✕

होम / एक्सपर्ट ओपिनियन / डिजाइन और क्रिएटिव इकोनॉमी: भारत में ऑरेंज इकोनॉमी की नई दिशा

डिजाइन और क्रिएटिव इकोनॉमी: भारत में ऑरेंज इकोनॉमी की नई दिशा

लेखक डॉ संजीव विद्यार्थी के अनुसार ऑरेंज इकोनॉमी में एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) का सशक्त इकोसिस्टम शामिल है. यह केवल सांस्कृतिक अभिव्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे आर्थिक क्षमता के रूप में विकसित किया जा सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago

भारत में रचनात्मकता और डिजाइन अब केवल सांस्कृतिक अभिव्यक्ति नहीं रह गए हैं, बल्कि वे आर्थिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुके हैं. तेजी से बढ़ती डिजिटल क्रिएटर इकोनॉमी, युवा प्रतिभाओं और नए बिजनेस अवसरों के साथ, ऑरेंज इकोनॉमी देश की आर्थिक संरचना में स्थायी बदलाव ला रही है. इस परिदृश्य में रचनात्मक कौशल, बौद्धिक संपदा और डिज़ाइन सोच को बढ़ावा देना और उन्हें औपचारिक आर्थिक रूप देना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है.

ऑरेंज इकोनॉमी: विकास में नया दृष्टिकोण

बजट 2026 भी पारंपरिक आर्थिक सोच से आगे बढ़कर ऑरेंज इकोनॉमी केंद्रित दृष्टिकोण को महत्व देता है. इस दृष्टिकोण में रचनात्मक विचार, बौद्धिक संपदा और सांस्कृतिक पूंजी को औपचारिक मान्यता दी जा रही है और उन्हें दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता के प्रमुख आधार के रूप में समर्थित किया जा रहा है.

ऑरेंज इकोनॉमी में एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) का सशक्त इकोसिस्टम शामिल है. यह केवल सांस्कृतिक अभिव्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे आर्थिक क्षमता के रूप में विकसित किया जा सकता है.

युवा क्रिएटर्स और डिजिटल इकोनॉमी

भारत में 20 से 25 लाख सक्रिय डिजिटल क्रिएटर्स हैं, जो तेजी से उभरती क्रिएटर इकोनॉमी को आगे बढ़ा रहे हैं. यह इकोनॉमी सालाना 350 बिलियन डॉलर से अधिक के उपभोक्ता खर्च को प्रभावित कर रही है और अनुमान है कि 2030 तक यह 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो सकता है.

युवा केवल डिजिटल कंटेंट के उपभोक्ता नहीं हैं, बल्कि निर्माता भी हैं. वे संस्कृति को आकार दे रहे हैं, बाजार को गति दे रहे हैं और अपने करियर का निर्माण कर रहे हैं. इस परिदृश्य में ऑरेंज इकोनॉमी कल्पना और पहचान को रोजगार, उद्यमिता और वैश्विक सांस्कृतिक उपस्थिति में बदलने की क्षमता रखती है.

सांस्कृतिक और जनसांख्यिकीय विविधता

भारत की जनसांख्यिकीय और सांस्कृतिक विविधता इस संभावनाओं को और मजबूत बनाती है. युवा क्रिएटर्स डिजिटल परिदृश्य में अपनी अलग और सार्थक पहचान बना सकते हैं. केंद्रीय बजट में कंटेंट लैब्स के लिए किए गए बजटीय प्रावधान भविष्य के क्रिएटर्स और सशक्त इकोसिस्टम निर्माण में निवेश का संकेत देते हैं.

रोजगार और आर्थिक सृजन

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, ऑरेंज इकोनॉमी से जुड़े क्षेत्र जैसे संस्कृति, मीडिया, मनोरंजन और बौद्धिक संपदा रोजगार सृजन, शहरी सेवाओं के विस्तार और पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. ये क्षेत्र बड़े पैमाने पर, विकेंद्रीकृत और लचीले ढंग से रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं, जो पारंपरिक विनिर्माण क्षेत्रों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होते हैं.

डिजाइन को विकास का केंद्रीय स्तंभ बनाना

बजट 2026 डिजाइन को विकास का केंद्रीय स्तंभ बनाने की दिशा में कदम बढ़ाता है. यह पेशेवर विशेषज्ञता के सीमित दायरे से डिज़ाइन को मुख्यधारा में लाने की पहल है. डिज़ाइन केवल सौंदर्य तक सीमित नहीं; यह व्यवस्थाओं, स्थानों और नीतियों को आकार दे सकता है, जिससे जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है. ऑरेंज इकोनॉमी पर जोर और पूर्वोत्तर में नए डिजाइन संस्थानों की स्थापना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं.

डिजाइन शिक्षा और पेशेवर विकास

डिजाइन शिक्षा को इस परिवर्तन का केंद्र बनना होगा. संस्थानों को पारंपरिक, सीमित पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर अंतर्विषयी और प्रैक्टिस-आधारित शिक्षण मॉडल अपनाने होंगे. इसमें डिजाइन, तकनीक, संस्कृति और उद्यमिता का समन्वय होना चाहिए. विश्वविद्यालयों को ऐसे पेशेवर तैयार करने होंगे जो विभिन्न विषयों के बीच सहजता से काम कर सकें और वास्तविक चुनौतियों का समाधान कर सकें.

