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एक कर्मचारी की गलती और Walmart को $44 लाख की चपत, जानिए पूरा मामला

माइकल मैनगम नाम के इस अश्वेत व्यक्ति को 4 लाख डॉलर नॉन इकोनॉमिक डैमेज और 40 लाख डॉलर दंड के रूप में दिए गए.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

नई दिल्ली: Walmart को उसके एक कर्मचारी की हरकत की कीमत 44 लाख डॉलर का हर्जाना देकर चुकानी पड़ी. दरअसल पोर्टलैंड, ओरेगन (Oregon) में एक जूरी ने वॉलमार्ट को आदेश दिया कि एक अश्वेत व्यक्ति को 44 लाख डॉलर का हर्जाना दे. उस अश्वेत व्यक्ति ने एक मुकदमे में दावा किया था कि एक श्वेत (White) वॉलमार्ट कर्मचारी ने खरीदारी करते समय उसे नस्लीय रूप से प्रोफाइल किया और झूठे आरोपों लगाकर कानूनी दांव पेंच में फंसाने की कोशिश की.

आखिर हुआ क्या था

माइकल मैनगम नाम के इस अश्वेत व्यक्ति को 4 लाख डॉलर नॉन इकोनॉमिक डैमेज और 40 लाख डॉलर दंड के रूप में दिए गए. ये जानकारी उनके वकील ने दी है. खबरों के मुताबिक दरअसल, मामला 26 मार्च 2020 का है, जब 59 साल के मैनगम ओरेगॉन में अपने फ्रिज का लाइट बल्ब लेने के लिए Walmart स्टोर गए. उन्होंने ध्यान दिया कि वॉलमार्ट का एक कर्मचारी जो विलियम्स (Joe Williams) लगातार उन पर नजर बनाए हुए है. मैनगम ने इस बात पर आपत्ति जताई उन्हें लगा कि ऐसा उनके अश्वेत होने की वजह से हो रहा है. कर्मचारी ने मैनगम से कहा कि वो स्टोर से बाहर निकल जाए, लेकिन मैनगम ने इनकार कर दिया. मैनगम ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है. 

इस पर कर्मचारी विलियम ने कहा कि अगर वो स्टोर से बाहर नहीं जाते हैं तो वो पुलिस को बुला लेगा और वो उनसे कहेगा कि मैनगम ने उन्हें चेहरे पर मारने की धमकी दी है. खबर के मुताबिक Multnomah County के पुलिस अधिकारी वॉलमार्ट स्टोर पहुंचते हैं, लेकिन मैनगम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते. क्योंकि जिस कर्मचारी ने पुलिस को बुलाया था, उसका पहले भी कई झूठी रिपोर्ट्स पुलिस को दर्ज कराने का इतिहास है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब वो वहां पहुंचे तो उन्हें फोन करने वाले कर्मचारी की बातों में कुछ ठोस नहीं मिला, इसके पहले भी वो ऐसी कॉल्स कर चुका था. 

वॉलमार्ट कर्मचारी पर आरोप
मैनगम ने अपने केस में आरोप लगाया था कि कर्मचारी का मकसद उनपर झूठे आरोप लगाकर कानूनी पचड़े में फंसाने की थी. मैनगम ने ये भी आरोप लगाया कि कर्मचारी के कॉल का मकसद उन्हें परेशान, अपमानित या शर्मिंदा महसूस कराने के साथ-साथ उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना था. कर्मचारी चाहता था कि मैनगम को किसी भी तरह वॉलमार्ट स्टोर से बाहर कर दिया जाए. केस में कहा गया है कि इस घटना की वजह से मैनगम को तकलीफ, शर्मिंदगी भय, अपमान, क्रोध और आक्रोश से गुजरना पड़ सकता है. 

मैनगम के वकील के मुताबिक - अगले दिन पुलिस अधिकारी ब्रायन व्हाइट अपने कुछ दूसरे अधिकारियों के साथ वॉलमार्ट के डायेरक्टर, असिस्टेंट मैनेजर से मिलते हैं और उन्हें बताते हैं कि उनका कर्मचारी झूठी शिकायतों के लिए पुलिस को फोन करता है. जैसे- कस्टमर से मारपीट या बहस, जबकि ऐसा कुछ होता नहीं है. इसके बावजूद वॉलमार्ट का स्टोर उसे कई महीनों तक नौकरी पर रखता है, लेकिन जुलाई 2020 को 35 डॉलर के सामान का गलत तरीके से रखरखाव का आरोप लगाकर नौकरी से निकाल देता है. इधर विलियम का कहना है कि उसने गलती से पुलिस को फोन लगा दिया था क्योंकि मैनगम ने उसे मारने की धमकी दी थी. मैनगम ने वॉलमार्ट के खिलाफ इस घटना लेकर केस ठोक दिया. जांच के बाद कोर्ट ने मैनगम के पक्ष में फैसला सुनाया

Walmart का बयान 
वॉलमार्ट का इस फैसले पर कहना है कि वह भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करता है, लेकिन ये फैसला "हद से ज्यादा है" है और सबूतों के आधार पर नहीं है. कंपनी के एक प्रवक्ता का कहना है कि माइकल मैनगम को वॉलमार्ट के एसेट प्रोटेक्शन द्वारा कभी नहीं रोका गया, उन्होंने हमारे सहयोगियों के साथ दखलअंदाजी की क्योंकि वे सर्वेक्षण कर रहे थे और फिर जब चोरी (shoplift) की पुष्टि हुई तो उन्हें रोका गया, बार-बार कहने के बाद उन्होंने जाने से इनकार कर दिया. प्रवक्ता ने बताया कि हम ट्रायल के बाद के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. 

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