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BW Gen AI Summit: डॉ. बत्रा ने पहले AI पर खुलकर की बात, फिर बताया फिट रहने का फॉर्मूला

डॉ. बत्रा ने कहा कि AI आज सबके लिए है, सभी सेक्टर लाभ उठा रहे हैं. इसकी मदद से हमें अच्छी क्वालिटी कम समय में मिल रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

BW Businessworld द्वारा दिल्ली में Gen AI समिट आयोजित की जा रही है. इस समिट में AI एक्सपर्ट्स अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं. इस दौरान, BW Businessworld समूह के चेयरमैन, एडिटर इन चीफ और एक्‍सचेंज4 मीडिया के फाउंडर डॉ. अनुराग बत्रा ने AI के भविष्य पर विस्तार से बात की. उन्होंने बताया कि किस तरह ये टेक्नोलॉजी हमारे जीवन का हिस्सा बनती जा रही है.

Paid ChatGPT इस्तेमाल किया है?
डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि BW बिजनेस वर्ल्ड ने 7 साल पहले गुरुग्राम के होटल लीला में AI कांफ्रेंस की थी, जिसे काफी अच्छा रिस्पांस मिला था. तब से हम लगातार AI, Gen AI के बारे में लिख रहे हैं, उसके प्रभाव पर बात कर रहे हैं. डॉ. बत्रा ने समिट में मौजूद लोगों से पूछा कि आप में से कितने लोगों ने कोई AI टूल इस्तेमाल किया है? कितने लोगों ने इसका पेड वर्जन इस्तेमाल किया है? दुनिया में ChatGPT का पेड वर्जन इस्तेमाल करने वाले कितने लोग हैं? इसके बाद उन्होंने बताया कि दुनियाभर में यह आकड़ा 180 मिलियन है. 

30 लोगों की टीम 2 में बदल गई 
उन्होंने आगे कहा कि AI के लिए टाइम और डेटा सेट बेहद जरूरी है. निश्चित तौर पर पैसा भी जरूरी ही, लेकिन टाइम और डेटा सेट के बिना अकेले पैसे से काम नहीं बन सकता. उन्होंने उदाहरण के साथ अपनी बात समझाते हुए कहा कि अच्छी तरह से फंडेड कंपनियां भी कभी-कभी निर्धारित समय पर AI टूल्स विकसित नहीं कर पातीं. बाद में उन्हें संभवत: अधिग्रहण की राह पर आगे बढ़ना पड़ता ही. इसलिए कोलैबोरेशन कुंजी है. डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा - मैं जिस डोमेन से आता हूं वो कंटेंट क्रिएशन है. हाल ही में मैं अपने एक दोस्त किरण राममूर्ति से बात कर रहा था. मैंने उनसे पूछा कि क्या AI टूल्स की वजह से एडवरटाइजिंग में नौकरियों में कटौती होगी? उन्होंने कहा, बिल्कुल. ह्यूमन क्रिएटिविटी की अपनी सीमाएं हैं, लेकिन बहुत से बेसिक टास्क AI द्वारा किए जा रहे हैं और इससे नौकरियों में कटौती हो रही है. उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि एक लीडिंग FMCG कंपनी के डिजिटल मार्केट विभाग में केवल 2 लोगों की टीम है. पहले टीम में 30 लोग थे, लेकिन AI को अपनाने के बाद 2 लोग ही रह गए हैं.

AI ने केस स्टडी की रफ्तार बढ़ाई
डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि मैं जिस बिजनेस में हूं वहां Gen AI नए कंटेंट, डिजाइन, ऑडियो, वीडियो इमेज, चैट बॉट आदि बना सकता है. कई विज्ञापन जनरेटिव AI से बनाए जा रहे हैं. अपनी बात आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा - मैं हाल ही में डॉ मोहन वीर साहनी द्वारा आयोजित के एक सेमिनार का हिस्सा बना था. उस दौरान, उन्होंने मुझे बताया था कि आमतौर पर एक अच्छे बिजनेस स्कूल का अच्छा प्रोफेसर साल में केवल दो केस स्टडी लिखता है. लेकिन AI टूल्स इस्तेमाल करके मैंने साल में 20 केस स्टडी लिखी हैं. मैंने AI टूल्स को केवल कुछ निर्देश दिए और उसने कुछ मिनट में ही केस स्टडी तैयार कर दी. डॉ मोहन OTT पर शोध कर रहे थे, उसमें भी AI ने उनकी बहुत मदद की.  

