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BW Disrupt: डॉ. बत्रा ने समझाया कैसे आंत्रप्रेन्योरशिप महिलाओं के लिए कठिन है और आसान भी

डॉ. बत्रा ने कहा कि आंत्रप्रेन्योरशिप भारत में इसलिए तेजी से विकसित हो रही है, क्योंकि हमारे देश में इसके लिए आवश्यक सभी मापदंड हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

BW Disrupt की दिल्ली में चल रही Women Entrepreneur and Intrapreneurs Summit में अलग-अलग सेक्टर्स के दिग्गज शिरकत कर रहे हैं. इस दौरान ओपनिंग एड्रेस में BW Businessworld समूह के चेयरमैन, एडिटर इन चीफ और एक्‍सचेंज4 मीडिया के फाउंडर डॉ. अनुराग बत्रा ने अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि हम कई डोमेन, सब डोमन, कैटेगरी में अवॉर्ड देते हैं और ऐसा बाकायदा एक प्रक्रिया के तहत होता है. अवॉर्ड देकर हम नए लोगों को डिस्कवर करते हैं. हम ऐसे स्थापित लोगों के बच्चों को पुरस्कृत नहीं करते, जिन्होंने अभी शुरुआत ही की है. हम चाहते हैं कि वे पहले कुछ काम करें, खुद को साबित करें. जब आप उन लोगों की लिस्ट देखेंगे जिन्हें हमने अवॉर्ड के लिए चुना है, तो पाएंगे कि उसमें लीडर, आंत्रप्रेन्योर शामिल हैं. मैं ये नहीं कहूंगा कि हमने उन्हें डिस्कवर किया है, लेकिन ये जरूर कहूंगा कि उनके बेहतरीन काम के लिए हमने सबसे पहले उन्हें पुरस्कृत किया है. 

आसान नहीं है आंत्रप्रेन्योरशिप
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में कुछ भी आसान नहीं होता. आंत्रप्रेन्योरशिप भी आसान नहीं है. आप उसे एन्जॉय कर सकते हैं, लेकिन वो आसान बिल्कुल नहीं है. जब बात महिलाओं की आती है, तो उनके लिए आंत्रप्रेन्योरशिप और भी ज्यादा कठिन हो जाती है. क्योंकि उन्हें बच्चों का ध्यान भी रखना होता है. वैसे, भारत में जब बात वुमन आंत्रप्रेन्योर की आती है, तो ये आसान भी है और कठिन भी. आसान इस लिहाज से कि कई सरकारी नीतियां हैं जो महिलाओं की इस काम में मदद करती हैं. उनके लिए कई रोल मॉडल हैं. कठिनाई के बारे में मैं आपको पहले ही बता चुका हूं.

विफलता कुछ नहीं, बस एक अनुभव
डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि पिछले कुछ सालों में स्टार्टअप की संख्या बढ़ी है और असफलता दर में भी इजाफा हुआ है. हम मीडिया में स्टार्टअप की सफलता की बात करते है, लेकिन बहुत से प्रोजेक्ट सफल नहीं रहे हैं. मैं मनुष्य की असफलता में विश्वास नहीं रखता, क्योंकि मनुष्य हमेशा सीखता है. फाउंडर अपनी गलतियों सीखते हैं, सफल होते हैं. विफलता कुछ नहीं है, बस एक अनुभव है. मैं दोहराता हूं कि आंत्रप्रेन्योरशिप आसान नहीं है. मैं किसी को हतोत्साहित नहीं कर रहा, लेकिन यह सच्चाई है. किसी भी कंपनी ओ बिल्ड करने के लिए आपको तीन चीजों की जरूरत होती है - टैलेंट-टीम, कस्टमर और कैपिटल. महिलाओं के लिए आंत्रप्रेन्योर बनने का ये बेहतरीन समय है. सबसे पहले तो इसके लिए कई सरकारी योजनाएं हैं और प्रेरित्र होने के लिए कई रोल मॉडल भी हैं. आज के समय में कई महिलाएं हैं, जिन्होंने अकेले इंटरप्राइज स्थापित किया है. 

भारत में नया आत्मविश्वास 
डॉ. बत्रा ने कहा कि आंत्रप्रेन्योरशिप भारत में इसलिए तेजी से विकसित हो रही है, क्योंकि हमारे देश में आंत्रप्रेन्योरशिप के लिए आवश्यक सभी मापदंड हैं. आंत्रप्रेन्योरशिप के लिए बड़े बाजार की जरूरत होती है, भारत बड़ा बाजार है. इसके लिए टैलेंट की जरूरत होती है, हमारे देश में टैलेंट की कोई कमी नहीं है. इसके लिए कैपिटल की जरूरत होती है और पिछले 10 सालों में इसमें काफी इजाफा हुआ है. यहां तक कि विंटर ऑफ फंडिंग में पिछले महीने 1.5 बिलियन डॉलर फंड और स्टार्टअप द्वारा निवेश किया गया है. भारत तेजी से विकसित हो रहा है, हमारे पास सक्सेस स्टोरी हैं. भारत में एक नया आत्मविश्वास है. भारतीय आंत्रप्रेन्योर अब बड़ा सोच रहे हैं, फिर चाहे वो मेल हो या फीमेल. आंत्रप्रेन्योरशिप जेंडर सेंसटिव नहीं है. यह आउटकम सेंसटिव है.  

क्या करने की है जरूरत?
वुमन आंत्रप्रेन्योरशिप को बेहतर बनाने पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को दूसरी महिलाओं को मेंटर करना होगा. सफल वुमन आंत्रप्रेन्योर को चाहिए कि वो दूसरी महिलाओं को सफलता का मंत्र बताएं, उनकी आगे बढ़ने में मदद करें. वुमन आंत्रप्रेन्योरशिप के लिए ज्यादा फंड भी होना चाहिए. महिलाओं में आंत्रप्रेन्योर बनने के प्राकृतिक गुण होते हैं. वे मल्टीटास्किंग कर सकती हैं, वे संवेदनशील होती हैं. वह बहुत पर्सपेक्टिव होती हैं. इसके साथ ही महिलाएं फोकस्ड होती हैं, कम डिस्ट्रक्टिव होती हैं. हमारे संगठन में 40 लीडरशिप पोजीशन में से 24 महिलाओं के पास हैं. किसी भी बिजनेस को आगे बढाने के लिए Empathy आवश्यक है और महिलाओं में यह क्वालिटी होती है. 

इन 3 बातों का रखें ख्याल
अंत में डॉ बत्रा ने कहा कि सभी को 8 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए. उन्होंने 'why we sleep by matthew walker' बुक रिकमंड करते हुए कहा कि जब आप इसे पढ़ लेंगे तो कभी भी नींद से समझौता नहीं करेंगे. नींद हमारी सेहत का 60 प्रतिशत होती है. आप जितनी अच्छी नींद लेंगे उतना सेहतमंद रहेंगे. अच्छी नींद के लिए अपना फोन हमेशा दूर रखकर सोएं. मैं यही करता हूं. नेटफ्लिक्स और देर रात तक फूड डिलीवर करने वाली कंपनियां नींद की दुश्मन हैं, इनसे दूरी बनाए रखें. उन्होंने आगे कहा कि जीवन में तीन बातों को अमल में लाना चाहिए. 1, अच्छी नींद. 2, काइंडनेस, दूसरों के प्रति दयालु रहना चाहिए और तीसरी सस्टेनेबलिटी. 


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