✕

होम / एक्सपर्ट ओपिनियन / BW Marketing: कंज्यूमर्स के साथ विश्वास की डोर मजबूत करने से बनेगी बात

BW Marketing: कंज्यूमर्स के साथ विश्वास की डोर मजबूत करने से बनेगी बात

'भारत में कंज्यूमर कंसर्न लाइफस्टाइल ओरिएंटड हैं. उदाहरण लिए, प्रदूषण, शिक्षा आदि. जो दर्शाता है कि भारत में चिंताएं जीवनस्तर को बेहतर बनाने से जुड़ी हैं'. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

BW Businessworld द्वारा Marketing White Book Summit के 8वें संस्करण का आयोजन किया जा रहा है. इसमें मार्केटिंग सेक्टर की दिग्गज हस्तियां शिरकत कर रही हैं. इस दौरान, 'नॉलेज एड्रेस: स्टेट ऑफ यूनियन - The rise and rise of consumer optimism in 2023' पर GfK - NiQ Company के मैनेजिंग डायरेक्टर निखिल माथुर ने अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने बताया कि लोकल और ग्लोबल लेवल पर कंज्यूमर कंसर्न यानी ग्राहकों की चिंताएं कितनी अलग होती हैं. माथुर ने मार्केटिंग प्रोफेशनल्स को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें ग्राहकों के बीच विश्वास निर्मित करने पर जोर देना चाहिए.    

Disruption से गुजर रही दुनिया
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए निखिल माथुर ने कहा - दुनिया इस समय बड़े disruption से गुजर रही है. इससे लाइफस्टाइल, परमानेंट शिफ्ट और बिहेवियर में काफी बदलव आ रहा है. और इन सभी बदलावों में एक अच्छी बात ये है कि भारत शाइनिंग स्टार की तरह सामने आ रहा है. जब मैं ये सब बातें कर रहा हूं तो कुछ फैक्टर हैं जो कंज्यूमर बिहेवियर को प्रभावित करते हैं. यहां मौजूद बहुत से मार्केटियर के पिछले दो महीने काफी व्यस्त रहे हैं, दिवाली और क्रिकेट वर्ल्ड कप. और अब समय यह रिफ्लेक्ट करने का है कि कंज्यूमर बिहेवियर में कौनसे बदलाव आ रहे हैं और हम उनके बारे में क्या कर सकते हैं. माथुर ने कहा कि दुनियाभर के विभिन्न ग्राहकों की सामान्य चिंताएं के बारे में कुछ चीजें हैं जिन पर ध्यान देने की जरूरत है.

भारत में अलग हैं चिंताएं 
GfK - NiQ Company के मैनेजिंग डायरेक्टर निखिल माथुर ने कहा कि हमारी फर्म ग्राहकों का मिजाज जानने के लिए ग्लोबल रिसर्च करती है. साथ ही इससे यह भी पता चलता है कि ग्राहकों के लिए कौनसी चीजें महत्वपूर्ण हैं. वैश्विक रूप से जब हम डेवलपिंग मार्किट और अन्य चीजों को देखते हैं, तो लोगों की जो सामान्य चिंताएं हमारे सामने आती हैं, वो होती हैं - क्या हमें नौकरी मिलेगी, क्या मंदी मुझे प्रभावित करेगी, मैं अपनी व्यक्तिगत चीजों की देखभाल कैसे करूं आदि. लेकिन जब हम भारत की बात करते हैं तो यहां कंज्यूमर की चिताएं अलग हैं. भारत में कंज्यूमर कंसर्न लाइफस्टाइल ओरिएंटड हैं. उदाहरण लिए, प्रदूषण, शिक्षा आदि. जो दर्शाता है कि भारत में चिंताएं जीवनस्तर को बेहतर बनाने से जुड़ी हैं. 

Technology Disruption का बड़ा प्रभाव
माथुर ने कहा - यदि हम कंज्यूमर कॉन्फिडेंस की बात करें, तो यहां विकसित और विकाशशील देशों में एक बड़ा अंतर दिखाई देता है. भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्था इसे लेकर बेहद आशावादी है कि अगले 12 महीने कैसे रहेंगे. और मेरे ख्याल से यह पॉइंट ऑफ हॉप है और प्रत्येक मार्किटियर के लिए यह समझना बेहद महत्वपूर्ण है कि चीजें कैसे बदलती हैं. अपनी बातों को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा - कई बाहरी ताकतें हैं जो परिभाषित करती हैं कि कंज्यूमर हैबिट कैसे आकार लेती हैं. इन बाहरी ताकतों में सबसे मजबूत है Technology Disruption. इसका सबसे गहरा प्रभाव होता है और लंबे समय तक कायम रहता है. अपनी बात को समझाने के लिए निखिल माथुर ने आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों से पूछा - आप में से कितने लोग हैं, जो सुबह उठते ही सबसे पहला अपना मोबाइल देखते हैं? आप में से कितनों ने Blinkit पर ऑर्डर किया है? पिछले एक हफ्ते में आप में से कितनों ने Zomato या स्विगी से फूड ऑर्डर किया है? इसके बाद उन्होंने कहा - कुछ वक्त पहले तक ये संभव नहीं था, तो यही बदलाव टेक्नोलॉजी ला रही है. 

