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Yogi 2.0: उपलब्धियों से भरपूर साल, लेकिन काफी कुछ किया जाना बाकी

ईज ऑफ डूइंग में उत्तर प्रदेश ने अंतिम पायदान से दूसरे स्थान पर छलांग लगायी है, इसे नंबर 1 बनाने के लिए कुछ जतन करने होंगे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

  • पूरन डावर, सामाजिक चिंतक एवं आर्थिक विश्लेषक

योगी 2.0 का पहला वर्ष अनेक उपलेब्धियों वाला रहा है. एक ओर सुरक्षित औद्योगिक वातावरण के प्रति प्रतिबद्धता, लगातार माफियाओं पर बेखौफ प्रहार, दूसरी ओर कनेक्टिविटी पर बड़ी छलांग... सड़क मार्ग, रेलमार्ग, वायु मार्ग के साथ जल मार्ग पर भी योजनाएं, अभूतपूर्व ढांचागत विकास…पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बनाकर पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास साथ ही पश्चिम और पूर्व को जोड़कर पूरे प्रदेश में समान विकास का मार्ग प्रशस्त करना. NH हाईवेज, एक्सप्रेसवे, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, मेट्रो रेल, 14 हवाई अड्डे, 5 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों के प्रति प्रतिबद्धता बड़े कारण हैं, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन की ओर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेंगे..

पर्यटन का नक्शा बदलेंगी योजनाएं
धार्मिक पर्यटन काशी, अयोध्या और मथुरा के लिए अप्रतिम योजनाएं, जो भारत के पर्यटन का नक्शा निश्चित तौर पर बदल देंगी. योगी 2.0 में इन्वेस्टमेंट समिट को ग्लोबल इन्वेस्ट समिट में परिवर्तित किया, नतीजा एमओयू जो योगी 1.0 में 4 लाख करोड़ के हुए थे, एक बहुत लंबी छलांग के साथ 35 लाख करोड़ के पार पहुंच गए. यदि 35 लाख करोड़ का 25% भी धरातल पर आता है और लगभग 9 लाख करोड़ का का निवेश आता है, तो 36 लाख करोड़ का टर्न ओवर, उत्तर प्रदेश को एक सुदृढ़ अर्थव्यव्स्था, बड़ी मात्रा में रोजगार और सरकार को जीएसटी के रूप में बड़े विकास की ओर ले जा सकता है.

कुछ सुझावों पर अमल जरूरी
लॉजेस्टिक पार्क पॉलिसी, वेयरहाउस पॉलिसी, एमएसएमई पार्क पॉलिसी, आईटी पॉलिसी, पर्यटन पॉलिसी, टेक्सटाइल पॉलिसी, निर्यात पॉलिसी, डिफ़ेंस कॉरिडोर के अन्तर्गत बड़ी आकर्षक छूट निवेशों को आवश्य ही आकर्षित करेगी. ईज ऑफ डूइंग में प्रदेश ने अंतिम पायदान से दूसरे स्थान पर छलांग लगायी है. निवेश मित्र के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम बनाया है. इसमें बहुत कुछ करने की आवश्यकता है. प्रथम स्थान पर लाने के लिये कुछ सुझावों पर अमल आवश्यक है. प्लान अप्रूवल में आज भी 13 विभागों से एनओसी लेनी होते है, जो आज भी ऑन लाइन नहीं है. प्लान अप्रूवल 6 माह से लेकर एक साल तक लगता है, एनओसी स्व घोषणा या समयबद्ध ऑन लाइन करने होंगे. 

लैंड पूलिंग पॉलिसी आवश्यक
मास्टर प्लान और जोनल प्लान के लिये कोई लैंड पूलिंग पॉलिसी न होने के कारण कोई जोनल प्लान लागू नहीं हो पाता. एक सुदृढ़ लैंडपूलिंग पॉलिसी बिना विलंब के लानी होगी. प्रदेश सरकार ने कई भू अधिग्रहण की योजनायें बनायीं जो किसी कारण से मूर्तरूप नहीं ले सकीं. ऐसी अधिग्रहण योजनाएं भी हैं, जिन्हें 20 साल हो गये अभी तक अधिग्रहीत नहीं की गयीं और भूमि विकास वंचित रह गया. न सरकार प्रयोग कर पायी और भूस्वामी 20 साल से प्रयोग से वंचित हैं. अधिग्रहण नीति समयबद्ध होनी चाहिए. सारे औद्योगिक कंप्लायंस चाहे पर्यावरण, प्रदूषण, विद्युत सुरक्षा, फायर सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, श्रम कानूनों के पालन सहित स्वतंत्र संस्थाओं द्वारा समयबद्ध ऑडिट व्यवस्था की जाती है, तो प्रदेश पहले स्थान पर छलांग लगा सकता है.


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