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अब नारायण मूर्ति बोले शिक्षकों को करना है प्रशिक्षित तो खर्च करनी होगी इतनी रकम खर्च

उन्‍होंने कहा कि इसके लिए हमें 4 शिक्षकों का एक प्रशिक्षक समूह बनाना होगा जो 100 शिक्षकों को प्रशिक्षित करेगा. उन्‍होंने ये भी कहा कि ये प्रशिक्षक एक साल में 10 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षित कर देंगे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

कुछ दिन पहले हफ्ते में 70 घंटे काम करने की बात कहने वाले नारायण मूर्ति ने अब एक और अहम बयान दिया है. उन्‍होंने कहा कि हमें अपने शिक्षकों के प्रशिक्षण को लेकर गंभीरता से काम करने की जरूरत है. उन्‍होंने कहा कि हमें इस पर सालाना 1 अरब डॉलर का निवेश करने की जरूरत है. उन्‍होंने नई शिक्षा नीति में तेजी लाने वाले उपायों को लेकर भी विस्‍तार से बात की. 

क्‍या बोले नारायण मूर्ति? 
इंफोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति ने कहा कि अगर हमें नई शिक्षा नीति के प्रयासों में तेजी लानी है तो हमें उसके लिए लगभग 2500 शिक्षकों को के एक प्रशिक्षण दल को तैयार करना होगा. उन्‍होंने कहा कि अगर हमें कॉलेज बनाने हों तो उसके लिए विज्ञान, तकनीक, इजीनियरिंग और गणित के क्षेत्र से अनुभवी 10 हजार शिक्षकों को आमंत्रित करना होगा. ये प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे एक साल का होना चाहिए. उन्‍होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को ऐसे चलाया जा सकता है जिसमें 4 शिक्षकों का एक दल 100 प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों और 100 माध्‍यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षित कर सकता है. उन्‍होंने कहा कि इस तरीके से हर साल ढ़ाई लाख शिक्षकों को प्रशिक्षित कर पाएंगे. इसके बाद पांच साल में ये ही खुद प्रशिक्षक बन जाएंगे. 

इतना पैसा होगा खर्च? 
नारायण मूर्ति ने इसे लेकर ये भी बताया कि इसमें कितना पैसा खर्च होगा. उन्‍होंने कहा कि इसमें सालाना 1 अरब रुपये का निवेश करते हुए 20 साल में 20 अरब रुपये का निवेश करना होगा. उन्‍होंने कहा कि जल्‍द ही 5 ट्रिलियन की ओर बढ़ रही हमारी इकोनॉमी के लिए ये कोई बड़ी बात नहीं है. उन्‍होंने कहा कि जरूरत इस बात की है भारत अपनी हर समस्‍या को सुलझाते हुए चौथे चरण में पहुंचे जहां वो आविष्‍कारक बने. उन्‍होंने कहा कि हम आज भी यातायात प्रबंधन, शहरों के डिजाइन, प्रदूषण नियंत्रण जैसी समस्‍याओं के चरण एक में हैं. हमें जल्‍द से जल्‍द इनके चौथे चरण में पहुंचने की जरूरत है.  नारायण मूर्ति इंफोसिस के पुरस्‍कार 2023 में बोल रहे थे. 

इससे पहले 70 घंटे काम करने को लेकर कह चुके हैं बात 
नारायण मूर्ति इससे पहले हफ्ते में 70 घंटे काम करने की बात कह चुके हैं. उन्‍होंने कहा था कि जिस तरह से जापान के लोगों ने दूसरे विश्‍व युद्ध के बाद बिना समय देखे काम किया हम भारतीयों को भी उसी तरह से काम करना होगा. तभी हम विकसित अर्थव्‍यवस्‍था बन पाएंगे. मूर्ति के इस बयान पर इंडस्‍ट्री के कई जानकारों ने अपनी बात कही थी. किसी ने इससे सहमति जताई तो किसी ने अपना पक्ष रखा था. 
 


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