समय के साथ विकसित हो रही AI
डॉ. बत्रा ने कहा कि AI आज सबके लिए है, सभी सेक्टर लाभ उठा रहे हैं. जनरेटिव AI कार्य प्रकृति को बदल रही है. इसकी मदद से हमें अच्छी क्वालिटी कम समय में मिल रही है. जीवन सही प्रश्न पूछने के बारे में है. AI के साथ ही कुछ ऐसा है. आप जितनी अच्छी तरह से प्रश्न पूछेंगे, आपको उतना ही अच्छा उत्तर मिलेगा. AI भी इंसानों की तरह समय के साथ विकसित हो रही है. उन्होंने आगे कहा - 15 दिसम्बर 2022 को मेरे दोनों बच्चे TED X कॉन्क्लेव में बोल रहे थे. इससे दो दिन पहले उन्होंने मुझे से कहा कि क्या आप हमारे लिए स्पीच तैयार कर सकते हैं. उस दौरान मैं एक युवा आंत्रप्रेन्योर से मिला था, जिसने मुझे ChatGPT के बारे में बताया था. मैंने इस AI टूल्स की मदद से स्पीच तैयार की. हालांकि, उसे आप जस का तस इस्तेमाल नहीं कर सकते. वो डेटा ओरिजनल भी नहीं होता. लेकिन मुझे लगता है समय के साथ -साथ ये सीमा भी टूट जाएगी.

हर सेक्टर को प्रभावित कर रही AI
उन्होंने कहा कि दुनिया बड़े पैमाने पर AI इस्तेमाल कर रही है. जैसे CPU कंप्यूटर का दिल होता है. ठीक वैसे ही GPU और TUP जनरेटिव AI सिस्टम का दिल हैं. भारत जैसे देश के लिए Gen AI बेहद महत्वपूर्ण है. हमारे पास टैलेंट है, बड़ा बाजार है. सीधे शब्दों में कहें तो भारत के पास लीडिंग प्लेयर बनने के सभी संभावनाएं हैं. मेरा मानना है कि आप किसी भी चीज के साथ जितना अधिक समय बिताएंगे, उसमें इतना ही पारंगत होते जाएंगे. मेरे पैरेंट्स पहले वीडियो कॉल करना नहीं जानते थे, लेकिन आज वो आराम से ऐसा कर लेते है. डॉ बत्रा ने प्रांप्ट स्ट्रेटेजी, उसके फायदे और प्रांप्ट मार्केटप्लेस के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि AI की खूबसूरती ये है कि ये सभी सेक्टर्स को प्रभावित कर रही है. चाहे लीगल हो या कोई और. वकीलों को किसी केस की तैयारी करने में काफी डेटा चाहिए होता है, ऐसे में उनके लिए AI कारगर है. हमारे देश की अदालतों में 5 करोड़ केस लंबित हैं, AI की मदद से इस पेंडेंसी को कम किया जा सकता है. टेक्नोलॉजी की दुनिया में टूल्स बढ़ रहे हैं. साथ ही वैल्यू ऑफ ह्यूमन टच, वैल्यू ऑफ ह्यूमन क्रिएटिविटी भी बढ़ रही है. 

अच्छी सेहत के लिए भरपूर नींद लें  
अंत में उन्होंने सेहत की बात करते हुए कहा कि कम से कम 8 घंटे की नींद बेहद जरूरी है. अच्छी नींद से कई फायदे होते हैं. आपकी सेहत अच्छी बनी रहती है, आप वजन भी कम कर सकते हैं. मैंने 17 किलो कम किया है. मैं वॉक करता हूं, योग करता हूं. मैं शाकाहारी हो गया हूं, मैं ड्रिंक-स्मोक से दूर रहता हूं. डॉ बत्रा ने कहा कि जीवन में तीन बातों को अमल में लाना चाहिए. 1, अच्छी नींद. 2, काइंडनेस, दूसरों के प्रति दयालु रहना चाहिए और तीसरी सस्टेनेबलिटी. हमें पता होना चाहिए कि हम कैसे प्रकृति के संरक्षण में मदद कर सकते हैं. आज समुद्र का दायरा सिकुड़ रहा है, तापमान लगातार बढ़ रहा है, जंगलों में आग लगने की घटनाओं में इजाफा हुआ है. 
 


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