होम / एक्सपर्ट ओपिनियन / 20 Years Of Mukesh Ambani: रिलायंस को यूं पहुंचाया आसमां पर, कुछ ऐसा रहा आंकलन

20 Years Of Mukesh Ambani: रिलायंस को यूं पहुंचाया आसमां पर, कुछ ऐसा रहा आंकलन

मुकेश अंबानी की लीडरशिप में रिलायंस ने कई सेक्टर्स में अपनी पकड़ मजबूत की है. अमेजन, फ्लिपकार्ट, वॉलमार्ट जैसी कंपनियां रिलायंस को अपना प्रतिद्वंदी मानती हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

  • राज कुमार मिश्रा

मुकेश अंबानी 20 साल पहले रिलायंस के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर बने थे और इसके बाद शुरू हुआ कंपनी की अनवरत सफलता का दौर, जो दो दशकों में 20 गुना लाभ पर पहुंच गया है. यही नहीं इन दो दशकों में राजस्व, लाभ के साथ-साथ बाजार पूंजीकरण में लगातार दो अंकों की वृद्धि दर रही कंपनी का बाजार पूंजीकरण 42 गुना बढ़ चुका है.

निवेशकों की झोली में आए 17.4 लाख करोड़
मुकेश अंबानी केवल रिलायंस की कायापलट के ही नायक नही हैं, उनकी लीडरशिप में यानी पिछले 20 वर्षों में निवेशकों पर भी खूब नोट बरसे. 87 हजार करोड़ प्रति वर्ष की दर से निवेशकों की झोली में 17.4 लाख करोड़ रुपए आए. इस बीच, दुनिया भर की बड़ी से बड़ी कंपनियों का निवेश रिलायंस को मिला. फेसबुक, गूगल और बीपी जैसी भारी भरकम कंपनियों ने रिलायंस के दरवाजे पर लाइन लगा दी. देश की सबसे बड़ी कंपनी की सफलता की कहानी के कई महत्वपूर्ण अध्याय मुकेश अंबानी ने अपने हाथों से लिखे हैं. तेल से शुरू कर कंपनी ने दूरसंचार और रिटेल में कई मुकाम हासिल किए हैं. 

डेटा को कहा था ‘न्यू-ऑयल’
मुकेश अंबानी ने ही सबसे पहले डेटा को ‘न्यू-ऑयल’ कहा था और यह बताने की जरूरत नही कि डेटा ने किस कदर देश के आमजन की रोजमर्रा की जिंदगी को बदल डाला है. अंबानी ने देश ही नही दुनिया की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनियों में से एक रिलायंस जियो को खड़ा किया, जिसने बहुत ही कम समय में सफलता के झंडे गाड़ दिए. जियो के आने के बाद देश ने डिजिटल वर्ल्ड में जो दौड़ लगाई उसे देख दुनिया ने दांतों तले अंगुली दबा ली. आज सबसे अधिक डिजिटल लेन-देन का रिकॉर्ड भारत के नाम है. ठेले से लेकर 5स्टार होटल तक में डिजिटल पेमेंट की सुविधा है. इसके पीछे सरकार के प्रयास तो हैं ही किंतु रिलायंस जियो को भी इसका पूरा श्रेय जाता है, जिसने एक नई लकीर खींच दी. 

दिग्गज कंपनियों को टक्कर
जो डेटा करीब 250 रुपए प्रति GB मिलता था, वो जियो के आने के बाद औंधे मुंह गिर कर 10 रुपए के आसपास पहुंच गया. डेटा खपत में भी देश ने लंबी छलांग लगाई, 2016 में 150वें नंबर से सबको पछाड़ते हुए दुनिया में भारत ने पहला स्थान हासिल कर लिया है. रिटेल सेक्टर में भी रिलायंस दुनिया की दिग्गज कंपनियों को टक्कर दे रही है. ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, रिटेल हो या थोक मुकेश अंबानी की लीडरशिप में रिलायंस ने सभी में अपनी पकड़ मजबूत की है. अमेजन, फ्लिपकार्ट, वॉलमार्ट जैसी कंपनियां रिलायंस को अपना प्रतिद्वंदी मानती हैं. रिलायंस रिटेल ने चकाचौंध कर देने वाली स्पीड से स्टोर खोले. विश्वास नही होता, किंतु पिछले साल रिलायंस रिटेल ने एक दिन में करीब 7 स्टोर खोलने का रिकॉर्ड बनाया है. रेवेन्यू के मामले में भी वो देश की नंबर वन रिटेल कंपनी बन गई है.

