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UP Budget 2023: सिर्फ लुभावने वादे नहीं, दूरगामी सोच भी है जरुरी

योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा आज ऐतिहासिक बजट पेश किया गया. लेकिन सरकार को लुभावने वादों के साथ-साथ दूरगामी दृष्टि को भी लेकर चलना होगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज अपनी दूसरी पारी के दूसरे बजट को पेश किया. इस ऐतिहासिक बजट पर सभी की निगाहें टिकीं थी फिर चाहे वह एक आम आदमी हो या फिर कोई खास. युवा, महिलाओं, किसानों और उद्योगपतियों को अपने निजी विकास के साथ राज्य के विकास को लेकर भी बजट से काफी उम्मीदें हैं.
जनता के पूर्ण समर्थन से बनी योगी आदित्यनाथ की सरकार पर पार्टी के साथ-साथ आम आदमी को भी पूरा भरोसा है. आज योगी आदित्यनाथ राजनीति में उस मुकाम पर हैं जहां किसी प्रकार के लुभावने वादों और लालच के बिना केवल दूरगामी सोच के आधार पर वह निर्णय ले सकते हैं. ‘बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ के तहत चल रही ‘कन्या सुमंगला योजना’ तारीफ के काबिल है. 
शिक्षा के अधिकार (राईट टू एजुकेशन) ने पहले ही निजी स्कूलों में पढने वाले गरीब और पिछड़े बच्चों के लिए रास्ता तैयार कर दिया है. सरकार इन योजनाओं पर लगातार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है और इस बजट में भी इस पर खर्च का प्रावधान किया गया है. लेकिन कुछ ऐसे सवाल भी हैं जिनके बारे में बात करना बहुत जरूरी है. इस वक्त जनसंख्या नियंत्रण बहुत जरुरी है और समय की मांग भी है.
चुनाव से पहले या सरकार के बनने के बाद चलाई जाने वाली मुफ्त योजनायें केवल कम लाभ देने वाली रेवड़ियां हैं जबकि लम्बे समय में इनसे लोगों के जीवनस्तर में कोई सुधार नहीं करतीं. आगरा का निवासी होने के नाते आगरा को विश्व पर्यटन मानचित्र पर उभरता हुआ देखना मेरा भी सपना है. लेकिन सिर्फ एक मकबरा कहकर जब ताज महल के महत्त्व को कम किया जाता है तो बहुत दुःख होता है. आज उत्तर प्रदेश का हर निवासी प्रदेश को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में देखना चाहता है लेकिन इस लक्ष्य तक पहुँचने के लिए सरकार को लुभावने वादे नहीं दूरगामी दृष्टि को लेकर चलना होगा.

डॉक्टर गिरधर शर्मा, C.M.D. St. Andrews Group of Institutions, Secretary APSA
यह भी पढ़ें: UP Budget 2023 : 5 ट्रिलियन इकोनॉमी में होगी यूपी की बड़ी भूमिका- डॉ. अनुराग बत्रा


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