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'कंपनियों के आगे बढ़ने की राह में सबसे बड़ी बाधा है स्किल्ड टैलेंट की कमी' 

राजधानी दिल्ली में आयोजित BW इवेंट में इंडस्ट्री की दिग्गज हस्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

#BWPeopleTalentForFuture: BW बिजनेसवर्ल्ड द्वारा दिल्ली में BW People Nurturing Talent for Future Conclave के चौथे संस्करण का आयोजन किया गया. इंडस्ट्री के दिग्गज इस आयोजन का गवाह बने और उन्होंने अपने विचार साझा किए. दौरान, कीनोट एड्रेस में Larsen & Toubro Limited के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एवं हेड कॉर्पोरेट HR (CHRO) डॉ सी जयकुमार ने Strategic Talent Planning: A Roadmap For Future Growth विषय पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि प्रभावी लीडरशिप के लिए क्या जरूरी है कि और किस तरह HR की भूमिका और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है.    

अद्भुत होंगे अगले 20 साल
डॉ सी जयकुमार ने सबसे पहले भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था की बात की. उन्होंने कहा कि इंडियन इकॉनमी इस समय बूम पर है. भारत 2025-26 तक 5 ट्रिलियन इकॉनमी वाला देश बन जाएगा. अगले 25 सालों में हमारा लक्ष्य 30 ट्रिलियन इकॉनमी वाला देश बनने का है. हमारी GDP काफी अच्छा कर रही है. खासकर पिछली तिमाही में उसकी रफ्तार ने सभी को चौंकाया है. जो लोग अभी 20 से 30 साल की उम्र में हैं, उनके लिए अगले 20 साल अद्भुत रहने वाले हैं. उन्हें एक नया भारत देखने को मिलेगा. सरकार ने मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत जैसी कई पहल की हैं. कई इन्फ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट चल रहे हैं. हालांकि, तमाम अवसरों और संभावनाओं के बावजूद स्किल्ड टैलेंट न मिलना एकमात्र ऐसी समस्या है, जो कंपनियों को विकसित होने से रोक रही है. इसलिए HR मैनेजर की भूमिका यहां बेहद महत्वपूर्ण हो गई है. 

कर्मचारी ही असली संपत्ति
उन्होंने कर्मचारियों जो साथ जोड़े रखने के महत्व पर बात करते हुए कहा कि काफी साल पहले हमारे एक फाउंडर ने कहा था कि मशीनरी रहेगी, बिल्डिंग रहेंगी, लेकिन लोगों के बिना इनका कोई मतलब नहीं है. लोग ही हमारी असली संपत्ति हैं और आज भी हम एलएंडटी में इसे महत्व देते हैं. कर्मचारियों को साथ जोड़े रखने के लिए सैलरी जैसी फैक्टर महत्वपूर्ण हैं और हमेशा बने रहेंगे, लेकिन लोगों को मोटिवेट करने के लिए अचीवमेंट, रिकग्निशन, रेस्पोंसिबिलिटी और पर्सनल ग्रोथ का होना जरूरी है. डॉ सी जयकुमार ने अपनी कंपनी के बारे में बताते हुए कहा कि Larsen & Toubro का पोर्टफोलियो व्यापक है. कंपनी कई क्षेत्रों में कार्य कर रही है. हम कर्मचारियों को चैलेंजिंग प्रोजेक्ट कैसे देते हैं, ताकि वे पूरी तरह चार्ज रहें.

ट्रस्ट एंड ट्रांसपेरेंसी जरूरी 
Larsen & Toubro Limited के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एवं हेड कॉर्पोरेट HR (CHRO) डॉ सी जयकुमार ने कहा कि किसी ट्रस्ट एंड ट्रांसपेरेंसी भी बेहद जरूरी है. कर्मचारी को पता होना चाहिए कि मुझे कौनसा टास्क दिया गया है, मेरा असेसमेंट कैसे होगा, मुझे कैसे फीडबैक दिया जाएगा, मेरे भविष्य का ख्याल कैसे रखा जाएगा आदि. उन्होंने कहा कि हम अपने कर्मचारियों के बारे में लगातार फीडबैक लेते हैं, उन्हें लगातार ट्रेनिंग देते हैं. हमारी अधिकतर हायरिंग कैंपस से होती है. हम पहले उन्हें ट्रेन करते हैं, फिर बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हैं. L&T में रिवॉर्ड, रिकग्निशन की मजबूत व्यवस्था है. 'पीपल मैनेजमेंट' पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम लोगों के साथ कैसे पेश आते हैं, ये बहुत मायने रखता है. मुन्नाभाई MBBS फिल्म की एक क्लिप दिखाते हुए डॉ जयकुमार ने कहा कि हमें लोगों का सम्मान करना चाहिए, उन्हें महत्व देना चाहिए. 


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