कंज्यूमर्स के लिए क्या है महत्वपूर्ण?
कंज्यूमर्स के लिए क्या महत्वपूर्ण है और आप कैसे टारगेट किया जा सकता है? इस पर बोलते हुए माथुर ने कहा - कुछ ऐसे एलिमेंट हैं जिन पर मार्केटियर को ध्यान देने की जरूरत है. उदाहरण के तौर पर सुरक्षा. पहले और अब के माहौल में काफी बदलाव आया है. आजकल ग्राहकों में गोपनीयता को लेकर कई तरह की चिंताएं हैं, लिहाजा मार्केटियर्स को चाहिए कि ग्राहकों की चिंताओं को दूर करके उनके अन्दर सुरक्षा की भावना उत्पन्न की जाए. ग्राहकों को यह विश्वास दिलाना होगा कि उनका डेटा, उनकी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह सुरक्षित हैं. आज ग्राहक चाहते हैं कि कंपनियां उनके लिए कुछ अलग करें, तो उनकी पसंद को ध्यान में रखते हुए कुछ पर्सनलाइज्ड किया जा सकता है. मार्केटियर्स को यह समझना चाहिए कि मौजूदा दौर के कंज्यूमर डिमांडिंग हैं, यदि आप कहीं चूके, तो वे तुरंत पकड़ लेंगे. माइंड, बॉडी, सोल ग्राहकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है, इन पर ध्यान देने वाले ब्रैंड उन्हें पसंद आते हैं. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

कविता में एक शोकगीत: मेरे मित्र और बैचमेट, हेमचंद सिरोही, IAS

केजे अल्फोंस लिखते हैं, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और बिहार के पूर्व राज्य चुनाव आयुक्त के रूप में, हेमचंद सिरोही को प्रशासनिक कुशलता, जन-केंद्रित शासन और जनसेवा में योगदान के लिए व्यापक सम्मान प्राप्त था. उनके योगदानों में महाबोधि मंदिर को यूनेस्को की विश्व धरोहर की मान्यता दिलाना और जमीनी स्तर पर विकास की पहल शामिल थीं.

5 days ago

दो दुनियाओं के बीच जिंदगी: उथल-पुथल भरे समय की चुनौती

लेखक के अनुसार, हमारे आसपास की दुनिया उतनी नहीं बदली है, जितनी हमारे दिमाग के भीतर की दुनिया बदल गई है. लगातार आती खबरों, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पैदा होने वाली चिंताओं के इस दौर में चुनौती है अपना ध्यान फिर से अपने नियंत्रण में लेना और उन चीजों पर फोकस करना, जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं.

5 days ago

कलाकार की अनंत रेखाएं: जोगेन चौधरी को श्रद्धांजलि

87 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले प्रख्यात कलाकार अपने पीछे ऐसी विशिष्ट कला छोड़ गए हैं, जो उनकी खास क्रॉस-हैचिंग शैली, असामान्य रेखाओं और गहराई से मानवीय चित्रों के लिए पहचानी जाती है.

6 days ago

समुद्र मंथन का अर्थशास्त्र: समृद्धि के लिए विरोधी शक्तियों की जरूरत क्यों है

लेखिका प्रियंका शर्मा कैंतुरा इस लेख में बताती हैं कि देवताओं, असुरों और लक्ष्मी के प्राकट्य की प्राचीन कथा प्रतिस्पर्धा, सहयोग और धन सृजन के बारे में क्या सीख देती है.

1 week ago

जेमी बीटन: असाधारण दिमाग और अरबों डॉलर के कारोबार के पीछे ज्योतिषीय गणना

क्रिमसन एजुकेशन के संस्थापक की शैक्षणिक महत्वाकांक्षा, उद्यमशीलता में उभार और 2027 की संभावनाओं का ज्योतिषीय विश्लेषण

1 week ago


बड़ी खबरें

शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,233 अंक उछला; निवेशकों की दौलत में ₹8 लाख करोड़ का इजाफा

सोमवार, 2 नवंबर को बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में जोरदार तेजी दर्ज की गई. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 75,692 और निफ्टी 23,440 के स्तर को पार कर गए. दोनों प्रमुख सूचकांक लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए.

7 hours ago

कैंसर की 543 दवाएं होंगी सस्ती, 9 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें; मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

इस व्यवस्था के तहत कई प्रमुख कैंसर दवाओं की कीमतों में कमी की गई है. इनमें 20 से अधिक प्रकार के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली इम्यूनोथेरेपी दवाएं शामिल हैं.

8 hours ago

विदेशी और MF निवेशकों को मिल सकती है टैक्स राहत, सेबी ने सरकार को भेजा प्रस्ताव

इस प्रस्ताव का उद्देश्य निवेशकों को म्यूचुअल फंड में निवेश बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना है. मौजूदा व्यवस्था में एक स्कीम से दूसरी स्कीम में स्विच करने को यूनिट्स की बिक्री माना जाता है और इस पर लागू नियमों के अनुसार कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है.

10 hours ago

AAAI ने बनाई मीडिया काउंसिल, WPP, ओमनीकॉम, पब्लिसिस, हवास और मैडिसन के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल

भारतीय विज्ञापन एजेंसियों का संगठन AAAI मीडिया इंडस्ट्री के सामने उभरती चुनौतियों पर चर्चा और आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए नई मीडिया काउंसिल बनाएगा. ओमनीकॉम मीडिया के कार्तिक शर्मा को काउंसिल का अध्यक्ष बनाया गया है.

12 hours ago

मार्च 2027 तक 6.75-7% तक आ सकती है 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड: SBI रिसर्च

SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, अगर RBI रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 6 फीसदी तक पहुंचा देता है, तब भी 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6.75 से 7 फीसदी के दायरे में रह सकती है.

13 hours ago