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पोस्ट ऑफिस में भी सुरक्षित नहीं रहे डिपॉजिट, यहां के कर्मियों ने 8 साल में की 7 लाख की ठगी
मध्यप्रदेश के बारे में सबको पता है कि यह एक अजब प्रदेश है और यहां गजब चीजें होती रहती हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः मध्यप्रदेश के बारे में सबको पता है कि यह एक अजब प्रदेश है और यहां गजब चीजें होती रहती हैं. गुना जिले के राघौगढ़ में स्थित एक पोस्ट ऑफिस में 8 सालों से कई ग्राहकों के विभिन्न स्कीम्स में जमा की गई राशि का वहां पर तैनात कर्मचारियों ने गबन कर लिया है. कम से कम सात लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है.
पोस्ट ऑफिस की इन डिपॉजिट स्कीम में जमा करते हैं लोग
आमतौर पर पोस्ट ऑफिस में कई सारी डिपॉजिट स्कीम चलती हैं. बचत बैंक, आवर्ती जमा, सावधि जमा, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र, किसान विकास पत्र, सार्वजनिक भविष्य निधि, मासिक आय खाता योजना, सुकन्या समृद्धि खाते और वरिष्ठ नागरिकों की बचत योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से शहरी और ग्रामीण ग्राहकों की निवेश आवश्यकताओं को पोस्ट ऑफिस पूरा करते हैं.
यह है ठगी का पूरा मामला
राघौगढ़ उप डाकघर में तैनात चार डिप्टी पोस्ट मास्टर्स ने 2012 से 2019 के बीच कथित तौर पर 20 लोगों की गाढ़ी कमाई ठगी. खाते में पैसे जमा करने की बजाय उन्होंने इस पैसे को दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया. मानो इतना ही काफी नहीं था, उन्होंने युवाओं के नाम पर नकली कर्ज लिया. मामला सामने आने पर चारों कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
प्रधान डाकघर के निरीक्षक ने दर्ज कराई एफआईआर
गुना अनुमंडल प्रधान डाकघर निरीक्षक धीरज कुमार साकेत ने राघौगढ़ उप डाकघर में कार्यरत कर्मचारियों के खिलाफ सरकारी धन के गबन के आरोप में राघौगढ़ थाने में आवेदन दिया है. साकेत ने बताया कि राघौगढ़ उप डाकघर के तत्कालीन उप डाकपाल चक्रेश कुमार जैन अपनी नौकरी से सेवानिवृत्त हो गए हैं. वह 29 नवंबर 2018 से 29 अक्टूबर 2019 के बीच राघौगढ़ में डिप्टी पोस्टमास्टर के पद पर तैनात थे. उन्होंने डाक सहायक मुकेश सिंह पटेल के साथ मिलकर पांच खातों से 2.18 लाख रुपये की ठगी की.
इसी तरह 28 जून 2016 से 10 जून 2017 तक डिप्टी पोस्टमास्टर के पद पर तैनात अजय कुमार भगत ने भी चार खातों से धन का गबन किया. इन खातों से फर्जी तरीके से 90 हजार रुपये निकाले गए. 2012 से 2016 और 2016 से 2019 तक डिप्टी पोस्टमास्टर के पद पर तैनात वाईएस कुशवाहा ने भी नौ खातों से चार लाख रुपये से अधिक का गबन किया.
बर्खास्त किए दो कर्मचारी
डाक अधीक्षक साकेत ने बताया कि मामले में शामिल चार आरोपियों में से दो- चक्रेश जैन और वाईएस कुशवाहा सेवानिवृत्त हो चुके हैं और मुकेश पटेल को विभागीय जांच के बाद नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है. प्रधान डाकघर में वर्तमान में केवल अजय कुमार भगत कार्यरत हैं।
ऐसे दिया ठगी को अंजाम
आरोपी ने बड़ी चतुराई से इस गबन को अंजाम दिया। यहां तक कि जमाकर्ताओं की पासबुक से पता चला कि उनके खाते में पैसा जमा हो गया था, वास्तव में ऐसा नहीं था. इसी तरह, आरोपी वास्तविक जमाकर्ताओं के खातों से धोखाधड़ी कर पैसे निकाल लेता था, जिसमें आरोपी ने पैसे जमा किए थे. दूसरी ओर, आरोपियों ने फर्जी खाते खोलने के लिए लोगों द्वारा जमा कराए गए दस्तावेजों का इस्तेमाल अपने नाम से कर्ज लेने के लिए किया.
धोखाधड़ी का खुलासा कैसे हुआ
कई खाताधारकों को धोखाधड़ी के बारे में तब पता चला जब वे अपना पैसा निकालने गए और उन्हें बताया गया कि उनके खाते में पैसा नहीं है. वहीं दूसरी ओर जब लोगों के पास कर्ज की किस्त चुकाने के लिए वित्तीय एजेंसियों के फोन आने लगे तो उनके नाम से कर्ज के बारे में पता चला. जिन लोगों ने सुकन्या योजना के तहत अपनी बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पैसा जमा किया था, उनके खातों में भी पैसा कम आया.
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