंचते सब्जी की मूल कीमत में कई गुना इजाफा हो जाता है.

और किन बातों का पड़ता है असर
कई बार खराब मौसम, ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल और पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों का असर भी इनपर दिखाई देता है. इन सबके बीच सबसे अधिक कोई पिसता है तो वह है आम आदमी, क्योंकि आखिरी खरीददार वहीं होता है, जिसे मूल कीमत के मुकालबे 3-4 गुना अधिक कीमतें चुकानी पड़ती हैं, जिससे उसका बजट बिगड़ जाता है.

VIDEO : एयर इंडिया से आई ये खबर सीनियर सिटीजंस को कर सकती है नाराज


टैग्स
सम्बंधित खबरें

समझिए: भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण क्यों नहीं माना जाता?

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट कानूनी रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का अंतिम प्रमाण.

26-June-2026

क्या है 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता, जिससे पाकिस्तान में मचेगा हाहाकार, कितना होगा असर?

भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ 1960 से चले आ रहे जल समझौते का बोझ आगे नहीं ढोएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को प्रभावी रूप से बंद नहीं कर देता है.

24-April-2025

अमेरिका के टैरिफ लगाने से भारत के किस सेक्टर्स पर क्या होगा असर? जानिए डिटेल्स

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को बड़ा झटका दिया है. ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है. जिससे भारत के निर्यात पर गहरा असर देखने को मिल सकता है.

03-April-2025

भारत की तरक्की को कई गुना बढ़ा रही महिला एंटरप्रेन्योर, NeoGrowth की रिपोर्ट में आया सामने

3,000 से अधिक महिला उद्यमियों के सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में महिलाओं की व्यापारिक सफलता और उनके सामने आने वाली चुनौतियों दोनों को दिखाया गया है.

06-March-2025

अडानी परिवार की शादी का उत्सव: परंपरा, आधुनिकता और समाज सेवा का संगम

यह शादी सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि अडानी परिवार की समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसमें हर पहलू में कला, परंपरा और सशक्तिकरण जुड़ा हुआ है.

24-February-2025


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

14 hours ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

11 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

11 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

12 hours ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

19 hours ago