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रंगों की मस्ती में त्वचा रहे सुरक्षित, होली से पहले और बाद की पूरी स्किन केयर गाइड
डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. इंदु बलानी के अनुसार होली खेलना जरूरी है, लेकिन समझदारी के साथ, प्री-केयर से लेकर पोस्ट-केयर तक कुछ आसान कदम आपकी त्वचा को लंबे समय तक होने वाले नुकसान से बचा सकते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
होली रंगों, उत्साह और मिलन का त्योहार है, लेकिन इस जश्न के बीच त्वचा अक्सर सबसे ज्यादा प्रभावित होती है. केमिकल युक्त रंग, धूप, धूल और बार-बार धुलाई त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत को नुकसान पहुंचा सकते हैं. ऐसे में जरूरी है कि त्योहार का आनंद लेते हुए स्किन बैरियर की सेहत से समझौता न किया जाए. सही तैयारी और बाद की देखभाल से त्वचा को सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सकता है. दरअसल, हमारा उद्देश्य स्ट्रेटम कॉर्नियम और बाहरी रंगद्रव्यों के बीच एक अभेद्य परत बनाना है. जानिए, इसे कैसे सुनिश्चित किया जा सकता है.
लिपिड लोडिंग : चेहरे और शरीर पर मोटी, सेरामाइड-आधारित मॉइस्चराइज़र या पारंपरिक नारियल तेल की उदार परत लगाएं.
द शील्ड : कम से कम SPF 50 वाला वॉटर-रेजिस्टेंट, ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं. फिजिकल ब्लॉकर्स (जिंक ऑक्साइड) को प्राथमिकता दें क्योंकि वे मजबूत परावर्तक सुरक्षा प्रदान करते हैं.
नाखूनों की देखभाल : हाइपोनीकियम और नेल प्लेट पर रंग के दाग से बचाने के लिए गहरा नेल पॉलिश लगाएं.
सौम्य व्यवहार: यदि त्वचा में खुजली महसूस हो, तो खरोंचने से बचें, क्योंकि इससे सूक्ष्म दरारें बनती हैं जो रंगद्रव्य को अंदर जाने देती हैं. इसके बजाय तुरंत साधारण पानी से धो लें.
उत्तेजक पदार्थों से बचें : “परमानेंट” रंगों या ग्रीसपेंट से दूर रहें, जिनमें अक्सर भारी धातुएं होती हैं और वे कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस को ट्रिगर कर सकती हैं.
रिकवरी फेज : होली के बाद क्लिनिकल और घरेलू देखभाल
त्योहार के बाद का समय पोस्ट-इंफ्लेमेटरी हाइपरपिग्मेंटेशन (PIH) और इरिटेंट कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस जैसी दीर्घकालिक समस्याओं से बचाव के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार सबसे आम गलती जिद्दी दाग हटाने के लिए आक्रामक शारीरिक एक्सफोलिएशन करना है.
लिपोफिलिक पिगमेंट को तोड़ने के लिए ऑयल-बेस्ड क्लींजर या माइसेलर वाटर से शुरुआत करें. इसके बाद साबुन-रहित, pH-न्यूट्रल क्रीमी क्लींजर का उपयोग करें. गर्म पानी से बचें, क्योंकि यह त्वचा की लिपिड बैरियर को और कमजोर करता है. सूजन को शांत करने के लिए गुनगुना पानी आदर्श है.
त्वचा साफ होने के बाद उन अवयवों को प्राथमिकता दें जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं. सेंटेला एशियाटिका (सिका), नियासिनामाइड या एलो वेरा वाले फॉर्मूलेशन चुनें ताकि एरिथेमा कम हो. मोटी, साधारण इमोलिएंट लगाएं. संवेदनशील त्वचा पर रासायनिक जलन से बचने के लिए कम से कम 48 से 72 घंटे तक एक्टिव एसिड (रेटिनॉइड्स, AHAs, विटामिन C) से परहेज करें.
त्योहार का आनंद लें, लेकिन अपनी त्वचा की बैरियर हेल्थ से समझौता न करें.
अतिथि लेखक- डॉ. इंदु बलानी, कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट, बल्लानी स्किन एस्थेटिक्स, नई दिल्ली
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