✕

होम / एक्सप्लेनर / आखिर इजरायल-ईरान की टेंशन से Gold का क्या है नाता, क्यों चढ़ सकते हैं दाम?

आखिर इजरायल-ईरान की टेंशन से Gold का क्या है नाता, क्यों चढ़ सकते हैं दाम?

दुनियाभर में चल रही उथल-पुथल से सोना और भी ज्यादा मजबूत हो सकता है. पहले से ही इसकी कीमत काफी ज्यादा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

इजरायल और ईरान के बीच तनाव (Israel-Iran Tension) बना हुआ है. ईरान के हमले के बाद अब इजरायल जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है. यदि ऐसा होता है, तो स्थिति काफी खतरनाक हो जाएगी. दो देशों के बीच की इस लड़ाई से पूरी दुनिया के बाजार प्रभावित होंगे. हालांकि, सोने की कीमतें (Gold Price) जंग के माहौल में और चढ़ सकती हैं. भारत में पहले से ही सोना और चांदी के भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं. आज भले ही इसमें मामूली गिरावट आई है, लेकिन आने वाले दिनों में इसके रॉकेट की रफ्तार से दौड़ने की संभावना है. 

इतनी चढ़ सकती हैं कीमतें
पिछले कुछ समय से सोने-चांदी के भाव लगातार बढ़ रहे हैं. युद्ध के हालातों ने इसे हवा दे दी है. ग्लोबल फर्म गोल्डमैन सैक्स को लगता है कि इस साल के अंत तक सोना 2,700 डॉलर प्रति औंस के पार जा सकता है, जबकि पहले यह अनुमान 2,300 डॉलर का था. जबकि, कुछ विशेषज्ञ इसके 3000 डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगा रहे हैं. अब सवाल यह उठता है कि आखिर सोने का इजरायल-ईरान से ऐसा क्या कनेक्शन है, जो वहां हालात बिगड़ते ही इसकी कीमतों में आग लगने की बात कही जा रही है. 

कुछ न कुछ रिटर्न मिलना ही है
इजरायल-ईरान संघर्ष से सोने की कीमतों में आग लगने की आशंका इसलिए जताई जा रही है क्योंकि भविष्य की अस्थिरता को देखते हुए Gold में निवेश बढ़ेगा. जब डिमांड ज्यादा हो और सप्लाई लिमिटेड, तो कीमतों में उछाल आना स्वभाविक है. दरअसल, Gold यानी सोने को निवेश का बेहतरीन विकल्प माना जाता है, इसलिए जब भी युद्ध या किसी अन्य संकट की स्थिति उत्पन्न होती है, तो लोग बड़े पैमाने पर सोने में निवेश करने लगते हैं. वह जानते हैं कि स्टॉक मार्केट भले ही क्रैश हो जाए, लेकिन गोल्ड में किया हुआ निवेश कुछ न कुछ देकर ही जाएगा. 

इंश्योरेंस की तरह करता है काम
मुश्किल समय में लोग सोने में सबसे ज्यादा निवेश इसलिए करते हैं, क्योंकि यह उनके लिए इंश्योरेंस की तरह काम करता है. इजरायल-ईरान तनाव से पहले इजरायल-हमास और रूस-यूक्रेन के वक्त भी यही स्थिति थी. एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों के चलते जियो पॉलिटिकल तनाव लंबे समय तक देखने को मिल सकता है. इस वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन और वित्तीय बाजार प्रभावित हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में लोग अपना जोखिम कम करने के लिए सोने में निवेश सकते हैं. जब सोने की डिमांड बढ़ेगी, तो इसके दाम बढ़ना लाजमी है. 

सोना सबसे अच्छा विकल्प
अमेरिकी फर्म स्पार्टन कैपिटल सिक्योरिटीज के चीफ मार्केट इकोनॉमिस्ट पीटर कार्डिलो इजरायल-हमास युद्ध के समय कहा था कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उथल-पुथल के दौरान इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो की सुरक्षा के लिए सोना अच्छा विकल्प है. तब से अब तक सोने के भाव काफी बढ़ चुके हैं. आज यानी 18 अप्रैल को सोने के दाम की बात करें, तो राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने के दाम करीब 74,120 रुपए हैं. वहीं, चांदी 86,400 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव पर मिल रही है.   