निष्कर्ष

बजट 2026 सिर्फ एक वित्तीय घोषणा नहीं है, बल्कि सोच में आए बड़े बदलाव का संकेत है. यह नीति, शिक्षा और उद्योग को साथ मिलकर काम करने के लिए प्रेरित करती है, ताकि एक मजबूत रचनात्मक इकोसिस्टम तैयार हो सके. अगर इसे निरंतर प्रयास और संस्थागत प्रतिबद्धता के साथ लागू किया जाए, तो डिजाइन भारत की अर्थव्यवस्था को दिशा देने के साथ बदलती दुनिया में देश की पहचान को भी सशक्त बना सकता है.

अतिथि लेखक : डॉ संजीव विद्यार्थी, प्रोवोस्ट, अनंत नेशनल यूनिवर्सिटी


टैग्स
सम्बंधित खबरें

कविता में एक शोकगीत: मेरे मित्र और बैचमेट, हेमचंद सिरोही, IAS

केजे अल्फोंस लिखते हैं, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और बिहार के पूर्व राज्य चुनाव आयुक्त के रूप में, हेमचंद सिरोही को प्रशासनिक कुशलता, जन-केंद्रित शासन और जनसेवा में योगदान के लिए व्यापक सम्मान प्राप्त था. उनके योगदानों में महाबोधि मंदिर को यूनेस्को की विश्व धरोहर की मान्यता दिलाना और जमीनी स्तर पर विकास की पहल शामिल थीं.

4 days ago

दो दुनियाओं के बीच जिंदगी: उथल-पुथल भरे समय की चुनौती

लेखक के अनुसार, हमारे आसपास की दुनिया उतनी नहीं बदली है, जितनी हमारे दिमाग के भीतर की दुनिया बदल गई है. लगातार आती खबरों, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पैदा होने वाली चिंताओं के इस दौर में चुनौती है अपना ध्यान फिर से अपने नियंत्रण में लेना और उन चीजों पर फोकस करना, जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं.

4 days ago

कलाकार की अनंत रेखाएं: जोगेन चौधरी को श्रद्धांजलि

87 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले प्रख्यात कलाकार अपने पीछे ऐसी विशिष्ट कला छोड़ गए हैं, जो उनकी खास क्रॉस-हैचिंग शैली, असामान्य रेखाओं और गहराई से मानवीय चित्रों के लिए पहचानी जाती है.

5 days ago

समुद्र मंथन का अर्थशास्त्र: समृद्धि के लिए विरोधी शक्तियों की जरूरत क्यों है

लेखिका प्रियंका शर्मा कैंतुरा इस लेख में बताती हैं कि देवताओं, असुरों और लक्ष्मी के प्राकट्य की प्राचीन कथा प्रतिस्पर्धा, सहयोग और धन सृजन के बारे में क्या सीख देती है.

1 week ago

जेमी बीटन: असाधारण दिमाग और अरबों डॉलर के कारोबार के पीछे ज्योतिषीय गणना

क्रिमसन एजुकेशन के संस्थापक की शैक्षणिक महत्वाकांक्षा, उद्यमशीलता में उभार और 2027 की संभावनाओं का ज्योतिषीय विश्लेषण

1 week ago


बड़ी खबरें

दिल्ली में 1 नवंबर से BS-6 से पुराने वाहनों की नो एंट्री, जानें किन गाड़ियों को मिलेगी छूट

इस फैसले का असर दिल्ली से सटे हरियाणा के शहरों से आने वाले वाहनों पर भी पड़ेगा. खासतौर पर गुरुग्राम और फरीदाबाद से दिल्ली आने वाले वाहन चालकों को इस नियम का ध्यान रखना होगा.

1 day ago

सरदार पटेल के विचारों पर आगे बढ़ रहा भारत, रक्षा उत्पादन 1.80 लाख करोड़ रुपये के पार: राजनाथ सिंह

सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर भारत-भारती ने दिल्ली में आयोजित किया राष्ट्रीय समारोह, रक्षा मंत्री ने कहा- राष्ट्रीय एकता और अखंडता को चुनौती देने वाली ताकतों के खिलाफ देश एकजुट रहेगा

18 hours ago

तमिलनाडु में 5 लाख से अधिक ग्रामीण घरों को मिलेगा ब्रॉडबैंड कनेक्शन, केंद्र ने दी सब्सिडी को मंजूरी

संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत तमिलनाडु के 4,767 गांवों तक मांग के आधार पर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी. केंद्र की वित्तीय सहायता से ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट नेटवर्क का विस्तार और डिजिटल सेवाओं तक पहुंच आसान होगी.

1 day ago

सोना 4,200 रुपये और चांदी 10 हजार रुपये टूटी, एक साल के निचले स्तर पर पहुंचे भाव; जानें गिरावट की वजह

MCX पर चांदी करीब 5 फीसदी और सोना 3 फीसदी तक टूट गया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई.

1 day ago

IDBI बेच रही थी LIC, उसी दौरान Fairfax की कंपनी के बोर्ड में भी रहे LIC के निदेशक

पूर्व नीति आयोग प्रमुख, RBI के डिप्टी गवर्नर, SEBI बोर्ड के सदस्य, रक्षा सचिव और LIC के चेयरमैन जैसे सार्वजनिक पदों पर रह चुके लोगों को Fairfax की भारतीय कंपनियों ने अपने साथ जोड़ा.

1 day ago