भविष्य की तैयारी 
विजनरी मुकेश अंबानी का लोहा दुनिया मानती है पर मुकेश यहीं रुकने वाले नहीं. भविष्य की रिलायंस के लिए सपने उन्होंने अभी से बुनने शुरू कर दिए हैं. 75 हजार करोड़ रुपए के निवेश से जामनगर में न्यू एनर्जी के लिए 5 गीगा फैक्टरी लगाई जा रही है. सोलर एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे नए एनर्जी सोर्स पर भी रिलायंस तेजी से काम कर रही है.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

दुनिया ने बनाया युवा संस्कृति का संग्रहालय, भारत को चाहिए ऐसे दर्जनों संग्रहालय

इस संग्रहालय को अलग बनाने वाली बात इसकी वस्तुओं को संग्रहित करने की सोच है. टीम अपने दृष्टिकोण को "बॉटम-अप क्यूरेशन" कहती है, जिसे जानबूझकर हस्तनिर्मित रखा गया है.

11 hours ago

3C फ्रेमवर्क से बंगाल की आर्थिक पुनर्बहाली को मिलेगी नई दिशा

बंगाल की चुनौती संसाधनों की कमी नहीं है. वास्तविक समस्या यह है कि राज्य अपनी मौजूदा संपत्तियों को एक प्रभावी आर्थिक रणनीति में बदलने में विफल रहा है.

18 hours ago

भारत-जापान साझेदारी और मानव-केंद्रित एआई का भविष्य

प्रोफेसर सी. राज कुमार लिखते हैं, 'भारत और जापान एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां वे AI के लिए चौथा और मौलिक मार्ग विकसित कर सकते हैं.

5 days ago

ईरान को ‘अनफ्रीज’ करना: असली चुनौती अब शुरू होगी

सिद्धार्थ अरोड़ा लिखते हैं, 'अमेरिका-ईरान शांति समझौता अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है और रिपोर्टों के अनुसार 60 दिनों की अवधि में लगभग 24 अरब डॉलर जारी किए जा सकते हैं. ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि यह पैसा जब ईरान पहुंचेगा, तब उसका क्या होगा?'

6 days ago

2026 की तीसरी तिमाही का ज्योतिष: एआई, संघर्ष और वैश्विक परिवर्तन

ज्योतिषाचार्य विक्रम चन्दीरमानी लिखते हैं कि 2026 के पहले छह महीनों के दौरान इनमें से कई विषय पहले ही उभरने लगे हैं. प्रौद्योगिकी कंपनियों के मूल्यांकन को लेकर चिंताएँ लगातार अधिक स्पष्ट होती जा रही हैं. यह चिंता केवल AI से जुड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया की कुछ सबसे मूल्यवान निजी कंपनियों, जैसे स्पेसएक्स, के उच्च मूल्यांकन को लेकर भी देखी जा रही है.

1 week ago


बड़ी खबरें

₹860 करोड़ का कोहिनूर सौदा, राज ठाकरे की चुप्पी

एक राजनेता एक रियल एस्टेट सौदे में प्रवेश करता है. एक सरकारी संस्था से जुड़ी वित्तीय कंपनी ₹225 करोड़ का निवेश करती है. फिर वही संस्था ₹135 करोड़ के नुकसान के साथ उस सौदे से बाहर निकलती है.

10 hours ago

मिडिल ईस्ट प्रैक्टिस के लिए प्राइमस पार्टनर्स ने मोहन दोईफोडे को बनाया MD

पूर्व डेलॉइट कंसल्टिंग लीडर GCC क्षेत्र में कंपनी के विस्तार और क्लाइंट संबंधों को देंगे नई दिशा

10 hours ago

GDP से आगे: क्यों भारत की प्रगति का पैमाना सिर्फ आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि खुशहाली और जीवन गुणवत्ता भी होना चाहिए

पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव और लेखक आलोक रंजन का मानना है कि भारत की विकास यात्रा को केवल आर्थिक उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उनके अनुसार, खुशहाली, जीवन की गुणवत्ता, शिक्षा, स्वास्थ्य और समावेशी विकास को भी प्रगति का महत्वपूर्ण पैमाना बनाया जाना चाहिए.

15 hours ago

Truhome Finance को 3,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी

कंपनी के कुल एयूएम में 57.37 प्रतिशत हिस्सा हाउसिंग लोन का है, जबकि 39.22 प्रतिशत हिस्सा लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी का है. अन्य ऋण उत्पादों की हिस्सेदारी 3.41 प्रतिशत है.

11 hours ago

दुनिया ने बनाया युवा संस्कृति का संग्रहालय, भारत को चाहिए ऐसे दर्जनों संग्रहालय

इस संग्रहालय को अलग बनाने वाली बात इसकी वस्तुओं को संग्रहित करने की सोच है. टीम अपने दृष्टिकोण को "बॉटम-अप क्यूरेशन" कहती है, जिसे जानबूझकर हस्तनिर्मित रखा गया है.

11 hours ago