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स्मृति शेष-जाकिर हुसैन: संगीत की विरासत और ब्रैंड्स की दुनिया का अमिट ध्वजवाहक

दिवंगत जाकिर हुसैन को पद्म श्री, पद्म भूषण, मिकी हार्ट के सहयोग के लिए सर्वश्रेष्ठ विश्व संगीत एल्बम के लिए ग्रैमी अवार्ड, नेशनल हेरिटेज फेलोशिप सहित कई पुरस्कारों से नवाजा गया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

संगीत की दुनिया ने अपने एक बड़े ब्रैंड और ध्वजवाहक को खो दिया है. भारत के सबसे प्रतिष्ठित संगीतकारों में से एक तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन ने संगीत उद्योग में एक अपूरणीय शून्य छोड़ दिया है. 50 साल से अधिक के करियर के साथ जाकिर हुसैन सिर्फ एक संगीत प्रतिभा ही नहीं थे, बल्कि एक तेज-तर्रार व्यवसायी भी थे, जिन्होंने एक ऐसा ब्रैंड तैयार किया है जोकि संगीत की दुनिया से परे था.

दर्जनों ब्रैंड्स के ब्रैंड एंबेसजर भी थे जाकिर हुसैन 

इन जाकिर हुसैन को उनके प्रभावशाली करियर में कई पुरस्कारों से नवाजा गया, जिनमें पद्मश्री (1988), पद्मभूषण (2002), ग्रैमी अवार्ड फॉर बेस्ट वर्ल्ड म्यूजिक एल्बम (1992) मिकी हार्ट के साथ सहयोग के लिए और नेशनल हेरिटेज फैलोशिप (2015) शामिल हैं. हालांकि, एक कम जानी-पहचानी बात यह है कि उन्होंने लुफ्थांसा, टाटा मोटर्स, महिंद्रा राइज, टाटा टी, प्यूमा, रीबॉक, दैनिक भास्कर, कैनन, सुला और रोलेक्स जैसे दर्जनों ब्रैंड्स के ब्रैंड एंबेसडर के रूप में भी कार्य किया. इसके अलावा, उनका संगीत ब्रैंड्स जैसे यामाहा, सैनीहाइजर, रोलैंड और हार्मन कार्डन के साथ भी दिलचस्प संबंध था.

ताज महल टी के साथ मिलकर बनाया अविस्मरणीय विज्ञापन

जाकिर हुसैन एक शुद्धतावादी संगीतकार और एक स्मार्ट मानव ब्रैंड के बीच आदर्श संतुलन थे. उन्होंने अपनी ब्रैंड पहचान का उपयोग करके कई प्रमुख कंपनियों के साथ साझेदारी की, जो अक्सर अप्रत्याशित थे. फिर भी खुद को अत्यधिक व्यावसायिक बनने से बचाते हुए कई निजी ब्रैंडेड शो के लिए उपलब्ध नहीं हुए. उनके प्रसिद्ध एंडोर्समेंट्स में 1988 में ताज महल टी का एंडोर्समेंट शामिल था, जहां उनका पंचलाइन “वाह उस्ताद, वाह” दशकों तक एक मुख्यधारा के संदर्भ के रूप में बना रहा. जाकिर हुसैन ने ब्रूक बॉन्ड ताज महल टी के साथ मिलकर वह अविस्मरणीय विज्ञापन बनाया, जो उनके संगीत के प्रति जुनून और ब्रैंड की गुणवत्ता की प्रतिबद्धता को दर्शाता था। यह अभियान, जिसमें हुसैन शामिल थे, सिर्फ एक विपणन सफलता नहीं थी. इसने ताज महल की भव्यता को हुसैन की लयात्मक महारत के साथ जोड़कर भारत की धरोहर का सम्मान किया. उनकी सार्वभौमिक अपील ने पीढ़ी दर पीढ़ी को आकर्षित किया, जिससे यह अभियान भारत की बदलती पहचान का एक स्थायी प्रतीक बन गया.

जाकिर हुसैन ने कला के प्रति अपने समर्पण को दिखाया

रोलेक्स के ब्रैंड एंबेसडर के रूप में, उन्होंने ब्रैंड की उत्कृष्टता और बारीकी से तैयार की गई कारीगरी के सिद्धांत का प्रतिनिधित्व किया. इस सहयोग ने कला और होरोलॉजी के बीच तालमेल का जश्न मनाया, जिसमें जाकिर ने अपनी कला के प्रति समर्पण का प्रतीक दिखाया, बिल्कुल उस ब्रैंड की तरह जो टाइमकीपिंग में पूर्णता का प्रतीक है. जैसे-जैसे उनकी मृत्यु की खबर फैल रही है, दुनिया भर से श्रद्धांजलि आ रही हैं, जो उनके जीवन, संगीत और स्थायी धरोहर का सम्मान कर रही हैं. हालांकि, कम कहा जा सकता है कि वह सबसे जाना-पहचाना और मोनेटाइज्ड क्लासिकल म्यूजिक ब्रांड थे, जो अब अनुप्रिया शंकर को अगला संभावित ब्रांड उत्तराधिकारी बना रहे हैं। ज़ाकिर हुसैन भले ही नहीं रहे, लेकिन उनका संगीत, उनका आत्मा और उनका ब्रांड वर्षों तक संगीत की दुनिया को प्रेरित और प्रभावित करते रहेंगे.

लेखक-मनीष पोर्वल, मैनेजिंग डायरेक्टर, अलकेमिस्ट ग्रुप और ऑन्टोरेज(Alchemist Group & Auntourage), ब्रैंड-सेलेब पार्टनरशिप की एक डिविजन  
 


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