कौन तय करता है Gold Price?
जब सोने की बात निकली है, तो यह भी जान लेते हैं कि इसकी कीमत कैसे तय होती है. दुनियाभर में लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) द्वारा सोने की कीमत तय की जाती है. वह यूएस डॉलर में सोने की कीमत प्रकाशित करता है। यह कीमत बैंकरों और बुलियन व्यापारियों के लिए एक वैश्विक बेंचमार्क के रूप में कार्य करती है. भारत में, इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आयात शुल्क और अन्य लागू टैक्स को जोड़कर यह तय करता है कि रिटेल विक्रेताओं को सोना किस दर पर दिया जाएगा. 

Bharat यहां से करता है इम्पोर्ट
भारत के लिए स्विट्जरलैंड सोने के आयात का सबसे बड़ा स्रोत है. यहां से हमारे कुल गोल्ड आयात की हिस्सेदारी करीब 41 प्रतिशत है. इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात से भारत लगभग 13 फीसदी और दक्षिण अफ्रीका से करीब 10 प्रतिशत सोना आयात करता है. भारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा Gold कंज्यूमर है. देश में सोने का आयात मुख्य रूप से ज्वैलरी इंडस्ट्री की मांग पूरी करने के लिए किया जाता है. देश के कुल आयात में सोने की हिस्सेदारी पांच प्रतिशत से ज्यादा की है.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

समझिए: भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण क्यों नहीं माना जाता?

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट कानूनी रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का अंतिम प्रमाण.

26-June-2026

क्या है 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता, जिससे पाकिस्तान में मचेगा हाहाकार, कितना होगा असर?

भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ 1960 से चले आ रहे जल समझौते का बोझ आगे नहीं ढोएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को प्रभावी रूप से बंद नहीं कर देता है.

24-April-2025

अमेरिका के टैरिफ लगाने से भारत के किस सेक्टर्स पर क्या होगा असर? जानिए डिटेल्स

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को बड़ा झटका दिया है. ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है. जिससे भारत के निर्यात पर गहरा असर देखने को मिल सकता है.

03-April-2025

भारत की तरक्की को कई गुना बढ़ा रही महिला एंटरप्रेन्योर, NeoGrowth की रिपोर्ट में आया सामने

3,000 से अधिक महिला उद्यमियों के सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में महिलाओं की व्यापारिक सफलता और उनके सामने आने वाली चुनौतियों दोनों को दिखाया गया है.

06-March-2025

अडानी परिवार की शादी का उत्सव: परंपरा, आधुनिकता और समाज सेवा का संगम

यह शादी सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि अडानी परिवार की समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसमें हर पहलू में कला, परंपरा और सशक्तिकरण जुड़ा हुआ है.

24-February-2025


बड़ी खबरें

SBI के मुनाफे में 14.28% की बढ़ोतरी, दूसरी तिमाही में ₹23,038 करोड़ का शुद्ध लाभ

नेट इंटरेस्ट इनकम में 14.69% का उछाल, बढ़कर ₹49,143 करोड़ हुई; बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार

12 hours ago

बच्चों पर सोशल मीडिया के असर को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मेटा के फेसबुक-इंस्टाग्राम पर उठे सवाल

याचिका में आरोप लगाया गया है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम के एल्गोरिदम बच्चों को लंबे समय तक स्क्रीन पर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करते हैं. याचिकाकर्ता ने बच्चों की मानसिक सेहत, निजता और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर भारत में विशेष सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है.

12 hours ago

टाटा ग्रुप के विवाद पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सलाह, आपसी बातचीत से सुलझाएं मतभेद

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाटा ग्रुप के नेतृत्व से आंतरिक मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने और समूह में सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप भारतीय अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है और इस विवाद का सार्वजनिक रूप से जारी रहना ठीक नहीं है.

12 hours ago

2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन का लक्ष्य, 50 हजार करोड़ रुपये के निर्यात पर सरकार की नजर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- सेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर है जोर, रक्षा बजट बढ़कर रिकॉर्ड 7.85 लाख करोड़ रुपये हुआ

12 hours ago

रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन ने पकड़ी रफ्तार, 12 साल में तीन गुना बढ़ा आंकड़ा; 99.7% नेटवर्क हुआ इलेक्ट्रिक

आंकड़ों के मुताबिक, 1950 तक देश के केवल 0.7 फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ था. 1961 में यह आंकड़ा 1.3 फीसदी और 2001 तक 23.6 फीसदी पहुंचा. इसके बाद भी रफ्तार सीमित रही, लेकिन 2014 के बाद इलेक्ट्रिफिकेशन के काम में तेजी आई.

17 hours ago